Wednesday, May 12, 2021
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काहे के महानायक: अमिताभ बच्चन ने चोरी की कविता की अपने नाम से पोस्ट, लेकिन दूसरों को भेजते हैं नोटिस!

टीशा अग्रवाल ने बताया कि उन्हें लोगों द्वारा अमिताभ बच्चन को इस सम्बन्ध में लीगल नोटिस भेजने की सलाह दी जा रही है। हालाँकि, उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

मोबाइल फ़ोन पर मिलने वाले रैंडम व्हाट्सऐप संदेशों को ‘पूज्य बाबू जी की कविता’ बताने वाले बॉलीवुड के कलाकार और इंडस्ट्री के कथित महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर विवाद में फँसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, इस बार अमिताभ बच्चन ने जो कविता अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बिना इसकी कवयित्री को श्रेय दिए शेयर की है। उसकी वास्तविक रचनाकार ने अमिताभ बच्चन से इसे लेकर आपत्ति दर्ज की है।

बृहस्पतिवार (दिसंबर 24, 2020) की रात, करीब एक बजे अमिताभ बच्चन ने एक कविता अपने फेसबुक पेज और ट्विटर अकाउंट पर शेयर की। यह कविता अभी भी उनके ट्विटर अकॉउंट पर देखी जा रही है। आदतन अपने ट्वीट्स की गिनती को जारी रखते हुए अमिताभ बच्चन ने कविता को अपनी एक तस्वीर के साथ शेयर किया है।

‘सदी के महानायक’ द्वारा किया गया ट्वीट

लेकिन कुछ देर बाद खुलासा हुआ कि यह कविता तो वास्तव में टीशा अग्रवाल द्वारा लिखी गई है। टीशा अग्रवाल ने अमिताभ बच्चन के ट्विटर और फेसबुक पेज पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, “सर यह पंक्तियाँ मेरी हैं। कम से कम क्रेडिट तो दीजिए।”

अमिताभ के पोस्ट पर टीशा अग्रवाल का कमेंट

टीशा ने अमिताभ बच्चन की यह पोस्ट अपनी वॉल पर शेयर करते हुए लिखा, “जब Amitabh Bachchan आपकी पोस्ट की कॉपी करें और क्रेडिट भी न दें, खुश होएँ की रोएँ!”

इस सम्बन्ध में जब ऑपइंडिया ने टीशा अग्रवाल से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर यह एक चलन बनता जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति किसी की भी रचना को उठाकर शेयर कर देता है, लेकिन जब अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियाँ भी यही काम करती हैं तो उनसे रचनाकार के बारे में जानकारी रखने और उसका नाम सामने रखने के बारे में भी आवश्यक सावधानी बरतने की उम्मीद की जाती है।

टीशा ने कहा, “कल रात मुझे अमिताभ जी की पोस्ट दिखी और मुझे पढ़कर लगा कि ये पंक्तियाँ तो मेरी हैं। फिर मैंने अपनी फेसबुक वॉल पर भी चेक किया जिससे मैं आश्वस्त हो गई कि यह तो मेरी ही कविता है। मैंने इसे गूगल सर्च भी किया जहाँ मुझे पता चला कि यह कविता और भी कई ब्लॉग्स ने पब्लिश की है, और यूट्यूब पर भी कुछ लोगों ने इसे अपनी आवाज के साथ पब्लिश किया है।”

“मैंने अपनी पोस्ट देखी जो कि अप्रैल 24, 2020 की है, जबकि ब्लॉग्स में ये जून, 2020 में प्रकाशित हुई है। जो वीडियो भी लोगों ने इस कविता पर बनाए हैं वो भी जून के बाद के ही हैं और यह सब मुझसे पूछे बिना ही प्रकाशित किए गए हैं। मैंने अमिताभ जी की वॉल पर एक कमेंट किया कि मुझे कम से कम इसका क्रेडिट तो दिया जाना चाहिए। मुझे लगा कि उनकी पीआर वाले इसका संज्ञान लेंगे लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इस बारे में कोई ध्यान दिया गया है।”

टीशा अग्रवाल द्वारा यह कविता 24 अप्रैल को शेयर की गई थी

टीशा ने कहा कि जब उन्होंने यह पोस्ट अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर की तो उन्हें कुछ लोगों ने बताया कि अमिताभ बच्चन ने कुमार विश्वास को अपने पिताजी हरिवंश राय बच्चन की एक कविता का पाठ करने के लिए लीगल नोटिस भेजा था। उन्होंने बताया कि उन्हें लोगों द्वारा अमिताभ बच्चन को इस सम्बन्ध में लीगल नोटिस भेजने की सलाह दी जा रही है। हालाँकि, उन्होंने इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और अपने परिवार से बात करने के बाद ही वो इस सम्बन्ध में कोई फैसला लेंगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में युवाओं के बीच लोकप्रिय कवि और आम आदमी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल के पूर्व सहयोगी कुमार विश्वास द्वारा हरिवंश राय बच्चन की एक कविता ‘नीड़ का निर्माण फिर’ गाने और उसका वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने के चलते अमिताभ बच्चन ने उन्हें लीगल नोटिस भेज दिया था। अमिताभ बच्चन ने आरोप लगाया कि कुमार विश्वास ने उनके पिता की कविता का इस्तेमाल कर कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया है।

फेसबुक पर अमूमन कॉपी-पेस्ट चलता रहता है, सेलिब्रिटी भी चुराते रहते हैं, लेकिन लोग क्रेडिट दे देते हैं, या ‘वाया व्हाट्सएप/ट्विटर’ आदि लिख देते हैं, लेकिन ऐसे में उस व्यक्ति के द्वारा चोरी करना या क्रेडिट न देना जो पहले अपने पिता की कविता को क्रेडिट के साथ प्रयोग करने पर भी लीगल नोटिस भेजता है, उनकी हायपोक्रिसी के बारे में बहुत कुछ कहता है।

यही नहीं, अमिताभ बच्चन के इस ट्वीट को मुख्यधारा की मीडिया द्वारा भी यह कहते हुए प्रकाशित किया जा रहा है कि ‘अमिताभ बच्चन की चाय में है जिंदगी की रेसिपी, बताया-हर घूँट का लें मजा।’

अमिताभ बच्चन द्वारा टीशा अग्रवाल की कविता को बिना उन्हें इसका श्रेय देते हुए साझा करने पर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

एक फेसबुक यूजर प्रदीप शुक्ला लिखते हैं, “यूट्यूब पर एक बन्दा है ज्ञान प्रकाश मिश्र। यह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त में ऑनलाइन वीडियोज बनाता है, और 40-40 घंटों के ‘पापा विडियो’ भी बनाकर सबको मुफ्त में पढ़ाता है।”

अपना अनुभव साझा करते हुए प्रदीप शुक्ला आगे लिखते हैं, “इन्हीं वीडियो को देखने के दौरान मुझे एक घटना पता चली। उस मिश्रा ने अपने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए हरिवंशराय बच्चन जी की कोई कविता अपने वीडियो में सुना दिया था, वो भी बाकायदा ‘हरिवंशराय बच्चन’ का नाम लेकर उन्हें सम्मान देते हुए। आप लोग यकीन नहीं मानेंगे कि इतनी सी बात के लिए श्री अमिताभ बच्चन ने उस मिश्रा के खिलाफ लीगल नोटिस भेज कर उसको महीनों अवसाद में धकेल दिया था। जबकि, वो मेल कर के, इनबॉक्स कर के या उस लीगल बन्दे को फोन कर-कर के हजारों बार माफ़ी माँग रहा था, उस वीडियो से हुई सारी कमाई भी उनको देने के लिए तैयार था, लेकिन सदी के ये महानायक(?) पसीजे नहीं।”

वहीं, समर प्रताप लिखते हैं, “अमिताभ बच्चन जी आप टीशा अग्रवाल जी की कविताएँ चुरा के चाय के साथ पोस्ट कर रहे हैं। जबकि आप हरिवंश राय बच्चन जी की कविता चुराने पर केस कर देते हैं। ऐसे कैसे चलेगा सर? बॉलीवुड, अब हॉलीवुड के गाने और स्टोरी की बजाए कविताएँ भी चुराएगा?”

अभिषेक मिश्रा लिखते हैं, “इनके बाबू जी का नाम लेकर भी कोई बंदा बाबू जी की कोई कविता पढ़ दे तो बाबू जी के बेटे उसको लीगल नोटिस थमा देते हैं, और यहाँ बाबू जी के बेटे खुद किसी दूसरे की लिखी कविता अपनी वाल पर चेंप कर वाह वाही लूट रहे हैं।”

वहीं, संकर्षण शुक्ला इस विषय पर अमिताभ को आड़े हाथों लेते हुए कहते हैं, “कुमार विश्वास से अपने बाप की कविता के गायन पर कॉपीराइट वसूलने वाले सदी के महानायक ने आज अपनी ट्विटर वॉल पर स्वयं ही चोरी की कविता लगा दी। फेसबुक पर एक लेखिका है टीशा अग्रवाल… बेहद शानदार लिखती हैं। डाबर का तेल बेचकर झाबर बनने वाले बुढ़उ चोरी की कविताएँ तो न लगाओ कम से कम! और अगर लगा भी दिए तो क्रेडिट तो दे दिया करो यार!”

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष ही अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर एक ऐसी कविता पोस्ट कर डाली थी, जो सोशल मीडिया और ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ पर खूब चलाई जाती हैं। लेकिन दुखद बात ये थी कि खुद अमिताभ बच्चन ये बात नहीं समझ पाए कि ये कविता के नाम पर एक धब्बा है और उनके पिता हरिवंशराय बच्चन जी ने ये नहीं लिखी। इसी झाँसे में आकर इसे ‘पूज्य बाबू जी का लेखन’ बताकर अमिताभ ने दो हाथ जोड़ती इमोजी बनाई और इसे एक ‘ट्वीट नम्बर’ देते हुए ट्वीट भी कर दिया था।

यह पहली बार नहीं है जब अमिताभ बच्चन ने किसी लेखक की रचना को बिना लेखक को श्रेय दिए साहित्य के क्षेत्र में अपने लिए ‘नाम कमाया’ हो। इससे पहले लेखक प्रबुद्ध सौरभ की भी एक रचना को वो बिना लेखक के नाम का जिक्र किए शेयर कर समाचार पत्रों में अपने लिए जगह बना चुके हैं।

हालाँकि, प्रबुद्ध ने मजाकिया लहजे में ही कुमार विस्वास को टैग करते हुए लिखा कि 32 रूपए तो उनके भी बनते हैं।

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आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

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