कुछ पूर्व सांसदों ने कहा था कि उनके बच्चे दिल्ली में पढ़ रहे हैं, इसलिए वे सरकारी आवास खाली नहीं कर सकते। कुछ पूर्व सांसदों ने अपने किसी परिवारजन के स्थानीय अस्पताल में भर्ती होने का बहाना बनाया था। कुछ अन्य पूर्व सांसदों ने कहा था कि वे दिल्ली में कहीं और आवास नहीं ढूँढ पा रहे हैं।
मुंबई मेट्रो ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता है। उसने साफ़ किया कि आरे मिल कॉलोनी क्षेत्र में अब एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। हालाँकि, काटे गए पेड़ों, लड़कियों व अन्य चीजों को वहाँ से साफ़ करने और हटाने का काम अनवरत चालू रहेगा।
इमरान खान नया पाकिस्तान बनाने का वादा कर सत्ता में आए थे। अब पाकिस्तान डूबने की कगार पर है। अर्थव्यवस्था के बुरे हाल हैं। महॅंगाई रिकॉर्ड तोड़ रही है। सो, लोग सरकार से सवाल पूछ रहे और इन सवालों ने पाकिस्तानी पीएम को परेशान कर दिया है।
इसी साल जून में वित्त मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 1980 से लेकर साल 2010 के बीच भारतीयों ने 246.48 अरब डॉलर से लेकर 490 अरब डॉलर के बीच काला धन देश के बाहर भेजा था।
जैश को नेशनल हाइवे पर हमला करने, लश्कर को सुरक्षा बलों और उनके कैम्पों को निशाना बनाने और हिज़्बुल को राजनेताओं व सुरक्षा बलों पर हमले का टास्क दिया गया है। पाकिस्तानी फ़ौज और आईएसआई के इशारे पर ऐसा किया गया है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने दावा किया कि कॉन्ग्रेस आलाकमान हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नीचे जा रही है। कोई उसे बचा नहीं सकता, क्योंकि पार्टी ख़ुद लड़ाई लड़ने के लिए तैयार नहीं है।
नुसरत ने उलेमा के बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह विवादों पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्हें जो सही लगता है वह करती हैं। नुसरत ने कहा कि बंगाल में सभी लोग एक परिवार की तरह दुर्गा पूजा मनाते हैं।
घरेलू ऋण को चुकता करने के लिए कंपनी अपनी संपत्तियों को बेचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 205 मेगावाट के सोलर प्लांट की ब्रिकी से 1,300 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। 80 मेगावाट पावर प्लांट सहित अन्य संपत्तियों की ब्रिकी को लेकर भी बातचीत चल रही है।
इसी रेल खंड पर फ़रवरी 2019 में जब 'वन्दे भारत' का ट्रायल किया जा रहा था तो उस पर भी पत्थर फेंके गए थे। उस घटना में ट्रेन का साइड विंडो क्षतिग्रस्त हो गया था। मार्च में दोबारा यूपी के बदायूँ में इस ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई थी।
"ब्रिटिश राज के शुरुआत में भारत की अर्थव्यवस्था सम्पूर्ण वैश्विक इकॉनमी का 23% थी। जब आज़ादी मिली तो यह मात्र 4% रह गई थी। ब्रिटेन का औद्योगीकरण भारत के डी-इंडस्ट्रियलाइजेशन पर आधारित था। ब्रिटिश भारत से कच्चा माल ले जाते और अपने देश में कपड़े बना पूरी दुनिया में माल कमाते थे।"