Wednesday, October 21, 2020
Home विविध विषय भारत की बात नेहरू से पहले ही बोस बन गए थे प्रधानमंत्री, सिंगापुर की सरकारी वेबसाइट पर...

नेहरू से पहले ही बोस बन गए थे प्रधानमंत्री, सिंगापुर की सरकारी वेबसाइट पर है पूरा ब्यौरा

अगर आप सिंगापुर की सरकारी वेबसाइट पर जाएँगे तो आपको आज भी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में चलने वाली उस सरकार का पूरा ब्यौरा मिल जाएगा। बोस के नेतृत्व में चलने वाली सरकार के जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, इटली, क्रोएशिया, तत्कालीन चीन, बर्मा, थाईलैंड और मंचूरिया के साथ कूटनीतिक रिश्ते थे।

क्या आपको पता है कि ‘स्वतंत्र भारत’ की पहली सरकार जवाहरलाल नेहरू ने नहीं बनाई थी। एक सरकार ऐसी भी थी, जिसके 9 देशों के साथ कूटनीतिक सम्बन्ध थे, जापान का खुला समर्थन प्राप्त था और सुभाष चंद्र बोस उसके प्रधानमंत्री थे। सिंगापुर में अक्टूबर 21, 1943 को इस सरकार की स्थापना हुई थी और इसे ‘आज़ाद हिन्द सरकार’ नाम दिया गया था। जापान ने इस सरकार की स्थापना में वित्तीय, सैन्य व कूटनीतिक मदद उपलब्ध कराई थी। ये वो समय था, जब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे बोस को पार्टी से मोह भांग हो चुका था और वो देश-विदेश में घूम कर भारत को आज़ादी का बिगुल बजा रहे थे।

इसे एक तरह से ‘Government In Exile’ माना गया, जिसे विदेश से चलाया जा रहा था। बोस के नेतृत्व में चलने वाली सरकार के जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, इटली, क्रोएशिया, तत्कालीन चीन, बर्मा, थाईलैंड और मंचूरिया के साथ कूटनीतिक रिश्ते थे। जापान ने सरकार चलाने के लिए अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह उपलब्ध कराए, जिनका नामकरण शहीद और स्वराज द्वीप समूह के रूप में किया गया। इसकी अपनी एक सेना थी, जिसका नाम ‘आज़ाद हिन्द फौज’ था और अपना अलग बैंक भी था, जिसे ‘आज़ाद हिन्द बैंक’ के नाम से जाना गया।

अगर आप सिंगापुर की सरकारी वेबसाइट पर जाएँगे तो आपको आज भी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में चलने वाली उस सरकार का पूरा ब्यौरा मिल जाएगा। सिंगापुर ने अपनी सरकारी वेबसाइट पर बताया है कि वो बोस ही थे, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए पूर्वी एशिया में रह रहे भारतीयों को भी स्वतन्त्रता संग्राम से जोड़ा। सिंगापुर के ऐतिहासिक कैथे बिल्डिंग से बोस ने इस सरकार के गठन की घोषणा की थी। वहाँ की सरकारी वेबसाइट पर इस ऐतिहासिक पल का चित्र भी मौजूद है। सिंगापुर मानता है कि उस सरकार को कई देशों की मान्यता प्राप्त थी। उस समय बोस ने कहा था:

“अब समय आ गया है जब पूर्वी एशिया में रह रहे 30 लाख भारतीय सभी उपलब्ध संसाधनों को एकत्रित कर के एक साथ इकट्ठे हों। आधे-अधूरे संसाधनों से काम नहीं चलेगा। वित्त भी चाहिए और मानव संसाधन भी हमारी ज़रूरत है। मैं 3 लाख सैनिकों को अपने साथ देखना चाहता हूँ और 3 करोड़ डॉलर भी।”

बोस ने जुलाई 9, 1943 को ये बात कही थी। सिंगापुर की वेबसाइट पर आगे बताया गया है कि इस सम्बोधन के साथ ही पूरे पूर्वी एशिया में भारतीय समुदाय के बीच आज़ादी की ज्वाला जलने लगी। थाईलैंड, बर्मा और मलेशिया के एक-एक भारतीय लोगों ने उम्मीद के अनुसार प्रतिक्रिया दी। आईएनए के फंड में रुपए और सोने दान किए गए। महिलाओं की भागीदारी का आलम ये था कि उन्होंने ख़ुशी-ख़ुशी अपने आभूषण आज़ादी के इस महायज्ञ में दानस्वरूप दे दिया।

