Friday, July 10, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष सबसे ख़तरनाक होता है राहुल हो जाना!

सबसे ख़तरनाक होता है राहुल हो जाना!

ये भी पढ़ें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

एक विडियो घूम रहा है जिसमें भारतीय राजनीति के चिरयुवा डायमंड स्टार परमसम्माननीय राहुल गाँधी जी ब्रो पत्रकारों को किसी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले रायशुमारी कर रहे हैं। चूँकि वो बहुत बड़े नेता हैं तो ज़ाहिर है कि बोलने से पहले ये पता करना ज़रूरी है कि क्या बोला जाए, कैसे बोला जाए, और किस तरीके से बोला जाए।

बड़े नेता हो जाने पर ये करना होता है। खासकर जब आप कॉन्ग्रेस पार्टी के बड़े नेता हो जाते हैं तब आपको ऑक्सफ़ोर्ड के पीएचडी से लेकर हार्वर्ड के डॉक्टर साहब तक आपको यह ज्ञान देते हैं कि आप उन्हें क्या ज्ञान दें। फिर से समझिए कि राहुल गाँधी हो जाने का मसला इतना गम्भीर होता है कि अगर आपको पार्टी के कुछ नेताओं को कुछ कहना है, तो आपको वही नेतागण बताते हैं कि नेताओं को क्या कहना यही रहेगा। 

राहुल गाँधी ये अफ़ोर्ड कर सकते हैं क्योंकि उनके पास कॉन्ग्रेस जैसी बड़ी पार्टी के अध्यक्ष होने की ज़िम्मेदारी है, और वो ज़िम्मेदारी इतनी बड़ी है कि उसके साथ-साथ सोच पाना एक अलग समस्या है। अतः, सोचने के लिए उन्हें घेरकर चलनेवाले नेताओं की मंडली है। नहीं, ऐसा नहीं है कि वो उन्हें प्रेस के पास इसलिए घेर लेते हैं कि पता नहीं क्या बोल दें, बल्कि ये महज़ इत्तेफाक होता है कि पार्टी के कई क़ाबिल नेता उनके आस पास ही हुआ करते हैं।

जिसके बाप, दादी, परदादा सब प्रधानमंत्री रहे हों, तो ‘गरीब का बेटा गरीब’ की तर्ज़ पर उसका भी प्रधानमंत्रीत्व पर सीधा अधिकार होना भी चाहिए। ऐसे में आदमी प्रधानमंत्री बनने के सपने भी देखे, पार्टी की अध्यक्षता भी देखे और ‘मोदी को कैसे घेरा जाए’ इस बात पर भी ध्यान दे तो कैसे चलेगा! बड़े नेताओं की कोई क़द्र ही नहीं है यहाँ।

भाजपा के तमाम नेताओं और संघी लोगों ने परमसम्माननीय राहुल गाँधी जी के उस विडियो का उपहास किया है जो कि आज की आदर्श राजनीति के दौर में बिलकुल भी शोभनीय नहीं है। भला किसी नेता द्वारा अपने पार्टी के बुद्धिमान लोगों से एक विषय पर राय लेना गलत है क्या? फिर मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है? और तो और, दोनों गालों में डिम्पल पड़ते हैं राहुल जी के, फिर भी उनका मजाक बनाया जा रहा है! 

मध्यप्रदेश के किसानों का ऋण मात्र दस दिनों में माफ़ करने की बात करनेवाले राहुल गाँधी जी इन्हीं सब बेवजह की बातों में घसीट लिए जाने के कारण ये नहीं बता पाए हैं कि किसानों की लोन माफ़ी में कितने प्रतिशत किसान लाभान्वित होंगे। कर्नाटक में जलवे देखिए कि कुल 800 किसानों का कर्ज माफ किया है। 800 कोई छोटी संख्या नहीं है, एक से 799 ज़्यादा है। आप चाहें तो वो उँगलियों पर 1 से 800 तक की गिनती कर सकते हैं। 

देवता समान इन्सान है जो कि सोचकर, समझकर कोई बात बोलना चाहता है, और लोग चाहते हैं कि हर बार ‘आलू-सोना’, ‘आलू की फ़ैक्ट्री’, ‘किसानों की खेती से दवाई कारख़ाना’, ‘मेड इन दिस-दैट कपड़ा-मोबाइल’, ‘कुम्भकर्ण लिफ़्ट योजना’ जैसी बातें वो बोल दें और फिर मीम बनाए जाएँ। राहुल जी अब समझदार हो गए हैं, वो अपने पोजिशन का सही इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें ये बात समझ में आ गई है कि अध्यक्ष बनने के ये सब फ़ायदे हैं कि चाटुकारों, सॉरी, सलाहकारों की एक फ़ौज़ उनके पीछे चलती रहती है। 

