जैश और लश्कर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोल खुलने के कारण आईएसआई ने एक नए नाम से आतंकी संगठन तैयार किया है। इसका नाम अल-उमर-मुजाहिद्दीन (AUM) है। इसका अगुआ मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लातराम है।
शेखी बखारने के चक्कर में पाकिस्तानी रेल मंत्री को अपनी बेइज्जती करवाने की आदत रही है। वे भारत-पाकिस्तान के बीच एक-दो महीने में परमाणु युद्ध होने की भविष्यवाणी कर चुके हैं। उनका दावा है कि पाक के पास पाव, आधा पाव के एटम बम हैं।
लेफ्टिनेंट जेनरल केजेएस ढिल्लन ने बताया कि 6 अगस्त को पत्थरबाजों ने असरार खान को निशाना बनाया था। आज अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत के बाद श्रीनगर के कुछ इलाके में माहौल तनावपूर्ण है। एहतियात के तौर पर इलाके में फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कविता कृष्णन ने साहिल का नाम देखा और उसे मुस्लिम समझकर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया। इसके बाद कई लोगों ने कविता कृष्णन की खिंचाई करते हुए खबरों की पुष्टि कर लेने की नसीहत दी।
यह सर्वे, विनिर्माण, सेवाओं, संबद्ध कृषि, व्यापार और अन्य क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार सृजन की जानकारी एकत्र करने के लिए किया गया था। सर्वे शुरू होने से पहले लगभग 5 करोड़ व्यक्ति ऐसे प्रतिष्ठानों में कार्यरत थे, जिन्हें मुद्रा लोन का लाभ मिला था।
उत्तराखंड के बहुचर्चित विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग मामले में सीबीआई की तरफ से हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रारंभिक जाँच पूरी हो चुकी है और अब वो हरीश रावत के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती है।
25 वर्षीय अलादीन और 21 वर्षीय लड़की साथ पढ़ते थे। अलादीन और लड़की के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्रेम में तब्दील हो गई। अलादीन ने शादी कर मलेशिया ले जाने का झाँसा दे लड़की से संबंध बनाए। विहिप नेता के अनुसार ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने अपने इस विरोध-प्रदर्शन को 'कश्मीर फ्रीडम मार्च' का नाम दिया था। मार्च पार्लियामेंट स्क्वेयर से शुरू होकर भारतीय उच्चायोग की बिल्डिंग तक पहुँचा। मार्च का नेतृत्व यूके की लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने किया।
अस्पतालों, डॉक्टरों, उपकरणों और अन्य संसाधनों की घोर कमी का संकट दोतरफा है। फिर क्यों 75 फीसदी डॉक्टर जुबानी और 12 फीसदी शारीरिक हिंसा के शिकार? सरकारों की नाकामी का खीझ उन पर क्यों? इस गुस्से को सिस्टम से सवाल करने के लिए बचाकर रखिए।
"आप अपनी आस्था के साथ विश्वासघात कैसे कर सकते हैं? आपको इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि आपने ईश्वर की अवहेलना की है। मैं आपको श्राप देता हूँ कि..."