अपने विरोध प्रदर्शन में खालिस्तानियों ने भारत-विरोधी नारे भी लगाए। इस दौरान उन्होंने भारतीय ध्वज को उखाड़ने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए। यह विरोध लंदन में भारतीय उच्चायोग के सामने हुआ।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और बीकानेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने अपने एक बयान में ये साफ कर दिया है कि भारत की तरफ से पाकिस्तान जाने वाला पानी रोक दिया गया है और उसे संरक्षित कर लिया गया है।
इसमें कोई दोराय नहीं कि मोदी सरकार न रामराज्य है और न ही उसकी वैचारिक भिन्नता के चलते आलोचना करना गलत या आपराधिक है, पर वामपंथी समाचार पोर्टलों ने मोदी-विरोध और देश-विरोध में कोई अंतर ही नहीं छोड़ा है।
अब शायद ही कोई गठबंधन से पूछे कि कहाँ गई समानता की बात? क्या केरल में पिछड़ों को आगे बढ़ाने की बात LDF भूल गई। यह सिद्धांत उसे केवल दूसरी पार्टियों के सन्दर्भ में ही नज़र आता है।
वह पिछले महीने दुनिया भर में उस समय सुर्खियों में छा गई, जब इस ‘ज़िहादी दुल्हन’ ने उसने सार्वजनिक रूप से ब्रिटिश सरकार से उसे वापस आने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद से तनाव के चलते पाकिस्तान में फल सब्जियों के लिए हाहाकार मच गया था क्योंकि ट्रकों की आवाजाही रुक गई थी। लेकिन, अब श्रीनगर से पाकिस्तान के कब्जे वाले चकोटी के बीच ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई है।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा, “पार्टी के कार्यकर्ता भी चाहते थे कि कॉन्ग्रेस इस तरह की बयानबाजी न करे।
आम लोग चाह रहे थे कि पूरे देश के लोगों को सेना के साथ खड़ा रहना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कॉन्ग्रेस जैसे भी हो, कहीं न कहीं गलत कदम उठा रही थी। सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही थी।”