"यह न केवल एक मोटर व्हीकल एक्ट है, बल्कि यह एक सड़क सुरक्षा बिल है। मेरा मानना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस विधेयक का पारित होना उन लोगों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने दुर्घटनाओं में अपनी जान गँवाई।"
साल 2015 में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस केस की कमान CBI को सौंप दी थी। ऐसा करने के पीछे तर्क यह दिया गया था कि फारूक अब्दुल्ला का राज्य में काफ़ी दबदबा था और ऐसी संभावना थी कि राज्य पुलिस को इस मामले की जाँच में परेशानी हो सकती थी।
कॉन्ग्रेस नेता रावेश खान उर्फ बंटी ने नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में रावेश हार गए थे और उदयपाल यादव जीते थे। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी।
मुहम्मद मुहसिन की मौत की ख़बर उसके परिजनों को व्हाटसएप के ज़रिए मिली। वो संदेश मलयालम भाषा में लिखा था, “आपका भाई शहीद होना चाहता था। अल्लाह ने उसकी आकांक्षा के मुताबिक़ उसकी ख़्वाहिश पूरी कर दी। 10 दिन पहले हुए अमेरिकी सेना के ड्रोन में वो शहीद हो गया।”
पुलिस जैसे-तैसे युवक को छुड़ाकर जिला अस्पताल ले गई। घटना के बाद रात में भारी पुलिस ने आरोपितों के घर दबिश दी। मौके से कुछ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने 15 आरोपितों के खिलाफ प्राणघातक हमले सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
पाकिस्तान का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के दबाव में लिया गया है। इसे भारतीय कूटनीति के विजय के रूप में भी देखा जा रहा है। क्योंकि इससे पहले पाकिस्तान लगातार कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद देने से इनकार करता रहा है।
हनुमान मंदिर की कमिटी ने आदिल और शादाब को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब दोनों माथे पर टीका लगा मंदिर में घुस गए और वहाँ की मूर्तियों को तोड़ने लगे। लोगों ने बताया कि शक से बचने के लिए इन दोनों युवकों ने माथे पर टीका लगा रखा था, ताकि हिन्दू नहीं होने की पहचान से बच सकें।
इस मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हमने पीएम मोदी से कहा कि रियासत में कोई ऐसे कदम न उठाए जाएँ, जिससे वहाँ की स्थिति खराब हो। हमने 35-A और 370 का भी मामला उठाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की माँग की।"
पीड़िता के पिता हाजी जहूर ने सूरजपुर एसएसपी को लिखित शिकायत की है कि पीड़िता के ससुराल वाले पहले भी उसके साथ मारपीट करते थे। उसने इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।