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राम मंदिर के भूतल पर होंगे 5 मंडप, दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा पहले चरण का काम: नृपेंद्र मिश्रा ने बताया अयोध्या में कब से कर सकेंगे दर्शन

"राम मंदिर निर्माण के प्रथम चरण का काम 30 दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। प्रथम चरण में भूतल पर पाँच मंडप होंगे। इनमें सबसे प्रमुख गर्भगृह है, जहाँ भगवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी।"

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य का पहला चरण इस साल 30 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सोमवार (22 मई 2023) को दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन भी कर सकेंगे।

मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के पहली और दूसरी मंजिलों का काम 30 दिसंबर 2024 तक पूरा होगा। हमारी कोशिश है कि 30 दिसंबर 2023 से श्रद्धालु इस मंदिर में भगवान राम की पूजा-अर्चना कर सकें। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण का प्रथम चरण 30 दिसंबर 2023 तक पूरा करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में भूतल पर पाँच मंडप होंगे। इनमें सबसे प्रमुख गर्भगृह है, जहाँ भगवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी।”

मिश्रा ने बताया कि पाँच मंडपों के निर्माण में लगभग 160 स्तंभ लगे हैं। उनमें आइकनोग्राफी (चित्र और प्रतीक) का काम पूरा किया जाना है। मंदिर के निचले हिस्से में भगवान राम से प्रसंग होंगे। इसी तल पर बिजली और अन्य सुविधाओं को पूरा किया जाना है। ये सभी कार्य 30 दिसंबर 2023 तक पूरे कर लिए जाएँगे। उन्होंने बताया, “मंदिर की पहली और दूसरी मंजिल परकोटा सहित अन्य कार्य 30 दिसंबर, 2024 तक पूरे हो जाएँगे।”

पिछले दिनों राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmbhumi Teerth Kshetra Trust) ने कुछ मूर्तियों के निर्माण की तस्वीरें ट्वीट की थीं। साथ ही बताया था, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर में स्तंभों, पीठिका तथा अन्य स्थानों पर सज्जित होने के लिए शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णित कथाओं के आधार पर सुंदर मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन मूर्तियों को निर्माण प्रक्रिया की सारिणी के अनुसार निर्दिष्ट स्थानों पर प्रस्थापित किया जाएगा।” मीडिया रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रामलला की मूर्ति 51 इंच की होगी, जिसे गर्भगृह में बने चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 3600 अन्य मूर्तियाँ मंदिर में स्थापित की जाएँगी। ऐसी खबरें भी हैं कि धर्मनगरी अयोध्या को उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन स्थल के तौर पर भी विकसित करने की योजना बना रही है। इसके तहत राम मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर टेंट सिटी बनाया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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