अध्यक्ष होने पर राज्यों के लिए नेता चुनने की ज़िम्मेदारी भी तो उन्हीं के कंधों पर है। अगर ऐसे सलाहकार बिना पूछे एक-एक लाइन नहीं बताएँगे तो फिर राहुल गाँधी जी ये निर्णय कैसे ले पाएँगे कि किस राज्य में अनुभवी व्यक्ति को सत्ता देना है, और किस राज्य में (खुद से) बेहतर को और बेहतर होने से रोकने के लिए सत्ता से बहुत दूर रखना है? 

इसी तरह के मौक़ों पर तो एक अध्यक्ष को ये देखना होता है कि कौन कितना सक्षम है और जानबूझकर भोला बनने का फ़ायदा यह है कि आपके सहकर्मी बिना आपके सवाल पूछे अपनी योग्यता साबित कर देते हैं। फिर आपके लिए आसान हो जाता है यह चुनना कि ‘सिंधिया तो कुछ ज़्यादा ही जानता है, इसको बिठाकर ही रखना है’। 

सच मायनों में राहुल जी डबल ब्लफ़ खेलते हैं। साथ ही, हर आम आदमी या पत्रकार यह गूढ़ योजना नहीं समझ सकता कि राहुल जी क्यों ऐसी बातें करते हैं कि उनका मजाक उड़े। वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि वो हर बात पर नज़र रख सकें, वो अपनी पार्टी में योग्य लोगों को स्पॉट कर सकें, चुनावों में उनमें यह जोश भर दें कि युवा ही भविष्य है, और समय आने पर उन युवाओं को सत्ता से बहुत दूर रखें। 

ऐसा कार्य हर राजनेता नहीं कर सकता। ऐसा करने के लिए ऊँचे स्तर की बुद्धिमत्ता चाहिए जो कि परमसम्माननीय राहुल गाँधी जी ब्रो में कूट-कूट कर भरी हुई है। विश्वास नहीं है तो पार्टी में उनका पद देख लीजिए, समझ जाएँगे कि वो कौन हैं, क्या हैं, और वो जो हैं, वो क्यों हैं। राहुल गाँधी भारतीय लोकतंत्र के लिए एक चुनौती हैं कि ‘भैया, आओ और हमें समझने की कोशिश करो। भैया, सोचो कि आखिर कुछ लोग मुझे प्रधानमंत्री क्यों बनते देखना चाहते हैं?’ 

वैसे भी, किसी की कमी पर ऐसे हँसना सही बात नहीं है। भगवान हर किसी को अलग तरह से बनाता है। किसी को रूप देता है, किसी को बुद्धि। किसी को रूप नहीं देता, किसी को बुद्धि नहीं देता। किसी को एक डिम्पल देता है, तो किसी को दो। जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने कैबिनेट के घोटालेबाज़ नेताओं के भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर एक ज्ञान की बात कही थी कि इतिहास उनके साथ न्याय करेगा, मैं तो कहता हूँ कि राहुल गाँधी जी के साथ भविष्य न्याय करेगा जब आलू से बिजली बनाते हुए कोई बच्चा सही में उससे सोना बना लेगा। 

तब राहुल जी हँसेंगे, और तब उनके गालों में भँवर पड़ेंगे। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

ख़ास ख़बरें

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे… 16 हिन्दुओं के नाम FIR में

आखिर साहिल परवेज ने तीन बार में तीन अलग-अलग बातें क्यों बोलीं? उसके पिता की हत्या घर के गेट के पास हुई या फिर बाबू राम चौक पर? उसे अस्पताल ले जाने वाला नितेश कौन है? साहिल अपने पिता को स्कूटी पर ले गया था, या उसका दोस्त शाहरुख?

