पुलिस के पहुँचने से पहले ही यात्रियों ने सार्वजनिक रूप से आरोपित को पीटना शुरू कर दिया था। यह जानने पर कि पुलिस को बुलाया गया है, आरोपित मोहम्मद ख़ान दया की भीख माँगते हुए उस महिला के पैरों पर गिर गया।
पिछले 5 वर्षों में अर्थव्यवस्था और अन्य जटिल विषयों पर कॉन्ग्रेस की तरफ़ से मनमोहन सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। अतः, पार्टी उन्हें हर हाल में संसद में रखना चाहती है। तमिलनाडु में इसी महीने राज्यसभा की 6 सीटों के लिए मतदान होना है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले साज़िश के तहत यह अफवाह फैलाई गई कि एक मुस्लिम व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई है और उससे जबरदस्ती 'जय श्री राम' बुलवाया गया है। इस अफवाह के बाद मुस्लिम मॉब मंदिर में घुस आई और मूर्तियों को तोड़-फोड़ दिया।
एक ट्वीट में प्रियंका ने कहा, “हिंदी सिनेमा में इसी आस्था के लोगों ने सफलता के कई कीर्तिमान गढ़े हैं, क्या उन्हें धर्म के बारे में पता नहीं है? कुछ ने जायरा के फैसले की विनोद खन्ना के उस फैसले के साथ बराबरी की है। जब विनोद खन्ना ने कहा था कि उनका धर्म उनके करियर के चुनाव करने के दौरान आड़े आ रहा है?”
आनंद सिंह ने अपना इस्तीफ़ा ऐसे समय में दिया जब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी भारत में न होकर अमेरिका में हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अन्य विधायक भी उनके नक्शेक़दम पर चल सकते हैं।
शेख को निजी अंगों, आँखों और कानों में गंभीर चोटें आई हुईं थी। उसे मालदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एसएसकेएम अस्पताल में भेजा गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई।
14 फरवरी को हुए पुलवामा अटैक के बाद पूरे देश में जवानों के लिए डोनेशन में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल 18 जून तक ₹242.15 करोड़ की सहायता राशि मिल चुकी है। वीरों के लिए दिए जाने वाले डोनेशन में 12 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
राजस्थान में 5 पाँच दिन पहले मोनू पठान (इरफान) नाम के हिस्ट्री शीटर ने बंदूक की नोक पर नवविवाहित शोभा का अपहरण किया था। जिसके मद्देनजर शोभा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय पुलिस मामले में लापरवाही दिखाती रही।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रियंका शर्मा के भाई राजीब शर्मा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा है कि मई में उसके आदेश के तुरंत बाद प्रियंका शर्मा को रिहा क्यों नहीं किया गया?