Homeफ़ैक्ट चेकराजनीति फ़ैक्ट चेक'नीच' कॉन्ग्रेस ने लड़की के साथ मोदी की तस्वीर लगाई, लिखा ऐशो-आराम की ज़िंदगी...

‘नीच’ कॉन्ग्रेस ने लड़की के साथ मोदी की तस्वीर लगाई, लिखा ऐशो-आराम की ज़िंदगी में मस्त… जानिए सच

कॉन्ग्रेस ने एक भावुक किन्तु फर्जी वीडियो शेयर किया है। इसमें यह साबित करने का प्रयास किया गया है कि सरकार किसान की आवाज नहीं सुनती और 'ऐशो-आराम की जिन्दगी में मस्त' है। इस भावुक वीडियो में यह भ्रामक संदेश देने का काम किया गया है कि पीएम मोदी कोरोना वायरस के समय किसी आलिशान सैलून में अपने बाल बनवा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने अपने ट्विटर एकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो झूठे दावे के साथ शेयर की है। कॉन्ग्रेस ने PM मोदी की फोटो शेयर करते हुए लिखा है – “ऐशो-आराम की जिंदगी।”

कॉन्ग्रेस ने अपने ट्विटर एकाउंट से एक भावुक किन्तु फर्जी वीडियो शेयर किया है, जिसमें यह साबित करने का प्रयास किया गया है कि सरकार किसान की आवाज नहीं सुनती और ‘ऐशो-आराम की जिन्दगी में मस्त’ है।

वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है – “बहरी है सरकार, आओ उस तक आवाज़ पहुँचाएँ। होकर एकजुट, उसे हिंद की ताकत दिखलाएँ।” #SpeakUpIndia

लेकिन इस वीडियो में कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस तस्वीर का इस्तेमाल किया है, जो अप्रैल, 2016 मैडम तुसाद में नरेन्द्र मोदी की प्रतिमा के लिए ली गई थी। लेकिन, कॉन्ग्रेस ने अपने भावुक वीडियो में इसे इस्तेमाल कर यह भ्रामक संदेश देने का काम किया है कि पीएम मोदी कोरोना वायरस के समय किसी आलिशान सैलून में अपने बाल बनवा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस का PM मोदी की तस्वीर के साथ भ्रामक दावा यह साबित करता है कि वह सरकार विरोधी षड्यंत्र में किसी भी स्तर तक गिरने को राजी है।

यह तस्वीर उस समय की है, जब मैडम तुसाद के आर्टिस्ट दिल्ली आए थे और उन्होंने पीएम मोदी से कई मुलाकातें की थीं। म्यूजियम के कारीगरों ने पीएम मोदी के शरीर का नाप भी लिया था। मैडम तुसाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिमा क्रीम कलर के कुर्ते पायजामे में हाथ जोड़े हुए है।

PM मोदी की इस तस्वीर को लेकर कई बार ऐसी फेक खबरें भी चलाई गई हैं, जिनमें दावा किया गया था कि नरेन्द्र मोदी ने 15 लाख रुपए में एक मेकअप आर्टिस्ट को हायर किया है। हालाँकि, यह खबर भी कॉन्ग्रेस के वीडियो में किए गए दावे के जितनी ही झूठी थी। ख़ास बात यह है कि तब भी ऐसे फर्जी अफवाहें कॉन्ग्रेस के समर्थक फेसबुक पेज ही चला रहे थे।

कोरोना वायरस के दौरान जारी लॉकडाउन में कॉन्ग्रेस और उनका मीडिया तन्त्र हर प्रकार की भ्रामक और फर्जी खबरें प्रकाशित करता नजर आ रहा है। कोई भी दिन ऐसा नहीं है जब कॉन्ग्रेस या फिर उनके द्वारा पोषित मीडिया ने केंद्र सरकार के खिलाफ फर्जी खबरों से दुष्प्रचार करने का काम ना किया हो।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -