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‘हमने बहुत कमाया…अब अपनों को देने का समय’: अनुपम खेर ने कश्मीरी पंडितों को दिए ₹5 लाख, बोले- आर्टिकल 370 हटने से हुआ सुधार

अनुपम खेर ने 'द कश्मीर फाइल्स' पर बात करते हुए कहा, "द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को दिखाया गया है। हमने बहुत कुछ कमाया है। हम उन विदेशी संगठनों को दान देते हैं जो पहले से ही समृद्ध हैं। अब अपनों को दान देना जरूरी है। मैं 5 लाख रुपए देने का वादा करता हूँ।"

बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार अनुपम खेर ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ के रिलीज होने के एक साल के बीच ग्लोबल कश्मीरी पंडित कॉन्क्लेव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी ओर से कश्मीरों को 5 लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कहा कि घाटी में काफी सुधार हुआ है।

ग्लोबल कश्मीरी पंडित कॉन्क्लेव में अनुपम खेर ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बात करते हुए कहा, “द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को दिखाया गया है। हमने बहुत कुछ कमाया है। हम उन विदेशी संगठनों को दान देते हैं जो पहले से ही समृद्ध हैं। अब अपनों को दान देना जरूरी है। मैं 5 लाख रुपए देने का वादा करता हूँ।”

उल्लेखनीय है कि साल 2022 में रिलीज हुई द कश्मीर फाइल्स ने पूरे भारत से लेकर विदेशों तक में काफी सुर्खियाँ बटोरीं थी। इस दौरान अनुपम खेर भी फिल्म का प्रमोशन करने में और कश्मीरी पंडितों से मिलकर उनका दुख बाँटने में कहीं पीछे नहीं थे। फिल्म रिलीज के दौरान उन्हें कश्मीरी पंडितों से मिलते, उन्हें सहारा देते, उनकी बातें सुनते कई बार देखा गया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी कई तरह से कश्मीरी पंडितों की पीड़ा बताने और समझाने के प्रयास किए थे।

इसके अलावा जब नादव लैपिड जैसे लोग कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को मजाक बनाते दिखाई दिए थे तब भी अनुपम खेर ने उन्हें लताड़ लगाई थी। उन्होंने कहा था, “लोगों को सच जैसा है उसे वैसा देखने और दिखाने की आदत नहीं होती। वो उस पर अपनी मनपसंद खुशबू, अपना मनपसंद जायका, अपने मनपसंद रंग लेप कर, सजा कर देखने के आदी होते हैं। उन्हें कश्मीर का सच पच नहीं रहा है। वे चाहते हैं कि उसे किसी रंगीन और खुशनुमा चश्मे से देखा और दिखाया जाए। पिछले 25-30 साल से वे यही करते आए हैं। आज जब ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने सच को जैसा है वैसा दिखाकर पेश किया, तो उन्हें तकलीफ हो रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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