पाकिस्तान आर्मी प्रवक्ता ने कल शाम एक ट्वीट किया है, जिसमें वो कश्मीर को किसी भी तरीके से वापस लेने की बात करते हुए नजर आ रहे हैं। हालाँकि, गफूर द्वारा अभी यह स्पष्टीकरण देना बाकी है कि उन्होंने ये ट्वीट भाँग के नशे में किया था या घोड़े की लीद फूँक कर....
जम्मू-कश्मीर पर फैसला आने के बाद सक्रिय हुए पाकिस्तानी कलाकारों की सूची में आतिफ असलम, वीना मलिक, माहिरा खान जैसे कई नाम शामिल हैं। ये वह लोग हैं जिन्होंने नाम और शोहरत भारत से कमाई लेकिन जब बात अपने मुल्क की आई तो कर्मभूमि भारत पर शाब्दिक हमला करने से ये नहीं चूँके।
कभी वो सड़क किनारे खाना खाते हुए दिखे तो कभी पुलिस से बात करते हुए अपना अतीत याद करते हुए दिखे। जनता से सीधा संवाद कर उन्होंने सबका दिल जीत लिया। जम्मू कश्मीर में NSA अजीत डोभाल का एक अलग ही रूप दिखा। देखें वीडियो।
राज्य में स्थिति अभी संतोषप्रद है। बिजली और पानी से जुड़ी सेवाएँ सही से कार्य कर रही हैं और लोग रोजमर्रा की जरूरतों के सामान ख़रीदने के लिए घरों से निकल रहे हैं। सभी अस्पतालों में नियमित क्रियाकलाप चल रहे हैं।
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि इस बार कुल 35 बैठकें हुईं और 104.92 प्रतिशत कामकाज हुआ। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह 1952 के बाद सबसे स्वर्णिम सत्र रहा है। इसमें 134 फीसदी कामकाज हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि जब सरकार जम्मू कश्मीर की बात करती है तब वह न सिर्फ़ जम्मू, कश्मीर और लद्दाख बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की भी बात करती है। पाकिस्तान में इस निर्णय से बौखलाहट का माहौल है।
भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का प्रस्ताव पेश किया था।
मस्जिद के केयरटेकर शौकत अली की शरीफ मोहम्मद से दुश्मनी थी और बदले की भावना से उसे फँसाने के लिए उसने ऐसा किया। वह इस बात से नाराज था कि मोहम्मद उससे ज्यादा रुपए कमा रहा है।
आशंका जताई जा रही थी कि 370 के बहाने अलगाववादी और राज्य के नेता लोगों को भड़काने का काम कर सकते हैं। फिलहाल घाटी पूरी तरह शांत है। हालॉंकि अभी सुरक्षा बलों की तैनाती में कटौती के कोई संकेत नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद इन नेताओं की गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहाँ इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। साथ ही धारा 144 भी लागू है।