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गॉंधी परिवार को 31 साल की MLA की चुनौती: कॉन्ग्रेस के मना करने पर भी सदन में पहुँचीं अदिति सिंह

इससे पहले अदिति सिंह ने पार्टी लाइन के़ ख़िलाफ़ जाकर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 को ख़त्म करने का समर्थन किया था। प्रियंका गाँधी ने लखनऊ में जो ‘शांति मार्च’ निकाला था, उससे अदिति सिंह ने दूरी बनाए रखी थी।

उत्तर प्रदेश का रायबरेली कॉन्ग्रेस परिवार का गढ़ माना जाता है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी खुद यहॉं से सांसद हैं। लेकिन, अब देश की सबसे पुरानी पार्टी का यह गढ़ भी दरकता दिख रहा है। रायबरेली सदर से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने एक बार फिर पार्टी के निर्देशों को अनसुना कर शीर्ष नेतृत्व को चुनौती दी है।

31 साल की अदिति पार्टी की पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी और महासचिव प्रियंका गॉंधी की बेहद करीबी बताई जाती रही हैं। लेकिन, पिछले कुछ समय से वो पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर काम कर रही हैं। आर्टिकल 370 को हटाने का समर्थन करने वाली अदिति ने गॉंधी जयंती के मौके पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया। कॉन्ग्रेस ने इसके बहिष्कार का निर्देश दिया था।

विशेष सत्र का एसपी और बीएसपी ने भी विरोध किया था। लेकिन कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर और सत्र में शामिल होकर सभी को चौंका दिया। वो न सिर्फ़ सत्र में शामिल हुईं बल्कि उन्होंने स्वच्छता व पानी जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात भी रखी। बता दें कि अदिति सिंह रायबरेली के बाहुबली नेता अखिलेश सिंह की बेटी हैं। उनके पिता भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं।

ख़बर के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार की भाजपा सरकार ने महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती को यादगार बनाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित ‘सस्टेनेबल डिवेलपमेंट गोल्स’ पर चर्चा करने के मक़सद से यूपी विधानसभा का 48 घंटे का विशेष सत्र बुलाया था। जहाँ इस सत्र का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया, वहीं अदिति सिंह ने शामिल होकर कॉन्ग्रेस को करारा झटका दिया है।

अदिति सिंह ने न्यूज़ 18 को बताया,

“आज गाँधी जयंती है और मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के बारे में बात की। इस दौरान पीने के पानी व बिजली की समस्या पर भी चर्चा की। मुझे लगता है कि अपने क्षेत्र की समस्याएँ उठाने का यह अच्छा मौक़ा था। मैंने आर्टिकल-370 पर अपने मन की बात कही। मुझे जो सही लगा, मैंने आज वही कहा। लोगों ने विकास के लिए मुझे वोट दिया। पार्टी मेरे बारे में जो फ़ैसला लेगी, मुझे मंज़ूर है, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने जो किया, सही किया”

इससे पहले अदिति सिंह ने पार्टी लाइन के़ ख़िलाफ़ जाकर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 को ख़त्म करने का समर्थन किया था। केंद्र सरकार के इस क़दम का स्वागत करते हुए उन्होंने ट्वीट कर अपना समर्थन दिया था।

जब किसी ने उनसे पूछा, “आप तो कॉन्ग्रेसी हो?” तो, इस पर उन्होंने जवाब दिया था कि वो एक हिन्दुस्तानी हैं।

बता दें कि कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने महात्मा गाँधी की जयंती पर लखनऊ में ‘शांति मार्च’ निकाला था, जिससे अदिति सिंह ने दूरी बनाए रखी। ऐसे में अदिति के कॉन्ग्रेस छोड़ने के कयास तेज हो गए हैं। रायबरेली में कॉन्ग्रेस के एक और प्रमुख चेहरा रहे दिनेश प्रताप सिंह पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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