रिपोर्ट

एक का विश्वास, दूसरे का अंधविश्वास: 5 जज, 6 वकील – SC में सबरीमाला पर दमदार दलील

कोई भी व्यक्ति जो अनुच्छेद 25 (2) (बी) के तहत पूजा करने का अधिकार रखता है, उसे देवता की प्रकृति के अनुरूप करना होगा।

गाँधी के पुतले पर गोली चलाने वाले पति-पत्नी गिरफ़्तार: जानिए वो 6 धाराएँ, जिनमें हुआ मुकदमा

पूजा ने महात्मा गाँधी के पुतले पर खिलौने वाली पिस्टल (एयर पिस्टल) से तीन गोलियाँ चलाई थीं। इस दौरान वहाँ खड़े लोगों ने 'गोडसे जिंदाबाद' के नारे भी लगाए और गाँधीजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया था।

मक़बूल शेरवानी: कश्मीर के रखवाले मुस्लिमों की कहानी (भाग 2)

मक़बूल शेरवानी के इस कृत्य को आज भी याद किया जाता है और बारामुला में भारतीय सेना ने उसका स्मारक भी बनवाया है। प्रसिद्ध उपन्यासकार मुल्कराज आनंद मक़बूल शेरवानी से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने उसके ऊपर एक उपन्यास लिखा जिसका शीर्षक था: Death of a Hero.

देवेंद्र फडणवीस और राधा मोहन से बैठक के बाद अन्ना संतुष्ट, अनशन ख़त्म

6 घंटे तक चली बैठक में दोनों बड़े नेताओं ने अन्ना की माँग को सुना और उन्हें लिखित आश्वासन भी दिया। अन्ना 7 दिनों से अपनी माँगों को लेकर अनशन पर बैठे थे।

ग्राउंड रिपोर्ट #3: दिल्ली की बीमार यमुना कैसे और क्यों प्रयागराज में दिखने लगी साफ?

सरकारी बयान के बाद मैंने कुंभ को एक पत्रकार के नजरिए से देखना शुरू कर दिया। मैं देखना चाहता था कि क्या वाकई में कुंभ में पहुँचने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अच्छी तैयारी की गई है या सबकुछ कागजी और हवा-हवाई है?

कोलकता पुलिस कमिश्नर के सियासी पैंतरे पर गृह मंत्रालय ने दिए अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश

यह झटका TMC के लिए तो प्रत्यक्ष तौर पर है, लेकिन परोक्ष तौर पर उन विपक्षी पार्टियों के लिए भी है, जो ममता के साथ धरना-पॉलिटिक्स को बढ़ावा दे रहे थे।

ट्विटर इंडिया को संसदीय पैनल ने नोटिस भेजकर लोगों के अभिव्यक्ति की आजादी के हनन पर जवाब माँगा

पार्लियामेंट द्वारा भेजे गए इस नोटिस में ट्विटर इंडिया को 11 फरवरी 2019 को दोपहर 3 बजे बोर्ड के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

बिहार में 3 मार्च को मेट्रो की आधारशिला रख सकते हैं PM मोदी

बिहार के शहरी विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा है कि नरेंद्र मोदी अगले महीने पटना मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रख सकते हैं।

पत्रकारिता के समुदाय विशेष के लोगो! मोदी के वीडियो से जलता है बदन क्या?

अगर वहाँ एक भी व्यक्ति था, चाहे वो कश्मीर का हो, या कहीं बाहर का, उसे देखकर मोदी ने अभिवादन किया तो इन पत्रकारों की देह में आग क्यों लग रही है?

CRPF ने फिर पेश की मिसाल, अपने ही खून के प्यासे नक्सली की रक्तदान से बचाई जान

मौके पर नक्सली के जान पहचान का कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस समय बड़ा सवाल यह था कि खूंखार नक्सली की जान बचाने के लिए खून कौन देगा?

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