कई धनाढ्य परिवार के लोगों ने भी बोस की रैलियों और बैठकों में हिस्सा लेने के बाद बड़ी मात्रा में वित्तीय मदद उपलब्ध कराए। आईएनए को कपड़े-लत्तों से लेकर भोजन-पानी व अन्य वस्तुएँ भी भारी मात्रा में दान में मिलीं। अगस्त 5, 1943 में इंडोनेशिया के पश्चिमी सुमात्रा प्रान्त में स्थित पडांग में बोस की विशाल रैली हुई, जिसमें उन्होंने सैनिकों से ‘चलो दिल्ली’ और ‘जय हिन्द’ से उनके भावनात्मक जुड़ाव पर सवाल पूछे। वहाँ उपस्थित लोगों ने इतनी जोर से जवाब दिया कि ब्रिटिश साम्राज्य को अपनी चूलें हिलती हुई नज़र आने लगी। सिंगापुर की सरकारी वेबसाइट पर आपको वो चित्र भी मिल जाएगा, जिसमें बोस सेना की परेड का निरीक्षण करते दिख रहे हैं।

अक्टूबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आज़ाद हिन्द सरकार’ की 75वीं वर्षगाँठ पर लाल किले की प्राचीर से झंडा फहरा कर बोस को याद किया था। इस दौरान उन्होंने ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ के कुछ वयोवृद्ध सेनानियों को सम्मानित भी किया था। मोदी ने आरोप लगाया था कि बाबासाहब आंबेडकर और सरदार पटेल की तरह ही नेताजी बोस के भी योगदान को भुलाने का भरसक प्रयास किया गया लेकिन देश इन्हें कभी नहीं भूल सकता। पीएम ने याद किया था कि कैसे नेताजी ने पूर्वी भारत को आज़ादी का गेटवे बनाया और अप्रैल 1944 में कर्नल शौकम मलिक की अगुवाई में मणिपुर के मोयरांग में ‘आजाद हिंद फौज’ ने तिरंगा झंडा फहराया था।

सुभाष चंद्र बोस के निधन के साथ ही ‘आज़ाद हिन्द सरकार’ भी कमजोर हो गई और एक तरह से इसका अवसान हो गया। ‘एक्सिस पावर’ की हार के साथ ही इस सरकार के कई शक्तिशाली समर्थकों की शक्ति भी कमज़ोर पड़ गई। लेकिन हाँ, भारतीयों को एकजुट करने वाले नेताजी वो कर के चले गए, जिसके कारण अगले कई दक्षों तक अँग्रेज उनके नाम से काँपते रहे। भारत आज़ाद हुआ, नेताजी का स्वप्न पूरा हुआ लेकिन इसी भारत में कॉन्ग्रेस की सरकारों उनके योगदान को कमतर आँकने के आरोप भी लगे।

आज जब भी बोस की बात होती है तो यही चर्चा होती है कि उनकी मृत्यु कब हुई, क्या वो 1945 के बाद भी ज़िंदा थे और उनकी मृत्यु के पीछे का रहस्य कब खुलेगा? अब समय आ गया है जब इन सभी चर्चाओं से ऊपर उठ कर उनके योगदान के बारे में बात की जाए।

यहाँ इस बात का जिक्र करना आवश्यक है की नेताजी से भी पहले 1915 में राजा महेंद्र प्रताप ने काबुल में भारत के पहले ‘प्रोविजनल सरकार’ की स्थापना की थी। इसे ‘हुकूमत-ए-मोख्तार-ए-हिन्द’ नाम दिया गया था। इस हिसाब ने नेताजी की सरकार दूसरी सरकार थी, जो विदेश से चली। मौलाना बरकतुल्लाह उस सरकार के राष्ट्रपति थे, वहीं ख़ुद महेंद्र प्रताप पीएम बने। उस सरकार को अफ़ग़ान का आमीर, तुर्की और जापान का समर्थन प्राप्त था। महेंद्र प्रताप ने एएमयू से पढ़ाई की थी और वे हाथरस के राजकुमार थे।

जब कॉन्ग्रेस की भरी सभा में हुआ बीमार सुभाष चंद्र बोस का अपमान, नेहरू-गाँधी ने छोड़ दिया था साथ

‘कुछ लोग नहीं चाहते मेरे पिता की मौत का रहस्य सुलझे’, बोस की बेटी ने की मोदी से अस्थियों के DNA टेस्ट की माँग

कहानी राजर्षि की: जिसे बोस और पटेल की तरह कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का पद त्यागना पड़ा, कारण- नेहरू

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

‘परमबीर सिंह ने 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकियों का मुकाबला करने से इनकार किया था’: पढ़िए उनका ‘काला-चिट्ठा’

