Sunday, October 17, 2021
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रामचंद्र गुहा को मुक्का किसने मारा? पुलिस ने धमकी दी या मार दिया? – शशि थरूर के Viral वीडियो का सच

रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने वाली पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। इस वीडियो को फैलाते हुए कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने हिरासत में लेते हुए उन्हें मुक्का मारा या मारने की धमकी दी। सच यह है कि...

नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के ख़िलाफ़ 19 दिसंबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन हुए। देश भर में लोग सड़कों पर उतरे, जबकि अधिकांश राज्यों में पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया और धारा-144 लगा दी। बेंगलुरु के प्रदर्शनकारियों में कर्नाटक के इतिहासकार रामचंद्र गुहा भी शामिल थे, जिन्हे कई अन्य लोगों के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया था। गुहा को हिरासत में लेने वाली पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी के साथ घूम रहा है। इस वीडियो को फैलाते हुए कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने हिरासत में लेते हुए उन्हें मुक्का मारने की धमकी दी थी, जबकि सच्चाई से इसका कोई लेना-देना नहीं है।

वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

इस भ्रामक वीडियो को ट्वीट करते हुए कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर ने लिखा, “क्या यह पुलिसवाला अपने मुक्के से रामचंद्र गुहा को मारने की धमकी दे रहा है?” लेकिन, उन्होंने इस वीडियो की सच्चाई जानने की कोई ज़ेहमत नहीं उठाई। वो अब तक यही मानते हैं कि कर्नाटक पुलिस ने रामचंद्र गुहा को मुक्का दिखाया। इससे साफ़ पता चलता है कि वो शशि थरूर फर्ज़ी ख़बर के प्रचार-प्रसार के काम को कितनी मुस्तैदी के साथ करते हैं।

इसी तरह का भ्रम फैलाने की कोशिश पत्रकार रितुपर्णा चटर्जी ने भी की। उन्होंने अपने ट्वीट में मुंबई पुलिस, यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि हर जगह पुलिस प्रदर्शनकारियों को परेशान कर रही है। उन्होंने लिखा कि दिल्ली पुलिस के पुलिसकर्मी ने रामचंद्र गुहा को एक तरफ़ खींचने से पहले मुक्का बनाकर उन्हें धमकाया (एकदम बकलोल पत्रकार हैं यह साबित हो गया क्योंकि गुहा को बेंगलुरु में हिरासत में लिया गया है और वहाँ दिल्ली पुलिस क्या कर रही है, इसकी जानकारी इनके सिवा शायद किसी को नहीं।)। लेकिन, जब उन्हें इस वीडियो की सच्चाई पता चली तो उन्होंने माफ़ी माँग ली।

वहीं, रूपा सुब्रमण्या ने कर्नाटक सरकार पर तंज कसते हुए भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने बैंगलुरु में CAA और NRC के विरोध में धरना दिया। इस वीडियो में आप एक पुलिसकर्मी को उनके मुँह पर मुक्के मारने की मुद्रा में देख सकते हैं।

पत्रकार सैकत दत्ता ने ट्वीट कर लिखा कि एक पुलिसकर्मी रामचंद्र गुहा को मुक्का मारना चाहता है। लेकिन, बाद में जब इस वीडियो की सच्चाई उन्हें पता चली तो उन्होंने माफ़ी माँग ली।

इसी कड़ी में अनमोल रंजन ने भी रामचंद्र गुहा को दिल्ली पुलिस के पुलिसकर्मी द्वारा मुक्का मारे जाने का दावा किया। 

DMK के IT-विंग के डिप्टी सेक्रेटरी जो अपने ट्विटर हैंडल Isai से भ्रम फैलाते हैं, ने भी ट्वीट के ज़रिए भाजपा सरकार और पुलिस को बदनाम करने की कोशिश की।

आइए अब आपको भ्रामकता फैलाने वाले इस वीडियो की असलियत से अवगत कराते हैं। यह बात सच है कि इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने CAA और NRC का विरोध किया था और उन्हें पुलिस हिरासत में ले लिया गया था। लेकिन, इसके आगे का सच वो नहीं है जिसका दावा कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर और वामपंथी पत्रकार कर रहे हैं। दरअसल, जिस मूवमेंट (पुलिसकर्मी के मुक्के की पोजिशन) में इस वीडियो का स्क्रीनशॉट लिया गया, उस दौरान वो पुलिसकर्मी अपनी पॉकेट में हाथ डाल रहे थे। इसमें रामचंद्र गुहा को मुक्का बनाकर धमकी देने जैसी कोई बात नहीं थी। 

ऊपर दिखाए गए पूरे वीडियो में आप देख सकते हैं कि पुलिसकर्मियों का रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने का जब वीडियो बनाया जा रहा था, तो ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी अपनी जेब में हाथ डालने जा रहा था और इसी मुद्रा का स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम भैलाने की कोशिश की जाने लगी कि इतिहासकार रामचंद्र गुहा को विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी ने मुक्का मारने की धमकी दी, जबकि इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।

यह भी पढ़ें: रामचंद्र गुहा हिरासत में: CAA के ख़िलाफ़ करने गए थे प्रदर्शन, पुलिस ने धर लिया

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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