फेसबुक पर मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जेएनयू द्वारा अपलोड की गई 14 दिसंबर 2019 की वीडियो है। जिसमें शर्जील सीएए के ख़िलाफ़ लोगों को कहता नजर आ रहा है कि उनकी संपत्तियाँ जब्त कर ली जाएँगी और उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। इसके अलावा 40 सेकेंड की वीडियो में वो कुरान का हवाला दे देकर बताने की कोशिश कर रहा है कि आखिर किस तरह कुरान, संविधान से ऊपर हैं।
इत्तेहाद उलेमा ए हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा है कि आम तौर पर जनवरी को ही नए साल के रूप में मनाया जाता है। लेकिन इस्लामी नजरिए के एतबार से इस्लाम का नया साल मोहर्रम से शुरु होता है और इस्लाम के अंदर मोहर्रम को ही नया साल माना जाता है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बुजुर्ग को चारों ओर से घेर रखा था और उसे खरी-खोटी सुना रहे थे। इस दौरान वहाँ उपस्थित कई लोग तमाशबीन बन कर देखते रहे। अंत में महिला ने स्याही भरी बोतल निकाली और बजुर्ग के सिर और गले पर उड़ेल दिया।
अगर सच में बैंडेज पहनने का शौक है तो उपद्रवियों के लिए दो विकल्प हैं। पहला विकल्प ये है कि वो यूपी में जाकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस उनकी ऐसी मरम्मत करेगी कि वो ख़ुद असली मरहम-पट्टी के साथ लौटेंगे। लेकिन हाँ, वो फिर सड़क पर उतर कर 'ड्रामा खेलने' की हिम्मत शायद ही जुटा सकें।
वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर फ़ॉर सिटीजन (NRC) लागू नहीं किया जाएगा.......
TMC द्वारा पोस्टर लगाए गए थे जिसमें दावा किया गया था कि CAA और NRC को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी CAA और NRC के ख़िलाफ़ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कम से कम चार मौकों पर सड़क पर उतरीं।
कोटा में एक महीने के भीतर 77 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से एक सप्ताह के भीतर 12 शिशुओं की मौत हुई। पिछले एक साल में 940 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मुख्यमंत्री गहलोत से "संवेदनशील" मुद्दे से निपटने का आग्रह किया है।
ये कहानी है एक 14 साल की हिन्दू लड़की तन्वी और उसके मुस्लिम बॉयफ्रेंड आलम की। दोनों के एक-दूसरे के घर आना-जाना होता है। इसमें गड़बड़ियाँ तब शुरू हुईं, जब उसके बॉयफ्रेंड के घरवालों ने तन्वी और आलम को एक कमरे में अकेला छोड़ दिया।
आज भाजपा का विरोध कर रहा अखिल कभी कॉन्ग्रेस को वोट न देने की अपील करता था। असम और अरुणाचल प्रदेश में बाँध प्रोजेक्ट्स को बंद कराने के लिए अखिल गोगोई ने लोगों को जम कर भड़काया था। उसके कारण नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कारपोरेशन (NHPC) के कई डैम प्रोजेक्ट्स में रुकावट आई थी।
इन 10 चेहरों को देख लीजिए। इन्होंने 2019 में नकारात्मकता, जातिवाद, डर और तानाशाही का कारोबार किया है। ऑपइंडिया लेकर आया है उन 10 लोगों के नाम, जिन्होंने पूरे 2019 में केवल बुरे कारणों से ही सुर्खियाँ बनाईं। कइयों को जनता ने इस साल करारा सबक सिखाया।