महाकुंभ को बदनाम करने के प्रयास में अलग-अलग जगह की वीडियोज-फोटोज को शेयर किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी सूचना के लिए आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
उमर खालिद को बेल न मिल पाने की वजह सुप्रीम कोर्ट नहीं बल्कि वो खुद और उनके वकील कपिल सिब्बल का रवैया है जो 'फोरम शॉपिंग' के लिए मामले को एडजर्न कराते रहे।
जब तहव्वुर राणा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिल रहे थे कि उसने 26/11 हमले के साजिशकर्ता की मदद की, तब एनडीटीवी इस बात को दिखा रहा था कि राणा कैसे अल्लाह का बंदा है।