"मैंने पिछले साल नवंबर में मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस को समर्थन देकर उसके पक्ष में प्रचार किया था। संतों के समर्थन के बिना मध्यप्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार नहीं बन सकती थी। लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है।"
मोजर बिअर और उसके निदेशकों पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से फंड जारी कराने के लिए जाली दस्तावेजों का प्रयोग करने का आरोप है। कंपनी ने बैंक से अनुमति लिए बिना सहायक कंपनियों की ओर से 2051.87 करोड़ रुपए की कॉर्पोरेट गारंटी दी।
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक संदिग्ध केरल से बेंगलुरु में दाखिल हुए हैं और माना जा रहा है कि वे शहर के 'धार्मिक स्थानों' में छिपे हो सकते हैं। आतंकी हमले को लेकर इंटेलीजेंस इनपुट मिलने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित किया है।
पीड़िता ने बताया कि कार चला रहे वकील ने रिवर्स गियर में कार डालकर ट्रक के रास्ते से बचने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सके, क्योंकि ट्रक बिल्कुल उन्हीं की तरफ मुड़ गया और फिर उनकी कार को रौंद दिया। पीड़िता की हालत अभी भी नाजुक है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार का फैसला संवैधानिक प्रावधानों के तहत ''व्यापक अनुसंधान" के बाद लिया गया है और यह किसी भी कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है।
योगी सरकार ने भोग (प्रसाद) के लिए 800 रुपए प्रति माह बढ़ाया है। अयोध्या के डिविज़नल कमिश्नर ने कहा कि इस कदम को उच्चतम न्यायालय में चल रहे सुनवाई से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
ट्वीट में शेहला ने जम्मू-कश्मीर की हालत बेहद खराब होने का दावा करते हुए सशस्त्र बलों पर कश्मीरियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। सेना ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि असामाजिक तत्व और संगठन लोगों को भड़काने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे हैं।
"पाकिस्तानी सेना अभी कश्मीर मसले पर भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। सुस्त होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महँगाई का आम आदमी के जीवन पर त्रासद असर पड़ा है।"- ये शब्द किसी भारतीय नेता या अधिकारी के नहीं हैं। ये बयान है पाकिस्तान की सैन्य वैज्ञानिक आयशा सिद्दीका के।
इंस्पेक्टर अब्दुल सईद का भांजा मुजेसर थाने में एक मामले में नामजद था, उसे वो बाहर निकलवाना चाहता था। उसकी महिला मित्र का उसके ससुर के साथ प्रॉपर्टी को लेकर एक विवाद था, इस मामले में भी इंस्पेक्टर अब्दुल ने डीसीपी विक्रम कपूर पर...
एक उइगर छात्र मिस्र पढ़ाई करने गया। एक दिन उस छात्र अब्दुल मलिक अब्दुल अजीज को मिस्र की पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया, आँखों पर पट्टी बाँध दी। लेकिन जब उसकी आँखों पर से पट्टी हटाई गई तो वह चीनी अधिकारियों की हिरासत में था।