रतन लाल की हत्या से पहले इस्लामी भीड़ ने 2 और पुलिसकर्मियों को बनाया था बंधक: दिल्ली दंगों की चार्जशीट

जिस भीड़ ने रतन लाल की निर्दयता से हत्या कर दी थी उसी इस्लामी भीड़ ने टेंट में दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया था।

प्रचलित ख़बरें

शोएब अख्तर के ओवर में काँपते थे सचिन, अफरीदी ने बिना रिकॉर्ड देखे किया दावा

सचिन ने ऐसे 19 मैच खेले, जिसमें शोएब पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। इसमें सचिन ने 90.18 के स्ट्राइक और 45.47 की औसत से 864 रन बनाए।

क्या है सुकन्या देवी रेप केस जिसमें राहुल गाँधी थे आरोपित, कोर्ट ने कर दिया था खारिज

राजीव गाँधी फाउंडेशन पर जाँच को लेकर कल एक टीवी डिबेट में बीजेपी के संबित पात्रा और कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ के बीच बहस आगे बढ़ते-बढ़ते एक पुराने रेप के मामले पर अटक गई जिसमें राहुल गाँधी को आरोपित बनाया गया था।

‘गुप्त सूत्रों’ से विकास दुबे का एनकाउंटर: राजदीप खोजी पत्रकारों के सरदार, गैंग की 2 चेली का भी कमाल

विकास दुबे जब फरार था, तभी 'खोजी बुद्धिजीवी' अपने काम में जुट गए। ऐसे पत्रकारों में प्रमुख नाम थे राजदीप सरदेसाई, स्वाति चतुर्वेदी और...

रवीश कुमार जैसे गैर-मुस्लिम, चाहे वो कितना भी हमारे पक्ष में बोलें, नरक ही जाएँगे: जाकिर नाइक

बकौल ज़ाकिर नाइक, रवीश कुमार हों या 'मुस्लिमों का पक्ष लेने वाले' अन्य नॉन-मुस्लिम... उन सभी के लिए नरक की सज़ा की ही व्यवस्था है।

हमने कंगना को मौका नहीं दिया होता तो? पूजा भट्ट ने कहा- हमने उतनों को लॉन्च किया, जितनों को पूरी इंडस्ट्री ने नहीं की

पूजा भट्ट ने दावा किया कि वो एक ऐसे 'परिवार' से आती हैं, जिसने उतने प्रतिभाशाली अभिनेताओं, संगीतकारों और टेक्नीशियनों को लॉन्च किया है, जितनों को पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने मिल कर भी नहीं किया होगा।

UP: पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ₹50,000 का इनामी पन्ना यादव उर्फ डॉक्टर, 3 दर्जन से ज्यादा संगीन मामलों में था आरोपित

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का ₹50000 का इनामी अपराधी पन्ना यादव उर्फ सुमन यादव उर्फ़ 'डॉक्टर' बहराइच जिले के हरदी इलाके में एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में मारा गया है।

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

भैसों के सामने आने से पलटी गाड़ी, पिस्टल छीन कच्चे रास्ते से भाग रहा था विकास दुबे: यूपी STF

​कैसे पलटी गाड़ी? कैसे मारा गया विकास दुबे? एनकाउंटर पर STF ने घटनाक्रमों का दिया सिलसिलेवार ब्यौरा।

विकास दुबे के पिता नहीं होंगे अंतिम संस्कार में शामिल, माँ ने भी कानपुर जाने से किया इनकार

विकास दुबे का शव लेने से परिजनों ने मना कर दिया है। उसके माता-पिता ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी इनकार किया है।

भारत के मजबूत तेवर देख चीनी राजदूत ने कहा- हमारी सेना पीछे हट चुकी है, धर्मशाला में धू-धू जला जिनपिंग

चीन के राजदूत सुन वेईडॉन्ग ने स्वीकार किया है कि गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद भारत में उनके देश को लेकर अविश्वास बढ़ा है।

विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर प्रियंका गाँधी और अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल उठा सियासत शुरू कर दी है।

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

UAPA के तहत गिरफ्तार शरजील इमाम को दिल्ली HC ने दिया झटका: याचिका खारिज, बेल देने से भी किया इंकार

देशद्रोह के मामले में आरोपित शरजील इमाम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि जाँच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन कर रही हैं और उससे उसकी जमानत का अधिकार छीन रही है।

मार गिराए गए अमर दुबे का पिता 5 साल बाद जिंदा गिरफ्तार, विकास दुबे का था राइट हैंड

अमर दुबे को मार गिराए जाने के बाद पुलिस ने उसके पिता संजीव दुबे को गिरफ्तार किया। खुद के मौत की अफवाह उड़ा वह भूमिगत था।

हमसे जुड़ें

237,463FansLike
63,336FollowersFollow
272,000SubscribersSubscribe