Homeविविध विषयमनोरंजनCBI-ED को रिया-सुशांत मामले ज्यादा गंभीर चीजों की जाँच करनी चाहिए - ट्विटर ट्रोल...

CBI-ED को रिया-सुशांत मामले ज्यादा गंभीर चीजों की जाँच करनी चाहिए – ट्विटर ट्रोल स्वरा भास्कर

“मुझे लगता है कि रिया पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बिल्कुल भयानक हैं। यह बहुत ही डरावना है कि सोशल मीडिया पर एक या दो 'ब्लू-टिक' वाले अकाउंट के आरोपों से वास्तव में एक व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है और इस तरह के गंभीर अपराधों के आरोप लगाए जा सकते हैं।"

ट्विटर ट्रोल स्वरा भास्कर का मानना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को सुशांत राजपूत की मौत में रिया चक्रवर्ती की संभावित भूमिका की जाँच से ज्यादा गंभीर मामलों पर फोकस करना चाहिए। जहाँ ED रिया चक्रवर्ती द्वारा दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के धन की हेराफेरी के आरोपों को देख रहा है, वहीं सीबीआई उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जाँच कर रही है।

प्रोपेगेंडा समाचार चैनल NDTV से बात करते हुए, ‘रसभरी’ वेब सीरीज फ़ेम स्वरा भास्कर ने कहा, “मुझे लगता है कि रिया पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बिल्कुल भयानक हैं। उस इंडस्ट्री से एक युवा के रूप में, मैं महसूस कर सकती हूँ, यह बहुत ही डरावना है कि सोशल मीडिया पर एक या दो ‘ब्लू-टिक’ वाले अकाउंट के आरोपों और गुस्से से वास्तव में एक व्यक्ति को पकड़ा जा सकता है और इस तरह के गंभीर अपराधों के आरोप लगाए जा सकते हैं।”

“मेरा मतलब है, हम मनी लॉन्ड्रिंग के बारे में बात कर रहे हैं। ईडी इस युवती की जाँच कर रही है। ये वो लोग हैं जिन्हें नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को वापस लाना चाहिए था लेकिन वे क्या जाँच कर रहे हैं? सीबीआई वास्तव में गंभीर मामलों की जाँच करने वाली संस्था है और वो ये जाँच कर रही है। रिया के साथ जो हुआ है वह शर्मनाक और चौंकाने वाला है।”

गौरतलब है कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती को मंगलवार को नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। एनसीबी ने अपने रिमांड आवेदन में कहा था कि रिया एक ड्रग सिंडिकेट के सक्रिय समूह की सदस्य है। इसके कुछ ही दिन पहले रिया के भाई शोविक को भी ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया गया था। शोविक ने ही रिया द्वारा ड्रग्स खरीदने की बात का जिक्र किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।
- विज्ञापन -