सोनिया गाँधी ने शशि थरूर के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि उन्हें इस तरह का बयान सार्वजनिक तौर पर न देकर पार्टी के समक्ष रखना चाहिए था। सोनिया गाँधी के बयान के बाद से कई कॉन्ग्रेसी नेताओं ने थरूर की...
ED ने कार्ति की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने के लिए दिल्ली HC का दरवाजा खटखटाया है। इतना ही नहीं, ED सुप्रीम कोर्ट से पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाने की भी माँग कर रहा है। जाँच एजेंसी सुप्रीम कोर्ट में एक और अर्जी दाखिल करने जा रहा है।
पाकिस्तान के साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी मंत्री की जीभ 'कैसी जीभ लपलपाई' वाले टीवी एड की तरह लपलपाने लगी, उन्होंने डिटेल्स भेजने के लिए कहा। सैफ, जॉन और सलमान जैसे मर्द रॉ एजेंटों की फोटो के बाद आलिया भट्ट वाली फोटो...
"सऊदी के एक व्यक्ति ने एयरक्राफ्ट के मॉडल की जगह गलती से असली एयरक्राफ्ट्स ख़रीद ली। 329 मिलियन यूरो ख़र्च कर उसने ऐसा किया और बाद में कहा कि इतना मूल्य उचित है। अर्थात, उसने 2600 करोड़ से भी अधिक रुपए ख़र्च कर दिए।"
जज फ़ख़रुद्दीन ने हिंदुओं के बारे में कहा कि उनके पास ऐसी कोई ताक़त नहीं है जिससे वो दूसरे मजहब के सामने टिक सकें। उन्होंने कहा, "आप एक पिस्तौल के साथ आएँ। मैं यहीं हूँ। हर बात की ज़िम्मेदारी मैं लूँगा।"
केंद्रीय मंत्री किरण किरण रिजिजू ने ट्वीट कर कहा, “इस तरह के ब्रिटिश प्रबुद्ध वर्ग के बीच मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि इस धरती पर कैसे-कैसे लोग आ गए हैं। क्या आप लोगों को मैनेज करके हाउस ऑफ़ लॉर्ड के सदस्य बने हैं।”
जब्त की गई संपत्ति का स्वामित्व ब्राइट स्टार होटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है, जिसमें 34% शेयर अन्य कंपनी के नाम हैं, जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (BVI) में रजिस्टर्ड है। यह कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से संचालित होती है।
अमेज़न के जंगलों पर चिंता व्यक्त करने वाले कम्युनिस्टों ने माधव गाडगिल समिति की रिपोर्ट के ख़िलाफ़ कई प्रदर्शन किए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि पश्चिमी घाट के जंगलों को नुक़सान पहुँचाने के कारण केरल में पर्यावरणीय आपदाएँ आ सकती हैं।
DMK ने कमिश्नर से मरीदास की शिकायत की है क्योंकि वह सवाल पूछते हैं, ब्लॉग लिखते हैं, मोदी का समर्थन करते हैं और वीडियो बनाते हैं। सारे FOE वाले सोए हुए हैं। समझिए इस विवाद के बारे में और जानिए कौन हैं मरीदास? क्यों ट्रेंड हो रहा है #ISupportMaridhas ?
सारा का परिवार जैकोबाइट ईसाई है लेकिन ऑर्थोडॉक्स गुट उनके तरीके से अंतिम क्रिया-कर्म की प्रक्रिया नहीं होने देने पर अड़ गया। तनाव को देखते हुए परिवार ने मृतक के देह-दान का निर्णय करते हुए रिसर्च के लिए उसे मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया।