Friday, July 10, 2020
Home फ़ैक्ट चेक मीडिया फ़ैक्ट चेक दलित नहीं बने मुसलमान: 'सूत्रों' के हवाले से फर्जी खबर छाप कर टाइम्स ऑफ...

दलित नहीं बने मुसलमान: ‘सूत्रों’ के हवाले से फर्जी खबर छाप कर टाइम्स ऑफ इंडिया फैला रहा प्रोपेगेंडा

रिपोर्टिंग के इस पूरे हास्यास्पद प्रकरण से गुजरने के बाद एक बार सोचिए कि 'द हिन्दू' से लेकर 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' जैसे संस्थानों द्वारा इस प्रकार की एकदम मनगढ़ंत खबरों को सनसनी बना देने से पहले इस खबर की एक बार पुष्टि कर पाना कितना मुश्किल था?

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

स्वयं को निष्पक्ष और क्रांतिकारी पत्रकारिता कहकर खुद ही अपनी पीठ थपथपाने वाले मुख्यधारा की मीडिया का खोखलापन अक्सर सामने आता रहता है। इस बार मीडिया में यह कारस्तानी कोई और नहीं बल्कि देश के कुछ प्रमुख समाचार चैनल्स कर रहे हैं।

सनसनी के उद्देश्य से किसी भी काल्पनिक घटना को हवा देना कोई लिबरल और कथित निष्पक्ष मीडिया गिरोह से सीख सकता है। ‘प्रोपेगैंडा परमो धर्मः’ को अगर कोई चरितार्थ करता है तो वह हमारे देश की मुख्यधारा की मीडिया ही है।

दरअसल, हाल ही में इंडिया टुडे ने धर्मांतरण से जुड़ी हुई एक ऐसी घटना को प्रकाशित किया था, जिसका ऑपइंडिया दिसंबर में ही फैक्ट चेक कर उसे फर्जी ख़बर साबित कर चुका था। लेकिन भारतीय मीडिया और उसका अतिरेक के प्रति लगाव कोई नई बात नहीं है, खासतौर पर तब, जब यह हिन्दू धर्म के लोगों में जातिगत भेदभाव बढ़ाकर उनमें दरार डालने के उद्देश्य से प्रसारित की जा रही हो।

यह भी पढ़ें: 3000 दलित नहीं अपनाएँगे इस्लाम, सब भगवान राम के भक्त: गाँव वालों ने खोली फर्जी संगठन की पोल, करेंगे FIR

‘इंडिया टुडे’ के बाद इस फर्जी खबर को अब ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ द्वारा अपने समाचार पत्र में छापा गया है। ख़ास बात यह है कि इस खबर को सिर्फ छाप देने के उद्देश्य से ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने बेहद सावधानी से लेकिन मूर्खतापूर्ण तरीके से पेश किया है।

कुछ दिन पहले ही ‘द हिन्दू’ और ‘इंडिया टुडे’ जैसे नामी मीडिया संस्थानों ने कुछ महीने पुरानी फर्जी ख़बर दोबारा प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया है कि तमिलनाडु के कोयम्बटूर में दीवार गिरने से 17 दलितों की मौत के बाद 430 दलितों ने इस्लाम अपना लिया है। दिसंबर में धर्मान्तरण की यह फेक ख़बर ख़ूब शेयर हुई थी। उस समय इन समाचार पत्रों द्वारा 3,000 लोगों के मजहबी धर्मान्तरण के आँकड़े दिए जा रहे थे।

‘इंडिया टुडे’ ने संगठन ‘तमिल पुलिगल कच्ची’ के हवाले से लिखा कि 430 दलितों ने इस्लाम अपना लिया है और कई अन्य इसी राह पर हैं। साथ ही ये भी लिखा गया कि क्षेत्र के दलितों ने भेदभाव की बात कही है। कुछ दलितों के बयान भी प्रकाशित किए गए हैं।

आज के टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस फर्जी खबर को एक बार फिर से प्रकाशित किया है। TOI ने हेडलाइन में लिखा है- “Outfit claims several Dalits converted to islam” जिसका अर्थ है- “सूत्रों के अनुसार कुछ दलितों ने इस्लाम में धर्मांतरण किया।”

इस हेडलाइन के साथ ही टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ‘सूत्रों का दावा’ जैसे अस्वीकरण को जोड़कर पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वो सिर्फ हवा में निशाना लगाने का प्रयास कर रहे हैं। मीडिया अक्सर इस तरह की कारस्तानी सस्ती चर्चा, बहस और लोकप्रियता कमाने के उद्देश्य से किया करती है। इनमें किसी भी चर्चा को हवा देकर प्रासंगिक बने रहने का सबसे आसान तरीका होता है कि खबर के साथ ‘सूत्र’ ‘मीडिया’ ‘रिपोर्ट्स’ जोड़ दिया जाए।

TOI की इस खबर को पूरा पढ़ने पर आप देखते हैं कि ‘हालाँकि, TOI इस दावे की पुष्टि नहीं कर पाया।’ आजकल यह ‘हालाँकि’ ही मुख्यधारा की निष्पक्षता का सबसे बड़ा हथियार बना हुआ है। इसी रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि तमिलनाडू के नाडूर गाँव में, जहाँ कि दीवारी ढह गई थी, किसी ने भी धर्मान्तरण नहीं किया है।

इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि नाडूर के ही लोगों ने कहा है- “हम भगवान पेरुमल में कट्टरता से विश्वास करते हैं और हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे।”

इस फर्जी और मनगढ़ंत खबर में यह साबित करने की कोशिश की गई थी कि सवर्णों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद ही इन दलितों ने इस्लाम अपनाने और धर्मांतरण का फैसला लिया था। फर्जी रिपोर्ट्स में कहा गया कि तमिलनाडू के नाडूर गाँव के शिवसुब्रमन्यम ने अपने पड़ोस में दलितों का घर न हो, इसलिए बीचों-बीच एक दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन दिसंबर 02, 2019 को बीच की दीवार गिरने की वजह से 17 दलितों की जान चली गई थी।

रिपोर्ट्स इस तरह के दावे भी करती नजर आती है कि धर्मांतरण कर चुके लोग डर के कारण यह बात स्वीकार नहीं करते हैं, इसलिए धर्मान्तरण के दावे वाहियात बताए जा रहे हैं।

रिपोर्टिंग के इस पूरे हास्यास्पद प्रकरण से गुजरने के बाद एक बार सोचिए कि ‘द हिन्दू’ से लेकर ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ जैसे संस्थानों द्वारा इस प्रकार की एकदम मनगढ़ंत खबरों को सनसनी बना देने से पहले इस खबर की एक बार पुष्टि कर पाना कितना मुश्किल था?

जब ऑपइंडिया जैसा एक छोटा सा मीडिया संस्थान इस प्रकरण की तह तक जाकर इसकी वास्तविकता पता कर सकता था, तो फिर बड़े और ‘निष्पक्ष मीडिया’ संस्थानों के विश्वसनीय रिपोर्टर्स ने आखिर इस घटना की प्रमाणिकता सिद्ध करने के बजाए सब कुछ ‘सूत्रों के’ सिर क्यों आरोपित करना ही बेहतर समझा?

दिसंबर में फेक न्यूज साबित हुई खबर को इंडिया टुडे ने वापस चलाया: दलितों ने नहीं अपनाया इस्लाम

3000 दलित नहीं अपनाएँगे इस्लाम, सब भगवान राम के भक्त: गाँव वालों ने खोली फर्जी संगठन की पोल, करेंगे FIR

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ख़ास ख़बरें

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे… 16 हिन्दुओं के नाम FIR में

आखिर साहिल परवेज ने तीन बार में तीन अलग-अलग बातें क्यों बोलीं? उसके पिता की हत्या घर के गेट के पास हुई या फिर बाबू राम चौक पर? उसे अस्पताल ले जाने वाला नितेश कौन है? साहिल अपने पिता को स्कूटी पर ले गया था, या उसका दोस्त शाहरुख?

रतन लाल की हत्या से पहले इस्लामी भीड़ ने 2 और पुलिसकर्मियों को बनाया था बंधक: दिल्ली दंगों की चार्जशीट

जिस भीड़ ने रतन लाल की निर्दयता से हत्या कर दी थी उसी इस्लामी भीड़ ने टेंट में दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया था।

प्रचलित ख़बरें

शोएब अख्तर के ओवर में काँपते थे सचिन, अफरीदी ने बिना रिकॉर्ड देखे किया दावा

सचिन ने ऐसे 19 मैच खेले, जिसमें शोएब पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। इसमें सचिन ने 90.18 के स्ट्राइक और 45.47 की औसत से 864 रन बनाए।

क्या है सुकन्या देवी रेप केस जिसमें राहुल गाँधी थे आरोपित, कोर्ट ने कर दिया था खारिज

राजीव गाँधी फाउंडेशन पर जाँच को लेकर कल एक टीवी डिबेट में बीजेपी के संबित पात्रा और कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ के बीच बहस आगे बढ़ते-बढ़ते एक पुराने रेप के मामले पर अटक गई जिसमें राहुल गाँधी को आरोपित बनाया गया था।

‘गुप्त सूत्रों’ से विकास दुबे का एनकाउंटर: राजदीप खोजी पत्रकारों के सरदार, गैंग की 2 चेली का भी कमाल

विकास दुबे जब फरार था, तभी 'खोजी बुद्धिजीवी' अपने काम में जुट गए। ऐसे पत्रकारों में प्रमुख नाम थे राजदीप सरदेसाई, स्वाति चतुर्वेदी और...

रवीश कुमार जैसे गैर-मुस्लिम, चाहे वो कितना भी हमारे पक्ष में बोलें, नरक ही जाएँगे: जाकिर नाइक

बकौल ज़ाकिर नाइक, रवीश कुमार हों या 'मुस्लिमों का पक्ष लेने वाले' अन्य नॉन-मुस्लिम... उन सभी के लिए नरक की सज़ा की ही व्यवस्था है।

हमने कंगना को मौका नहीं दिया होता तो? पूजा भट्ट ने कहा- हमने उतनों को लॉन्च किया, जितनों को पूरी इंडस्ट्री ने नहीं की

पूजा भट्ट ने दावा किया कि वो एक ऐसे 'परिवार' से आती हैं, जिसने उतने प्रतिभाशाली अभिनेताओं, संगीतकारों और टेक्नीशियनों को लॉन्च किया है, जितनों को पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने मिल कर भी नहीं किया होगा।

UP: पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ₹50,000 का इनामी पन्ना यादव उर्फ डॉक्टर, 3 दर्जन से ज्यादा संगीन मामलों में था आरोपित

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का ₹50000 का इनामी अपराधी पन्ना यादव उर्फ सुमन यादव उर्फ़ 'डॉक्टर' बहराइच जिले के हरदी इलाके में एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में मारा गया है।

Covid-19: भारत में 24 घंटे में सामने आए 26506 नए मामले, अब तक 21604 की मौत

भारत में कोरोना संक्रमण के अब तक 7,93,802 मामले सामने आ चुके हैं। बीते 24 घंटे में 475 लोगों की मौत हुई है।

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

भैसों के सामने आने से पलटी गाड़ी, पिस्टल छीन कच्चे रास्ते से भाग रहा था विकास दुबे: यूपी STF

​कैसे पलटी गाड़ी? कैसे मारा गया विकास दुबे? एनकाउंटर पर STF ने घटनाक्रमों का दिया सिलसिलेवार ब्यौरा।

विकास दुबे के पिता नहीं होंगे अंतिम संस्कार में शामिल, माँ ने भी कानपुर जाने से किया इनकार

विकास दुबे का शव लेने से परिजनों ने मना कर दिया है। उसके माता-पिता ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी इनकार किया है।

भारत के मजबूत तेवर देख चीनी राजदूत ने कहा- हमारी सेना पीछे हट चुकी है, धर्मशाला में धू-धू जला जिनपिंग

चीन के राजदूत सुन वेईडॉन्ग ने स्वीकार किया है कि गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद भारत में उनके देश को लेकर अविश्वास बढ़ा है।

विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर प्रियंका गाँधी और अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल उठा सियासत शुरू कर दी है।

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

UAPA के तहत गिरफ्तार शरजील इमाम को दिल्ली HC ने दिया झटका: याचिका खारिज, बेल देने से भी किया इंकार

देशद्रोह के मामले में आरोपित शरजील इमाम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि जाँच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन कर रही हैं और उससे उसकी जमानत का अधिकार छीन रही है।

हमसे जुड़ें

237,463FansLike
63,336FollowersFollow
272,000SubscribersSubscribe