Homeविविध विषयमनोरंजनKRK के खिलाफ जारी हुआ गिरफ़्तारी का वॉरंट, मनोज बाजपेयी को कहा था चरसी...

KRK के खिलाफ जारी हुआ गिरफ़्तारी का वॉरंट, मनोज बाजपेयी को कहा था चरसी और गँजेड़ी

मामले की शुरुआत 2021 में हुई थी जब केआरके ने मनोज बाजपेयी के खिलाफ 2 आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।

बॉलीवुड की फिल्मों और कलाकारों पर बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वाले प्रोड्यूसर और एक्टर कमाल आर खान उर्फ केआरके एक बार फिर मुसिबतों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ इंदौर की एक अदालत ने गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गैर हाजिर रहने के कारण KRK के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

मामले की शुरुआत 2021 में हुई थी जब केआरके ने मनोज बाजपेयी के खिलाफ 2 आपत्तिजनक ट्वीट किए थे। मनोज बाजपेयी का आरोप है कि 26 जुलाई, 2021 को KRK ने अलग-अलग ट्विटर हैंडल से उनके लिए चरसी और गँजेड़ी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसे लेकर मनोज बाजपेयी ने केआरके के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

मनोज बाजपेयी के वकील परेश जोशी ने जानकारी दी है कि इंदौर की अदालत में सुनवाई के दौरान केआरके उपस्थित नहीं हुए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने केआरके के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया। अदालत में मामले की अगली सुनवाई 10 मई, 2023 को तय की गई है।

केआरके के वकील ने अदालत में दलील दी कि जिला अदालत में उनके खिलाफ कार्यवाही स्थगित कर देनी चाहिए क्योंकि उनकी तरफ से मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई है। उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय मामले में स्थगन आदेश जारी कर देगा।

बता दें कि कमाल खान ने मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। केआरके के वकील ने केस को रद्द करने की अपील की थी। वकील ने उच्च न्यायालय में दावा किया था कि जिन ट्विटर हैंडल से अभिनेता के खिलाफ ट्वीट किया गया था उनमें से एक ‘केआरके बॉक्स ऑफिस’ को अक्टूबर 2020 में ही बेच दिया गया था।

केआरके के वकीलों ने मनोज बाजपेयी के खिलाफ जानबूझकर कोई भी ट्वीट करने से इनकार कर दिया था। हालाँकि हाईकोर्ट, से केआरके को कोई राहत नहीं मिली थी और याचिका खारिज कर दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

26 साल से जेल में बंद दारा सिंह होंगे रिहा: वकील का दावा, बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक जेल से छोड़ने का...

दारा सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को 15 अगस्त 2026 तक उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

‘मुस्लिम होने के कारण फँसा ताहिर हुसैन’ : दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद बचाव में उतर गया था पूरा वामपंथी गैंग, पूछ...

आईबी के अंकित शर्मा की हत्या कभी भी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के लिए चर्चा करने का विषय नहीं रही, उन्हें चिंता हमेशा ताहिर हुसैन की थी।
- विज्ञापन -