2009 में 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के तुरंत बाद हमले के दौरान कर्तव्य की लापरवाही के आरोप में परमबीर सिंह और तीन अन्य अतिरिक्त पुलिस कमिश्नरों के खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

पूर्व PM मनमोहन के सलाहकार व NDTV पत्रकार ने फैलाया झूठ, कहा- चीन से भारत में होने वाला आयात 27% बढ़ा

NDTV के मैनेजिंग एडिटर रहे पंकज पचौरी को डॉक्टर मनमोहन सिंह ने जनवरी 2012 में अपना मीडिया सलाहकार नियुक्त किया था।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

‘कश्मीर टाइम्स’ अख़बार का श्रीनगर ऑफिस सील, सरकारी सम्पत्तियों पर कर रखा था कब्ज़ा

2 महीने पहले कश्मीर टाइम्स की एडिटर अनुराधा भसीन को भी उनका आधिकारिक निवास खाली करने को कहा गया था।

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बड़ी रणनीति तैयार, कोई नहीं रोक सकता बैन होने से: कॉन्ग्रेस नेता ने स्टिंग में किया खुलासा

"उद्धव ठाकरे ने रिपब्लिक टीवी के पीछे पूरी एक टीम लगाई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोई दूसरा काम नही करना है। उसे (अर्नब को) समझ आना चाहिए कि वो क्या बोलता है।"
- विज्ञापन -

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

#Tweet4Bharat: राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों पर हिंदी श्रेणी में विजेताओं की सूची और उनको जीत दिलाने वाले ट्वीट थ्रेड्स यहाँ देखें

“#Tweet4Bharat” का उद्देश्य राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लिखने, चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए युवाओं को ‘ट्विटर थ्रेड्स’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करना था।

क्या India Today का खेल खत्म? CBI ने TRP घोटाले में दर्ज की FIR: यूपी सरकार द्वारा की गई थी जाँच की सिफारिश

सीबीआई ने टीआरपी घोटाले की जाँच के लिए एक FIR दर्ज कर ली है। शुरुआत में इस मामले के संबंध में मुंबई पुलिस की FIR में इंडिया टुडे चैनल का नाम सामने आया था।

हाथरस कांड में CBI जाँच तेज: अलीगढ़ JNMC के डॉ. मो अजीमुद्दीन और डॉ. उबेद इम्तियाज टर्मिनेट, रेप सैंपल पर दी थी राय

अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में काम कर रहे दो डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। हाथरस रेप पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किए जाने से पहले उसकी इसी अस्पताल में इलाज हुई थी।

‘माफिया ऑन बेड रेस्ट’: मुख्तार अंसारी को लेने गई UP पुलिस को पंजाब से आना पड़ा खाली हाथ, कहा- 3 महीने आराम की मिली...

इससे पहले भी कई बार यूपी पुलिस पंजाब जाकर मुख्तार अंसारी को प्रदेश लाने की कोशिश करती रही है। हालाँकि हर बार वह बहाने बना कर बच गया ।

लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया, थोड़ी सी लापरवाही हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है: PM मोदी

"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"

DDLJ से लेकर IPL तक: PM मोदी के आज शाम 6 बजे के राष्ट्र के नाम संबोधन पर यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट्स

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि पीएम मोदी इस बार को IPL में चेन्नई सुपर किंग्स पर पैसा लगा कर हारने वालों के लिए विशेष पैकेज का ऐलान करेंगे।

पेरिस: फ़्रांस ने की मृतक शिक्षक को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ला लिगियन डी ऑनर’ देने की घोषणा

पेरिस में आतंकी घटना में जान गँवाने वाले 47 वर्षीय इतिहास के शिक्षक सैमुअल पैटी को फ्रांस ने अपना सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने का फैसला किया है।

BJP का गया दुर्ग कितना मजबूत, क्या लगातार 8वीं बार कामयाब रहेंगे प्रेम कुमार?

गया देश का सबसे गंदा शहर है। जाम, संकरी सड़कें शहर की पहचान हैं। बावजूद बीजेपी का यह दुर्ग क्यों अभेद्य दिख रहा?

बेंगलुरु दंगे के आरोपितों की रिहाई के लिए जज को भेजा विस्फोटक से भरा पार्सल, पत्र में की ‘बेगुनाह’ छोड़ने की माँग

ड्रग्स के एक मामले की सुनवाई कर रहे एक न्यायाधीश को बेंगलुरु में दो धमकी भरे पत्रों के साथ एक विस्फोटक सामग्री वाला पार्सल मिला।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,898FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe