"हम बहुत डरे हुए हैं, यदि हमारे सामने कोई दिक्कत आती है तो क्या आप हमारे साथ खड़ी होंगी? उधर से फोन पर उन्होंने यह कहा लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं उनके साथ नहीं खड़ी हो सकी। भले ही शारीरिक रूप से नहीं लेकिन मानसिक रूप से हम उनके साथ हैं।"
"जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जो पुरानी व्यवस्था थी उसने वंशवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। महिलाओं, बच्चों व दलितों के साथ भेदभाव हो रहा था। अनुच्छेद 370 पर हमारे निर्णय का विरोध करने वालों से मेरा सवाल यह है कि अगर ये इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया?"
"बंगालियों या तमिल लोगों की तरह हम अपनी भाषा से प्रेम नहीं करते। हमें महानगरों में, मॉल्स में, कॉरपोरेट दफ्तरों में, मैथिली बोलने में शर्म आती है। यह हीन भावना हम मैथिली बोलने वालों ने खुद ही विकसित की है।"
सेना के सूत्रों के हवाले से ANI ने दावा यह भी किया है कि घुसपैठ में पाकिस्तानी सेना ने भी अपनी सैन्य चौकियों से भारी कवर फायरिंग देते हुए सहयोग किया था।
"मुझे डर है कि नाज़ी आर्यन श्रेष्ठतावाद जैसी हिन्दू श्रेष्ठतावाद की विचारधारा कश्मीर में ही नहीं रुक जाएगी; इसके चलते पूरे हिंदुस्तान में मुस्लिमों का दमन होगा, और अंत में पाकिस्तान निशाने पर होगा।"
पहलू खान की हत्या की वारदात में 9 आरोपित पकड़े गए, जिनमें से 2 नाबालिग हैं। इनमें से बुधवार को कोर्ट ने 6 आरोपितों पर फैसला सुनाया है। विपिन यादव, रविन्द्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार उर्फ धोलिया और भीम राठी को लेकर यह फैसला सुनाया गया है। जबकि, नाबालिग आरोपितों पर सुनवाई जुवेनाइल अदालत में की जा रही है।
सत्य पाल मलिक ने आरोप लगाया कि अपने साथ प्रतिनिधिमंडल लाकर राहुल गाँधी मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं। यही नहीं, उन्होंने इससे घाटी में उपद्रव फैलने और आम लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी होने की आशंका भी जताई।
जब सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है, तो यह 'एक्टिविस्ट' घाटी की एक नकारात्मक छवि बनाने में लगे हुए हैं। इसीलिए प्रेस क्लब ने उन्हें उन रिपोर्टों की रिलीज़ के लिए ज़मीन देने से मना कर दिया, जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती।