Wednesday, April 14, 2021
Home विविध विषय भारत की बात 'वहॉं नुकीले पत्थर निकले हैं... तो जमीन को समतल करना पड़ेगा, बैठने लायक करना...

‘वहॉं नुकीले पत्थर निकले हैं… तो जमीन को समतल करना पड़ेगा, बैठने लायक करना पड़ेगा’

वाजपेयी ने कहा था, "अयोध्या ट्रेजेडी है। आप हम पर जितना दोषारोपण करेंगे हम उतना ही सुर्खरू होंगे।" राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बहुसंख्यक हिंदुओं की भावना और सुर्खरू हुई है। यकीनन, NRC के मामले में भी ऐसा ही होगा!

आज एनआरसी, सीएए और एनपीआर पर जिस तरह भ्रम पैदा करने की कोशिश हो रही है। समुदाय विशेष को उकसाया जा रहा। विरोध के नाम पर हिंसा हो रही। हिंदुत्व की कब्र खुदेगी जैसे नारे लग रहे हैं। ऐसे वक्त में अटल ​बिहारी वाजपेयी होते तो कॉन्ग्रेसियों और वामपंथियों की साजिश को लेकर क्या कहते?

इसकी झलक राम मंदिर को लेकर संसद में दिए वाजपेयी के एक भाषण में मिलती है। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर भी कभी आज के तरह ही साजिश रची गई थी। बीते साल 16 अगस्त को आखिरी सॉंस लेने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐसी ही साजिशों का जवाब देते हुआ सालों पहले बहुसंख्यक हिंदुओं की ओर से एक सपना देखा था। वह सपना था नैतिक विश्वास के बल पर अयोध्या में राम का मंदिर बनाने का। इसी साल सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस स्वप्न के पूरा होने का रास्ता साफ हुआ है।

हालॉंकि राम मंदिर आंदोलन को लेकर वाजपेयी का जिक्र अक्सर 5 दिसंबर 1992 को लखनऊ की रैली में दिए गए उनके भाषण को लेकर किया जाता है। अयोध्या में कारसेवा से ठीक एक दिन पहले हुई उस रैली में कहा था “वहॉं नुकीले पत्थर निकले हैं। उन पर तो कोई नहीं बैठ सकता तो जमीन को समतल करना पड़ेगा, बैठने लायक करना पड़ेगा।” इन पंक्तियों का हवाला देकर कुछ लोग वाजपेयी पर कारसेवकों को उकसाने का आरोप भी लगाते रहते हैं।


5 दिसंबर 1992 का वाजपेयी का संबोधन

ऐसा करने वाले वहीं हैं, जो हमेशा से भाजपा पर राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते रहे हैं। जो 6 दिसंबर 1992 को साजिश का हिस्सा बताते हैं। करीब 500 साल से कॉन्ग्रेसियों, वामपंथियों, लिबरलों, समाजवादियों और धर्मनिरपेक्षता के कथित ठेकेदारों का यही गिरोह अयोध्या में इस्लामी अक्रांताओं के गुनाह को महिमामंडित कर रहा था। जब से सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या की विवादित जमीन ही रामजन्मभूमि स्थान है, यह गिरोह फिर से जान-बूझकर 6 दिसंबर को उभारने की कोशिश में लगा है।

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर वाजपेयी की सोच क्या थी? बहुसंख्यक हिंदू समुदाय क्या सोचता था? इसकी झलक लोकसभा में 17 दिसंबर 1992 को वाजपेयी के संबोधन से मिलती है। अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान उन्होंने कहा था, “राम का मंदिर छल और छद्म से नहीं बनेगा। राम का मंदिर अगर बनेगा तो एक नैतिक विश्वास के बल पर बनेगा। अगर ढॉंचा तोड़ने का इरादा होता, तो ढॉंचा तोड़ने के लिए वहॉं इतने कारसेवक इकट्ठे करने की जरूरत नहीं थी। अयोध्या में तीन महीने में मेले होते हैं। अगर छुपकर काम करना था, अगर चोरी से काम करना था, अगर योजना बनाकर तोड़ना था तो इसके लिए कारसेवा की जरूरत नहीं थी।”

17 दिसंबर 1992 का वाजपेयी का पूरा भाषण पढ़ने के लिए क्लिक करें


वाजपेयी के संबोधन का अंश

उन्होंने यह भी कहा था, “हम यह भी कहते थे कि हम मस्जिद को तोड़ना नहीं चाहते। हम सम्मान के साथ उसे दूसरे स्थान पर ले जाना चाहते हैं, राम जन्मस्थान से अलग। थोड़ा दूर जाकर वहॉं मस्जिद बने। हम उसमें कारसेवा करने के लिए तैयार हैं। हम उसमें योगदान देने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह नहीं हो सका।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसला भी इस भावना के अनुकूल है। सारे सबूत रामलला के पक्ष में थे। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकार उस जमीन पर अपने दावे के पक्ष में कोई सबूत पेश नहीं कर सके। बावजूद इसके शीर्ष अदालत ने उन्हें मस्जिद के लिए पॉंच एकड़ जमीन सरकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

राम मंदिर आंदोलन तो भाजपा के एजेंडे में जून 1989 में हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में ​हुए पार्टी अधिवेशन में शामिल हुआ था। आंदोलन को लहर में बदलने वाली लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या तक की प्रसिद्ध रथ यात्रा तो सितंबर 1990 में शुरू हुई। लेकिन, उससे भी करीब दो साल पहले मुंबई की एक जनसभा में वाजपेयी ने कहा था, “एक अच्छी भावना के साथ रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की पूरी जमीन हिंदुओं को दे देनी चाहिए और इस भावना के बदले में हिंदुओं को मौजूदा ढॉंचे के साथ बिना कोई छेड़छाड़ किए मंदिर बनाना चाहिए।” 1989 में वामपंथी नेता हिरेन मुखर्जी को लिखे पत्र में भी वाजपेयी ने इसका उल्लेख किया है। यह पत्र वाजपेयी ने अपने नाम 5 जून 1989 को लिखे गए हिरेन के खुले खत का उत्तर देते हुए लिखा था।

17 दिसंबर 1992 के भाषण में ही वाजपेयी ने कहा था, “अयोध्या ट्रेजेडी है। आप हम पर जितना दोषारोपण करेंगे हम उतना ही सुर्खरू होंगे।” राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बहुसंख्यक हिंदुओं की भावना और सुर्खरू हुई है। NRC के मामले में भी छल और छद्म परास्त होंगे, हम और सुर्खरू होंगे!

इस उन्माद, मजहबी नारों के पीछे साजिश गहरी… क्योंकि CAA से न जयंती का लेना है और न जोया का देना

कहानी एक अब्दुल की जिसे टीवी एंकर दंगाई बनाता है… उसकी मौत से फायदा किसको?

2019 की इस मजहबी उन्मादी आग से 2024 में कितनी रोशन होगी भाजपा?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
देसिल बयना सब जन मिट्ठा

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उद्धव ठाकरे ने लगाई कल रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उन्हें बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

दिल्ली में नवरात्र से पहले माँ दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त, सड़क पर उतरे लोग: VHP ने पुलिस को चेताया

असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ मचाई, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

यमुनानगर में माइक से यति नरसिंहानंद को धमकी दे रही थी मुस्लिम भीड़, समर्थन में उतरे हिंदू कार्यकर्ता: भारी पुलिस बल तैनात

हरियाणा के यमुनानगर में यति नरसिंहानंद के मसले पर टकराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,173FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe