एक यूजर ने लिखा कि हिन्दुओं को सेंसर बोर्ड से दबंग 3 फिल्म के सर्टिफिकेशन को रद्द करने की माँग करनी चाहिए। क्या फिल्म मेकर्स में इतनी हिम्मत है कि वो पादरियों या मौलवियों को इस तरह से नाचते हुए दिखा सके।
"70 फ़ीसद जो ग्रीन कवर था, वो कम हुआ, 10 सालो के अंदर। उसके नतीजे तो आने थे, क्योंकि दरख़्त हवा को साफ़ करते हैं, ऑक्सीजन देते हैं रात को। कार्बन डाइऑक्साइड को अबज़ोर्ब करते हैं"
महाराष्ट्र की राजनीति ने आज कइयों को हँसने का मौका दिया। राज्य में बदले राजनीतिक समीकरण के कारण ट्विटर पर कई चुटकुलों और मीम ने अपनी जगह बनाई, जमकर शेयर किए गए।
1. तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल है कि फ़िर भी तुम्हें यक़ीन नहीं 2. हम बुरे ही ठीक हैं, जब अच्छे थे तब कौन सा मेडल मिल गया था… ऐसे ही 17 शायरी-नुमा ट्वीट कर संजय राउत ने रायता फैला दिया था। लोग कह रहे हैं कि आज रायता महक गया 🙂
सोशल मीडिया पर जहाँ इस वीडियो को देखने के बाद लोग रेखा देवी का तरह-तरह से मजाक उड़ा रहे हैं तो वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में इसे रेखा देवी पर हुए हमला बताया जा रहा है।
वायरल हुए वीडियो में, महिला को अरबी भाषा में बोलते हुए सुना और देखा जा सकता है। एक जगह वो यह कहती हुई नज़र आती है, "अगर उसका अबाया सुंदर होता, तो मैं उसके साथ छेड़खानी करती।"
"प्रिय विशाल मोदी के प्रति घृणा ने आपको अंधा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आप हिदू विरोधी, हिंदुओं से घृणा करने वाले बन गए हैं, जिस वजह से आपको सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर पर फैसला असंतोषजनक लग रहा है। शर्म आनी चाहिए आपको।"
मीडिया के इस वर्ग की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि इसके लोग अपने से भिन्न विचार वाले इंसान को देखना तक नहीं चाहते। इनके मुताबिक मुख्यधारा की चर्चाओं में एक आम नागरिक के लिए कोई जगह नहीं है, चर्चा का यह मंच सिर्फ और सिर्फ इलीट क्लब के लोगों का एकाधिकार है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की खबर का ज़िक्र हुआ- यह सुनकर उनके कान खड़े हो गए।