मुर्शिदाबाद हत्याकांड: सरकारी ढीलेपन की आलोचना करते हुए बंगाल राज्यपाल ने माँगी रिपोर्ट

स्कूल शिक्षक बन्धु गोपाल पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और 8 साल के बेटे की धारदार हथियार से हत्या के मामले को हृदयविदारक बताते हुए राज्यपाल ने DGP और राज्य के मुख्य सचिव से उन्हें यथाशीघ्र मामले पर अपडेट देने के लिए कहा है।

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने मुर्शिदाबाद में 8 साल के बच्चे समेत परिवार की नृशंस हत्या पर बृहस्पतिवार (10 अक्टूबर) को राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने इस पर सरकारी अमले के ढीले-ढाले रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि हत्याकांड के बाद इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस और राज्य मशीनरी की ओर से अपेक्षित गंभीरता का प्रदर्शन नहीं किया गया है। इस बीच अब भाजपा के बाद कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी राज्य की ममता बनर्जी सरकार की जगह राष्ट्रपति शासन की माँग कर दी है।

DGP, मुख्य सचिव से की बात    

मामूली स्कूल शिक्षक बन्धु गोपाल पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और 8 साल के बेटे की धारदार हथियार से हत्या के मामले को हृदयविदारक बताते हुए राज्यपाल ने DGP और राज्य के मुख्य सचिव से उन्हें यथाशीघ्र मामले पर अपडेट देने के लिए कहा है। साथ ही जाँच में पूरी तरह निष्पक्षता से काम करने का निर्देश दिया है। धनखड़ के मुताबिक इस हत्याकांड की वीभत्सता अंतर्मन को झकझोर कर रख देने वाली है। यह राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का परिचायक है।

‘भाजपा गम्भीर है तो बर्खास्त क्यों नहीं करती ममता सरकार’

इस बीच लोकसभा में कॉन्ग्रेस सांसदों के मुखिया अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी की सरकार को हटा कर राष्ट्रपति शासन लगाने की वकालत की है। साथ ही उन्होंने इस संबंध में भाजपा की गंभीरता पर भी सवाल उठाए।  चौधरी ने कहा, “राज्य के भाजपा नेता पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग कर रहे हैं। यदि स्थिति ऐसी होती है, और समय की माँग है, तो निश्चित रूप से राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। लेकिन हमारा सवाल यह है कि क्या भाजपा के नेता इस मुद्दे को लेकर उतने ही गंभीर हैं जितना कि वे दिखाई देते हैं?”

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कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में वे (भाजपा) राष्ट्रपति शासन के लिए कहते हैं और दिल्ली में वे (भाजपा-तृणमूल) एक-दूसरे के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार करते हैं।

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