सुनवाई के दौरान जजों ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि क्या आपके पास इस बात को कोई सबूत हैं जिससे आप साबित कर सके कि राम जन्मभूमि की जमीन पर आपका कब्जा है? इसके जवाब में निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि 1982 में एक डकैती हुई थी, जिसमें उनके कागजात खो गए। इसके बाद जजों ने निर्मोही अखाड़ा से अन्य सबूत पेश करने को कहा।
"मेरे पास भी एक माँ है, पत्नी है और बेटी है। ऐसे में मुझे पता है कि महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। रविवार को जो दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ वह बारिश के पानी की वजह से नहीं बल्कि बिजली तार के लोहे के दरवाजे से सट जाने के कारण हुआ, जिसकी चपेट में माँ-बेटे आ गए।"
2016 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में इंटरव्यू कर डॉक्टरों की बहाली की थी। इसके अलावा पाकिस्तान के डॉक्टर्स अरब देशों में प्रैक्टिस करने जाते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए भी वहाँ का रुख करते हैं। अब उन्हें सऊदी छोड़ने को कहा गया है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी होने के बावजूद हाफिज सईद के पाकिस्तान में खुलेआम घूमते रहने की खबरें पहले भी आती रही हैं। भारत द्वारा कई बार सबूत दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान उस पर कार्रवाई करने से हिचकता रहा है।
पोस्टर पर शिवसेना सांसद संजय राउत का वो बयान लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था,”आज जम्मू और कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान लेंगे, पीओके लेंगे और मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे।”
तृणमूल और सीपीआई के अलावा एनसीपी के राष्ट्रीय दर्जे पर भी तलवार लटक रही है। अगर किसी पार्टी से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन जाता है तो वह एक ही चुनाव चिह्न पर पूरे देश में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रह जाती है।
हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें हिन्दू प्रतीक चिह्नों और देवी-देवताओं का अपमान किया गया। कुछ दिनों पहले इरशाद नामक व्यक्ति द्वारा शिवलिंग पर पेशाब करने की बात सामने आई थी।
मुराद ने कहा है कि मुफ़्ती और अब्दुल्ला ने देश की सरकार के ख़िलाफ़ जनता को भड़काते हुए 370 हटाने का विरोध किया। उनके मुताबिक, "इन नेताओं ने देश के अन्य राज्यों के लोगों के बीच दुश्मनी बढ़ाने की कोशिश की है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता चोट पहुँचाई है।"