जामिया हिंसा के विडियो में से एक चेहरा पहचान (सूत्रों के अनुसार) लिया गया है। जिस शख्स का चेहरा वायरल हुआ है, उसका नाम मो. अशरफ भट है। यह जामिया में PhD का स्टूटेंड है। लेकिन फिलहाल गायब है। ऑनलाइन-ऑफलाइन, कहीं भी इसकी कोई जानकारी नहीं है।
"ये नई तरह की दिल्ली है जहाँ बिजली मुफ़्त, पानी मुफ़्त, आना मुफ़्त, जाना मुफ़्त... बीमार हुए तो एक करोड़ का इलाज भी मुफ़्त... मोर को नाचते देखकर लगा अगर मुफ़्त योजना अंग्रेज़ लाते तो ये मोर कभी आज़ाद नहीं होना चाहता।"
यह पहली बार नहीं है, या फिर इस प्रकार की रिपोर्टिंग करने वालों में बीबीसी ही अकेला नहीं है। बीबीसी की ही तर्ज पर दी लल्लनटॉप एक साल पहले इस तरह की रिपोर्ट शेयर कर चुका है। वैसे लल्लनटॉप एक बार हिटलर का लिंग भी नाप चुका है।
महिला आईपीएस ने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए, कोई नुकसान न पहुँचाने और शांति पूर्ण प्रदर्शन करने की हिदायत दी। इसके बाद ही कॉन्ग्रेस की महिला विधायक शकुंतला साहू वहाँ पहुँची, और आईपीएस अधिकारी को, "ठीक से रहो वर्ना औकात दिखा दूँगी" की धमकी दी।
शाहीन बाग सहित पूरी दिल्ली में लोगों ने पहचान पत्र दिखाते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने चुटकी ली कि जो लोग कागज दिखाने से इनकार करते हैं आज वह पहचान पत्र लेकर लाइन में लगे हैं।
'पेशवा वॉरियर ट्रंप' के कैप्शन वाले वीडियो में 'मल्हारी' गाने पर थिरक रहे रणवीर सिंह के चेहरे को ट्रंप के चेहरे से रिप्लेस कर दिया गया है। इस मीम वीडियो को किसी और ने नहीं बल्कि ट्रंप के बेटे ने फेसबुक पर शेयर किया है।
टीपूडा ने कई सारे कार्टून्स को सही (राजनीतिक रूप से) किया है, खासकर सतीश आचार्य द्वारा बनाए गए कार्टून्स। उन्होंने इन कार्टून्स को सही करते हुए बताया है कि कैसे ये ओरिजिनल कार्टून्स पक्षपाती हैं और सिर्फ एक ही पक्ष को दिखाते हैं।
सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार फिर गरम हो गया है। सूजे गाल के साथ एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केजरीवाल पहुॅंचे। उन्होंने इसकी वजह इंफेक्शन बताया। लेकिन, यूजर्स इसे अमानतुल्लाह से जोड़ रहे हैं।
मोदी-विरोध में डूबे कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य को आईना दिखाया है अमोल ने। CAA-NRC से लेकर तान्हाजी Vs छपाक और गोडसे-गाँधी से लेकर केजरीवाल-JNU तक - कार्टूनिस्ट सतीश के प्रोपेगेंडा को कार्टून से ही जवाब दिया है अमोल ने।
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”