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‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के जज नहीं होंगे मनोज मुंतशिर: पत्रकार का दावा- आदिपुरुष के बाद Sony चैनल ने किया किनारा, कई प्रोजेक्ट से भी नाम कटा

चौरसिया ने आगे यह भी बताया कि इंडियाज गॉट टैलेंट से पहले केंद्र सरकार और यूपी सरकार के कई विभागों ने कई प्रोजेक्ट से मुंतशिर का नाम काट दिया है। सुनने में आ रहा है कि ख़ुद योगी आदित्यनाथ ने विभागों को ऐसा करने को कहा।

आदिपुरुष में घटिया डॉयलॉग्स देने के कारण भारत भर में फजीहत झेल रहे मनोज मुंतशिर इस बार ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में जज नहीं होंगे। ये जानकारी पत्रकार दीपक चौरसिया ने अपने ट्विटर पर साझा की है। इससे पहले खबर आई थी कि वही इस शो में जज के तौर पर नजर आएँगे। हालाँकि दीपक चौरसिया का ये ट्वीट अलग दावा कर रहा है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “सोनी चैनल के बहुचर्चित शो ‘इंडियाज़ गॉट टेलेंट’ में इस बार मनोज मुंतशिर जज नहीं होंगे। चैनल ने आदिपुरुष को लेकर हो रहे बवाल के चलते मनोज मुंतशिर से किनारा कर लिया। मनोज को उम्मीद थी की उन्हें इस शो में फिर से जज रखा जाएगा।”

चौरसिया ने आगे यह भी बताया कि इंडियाज गॉट टैलेंट से पहले केंद्र सरकार और यूपी सरकार के कई विभागों ने कई प्रोजेक्ट से मुंतशिर का नाम काट दिया है। सुनने में आ रहा है कि ख़ुद योगी आदित्यनाथ ने विभागों को ऐसा करने को कहा।

वरिष्ठ पत्रकार मुंतशिर के लिए लिखते हैं, “कलयुग में कर्मों का फल तुरंत मिल जाता है। फिर से कह रहा हूँ अब भी मौक़ा है भगवान से क्षमा माँग लो मनोज, बजरंगबली आज भी चिरंजीवी हैं। श्रीराम तुम्हें सद्बुद्धि दें।”

गौरतलब है कि आदिपुरुष फिल्म की रिलीज के बाद से मनोज मुंतशिर को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने बीते दिनों मामले के तूल पकड़ने के बाद इस मामले में माफी माँगने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने आज के हिसाब से फिल्म के डॉयलॉग्स लिखे हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। जबकि सोशल मीडिया यूजर्स से लेकर हर हस्ती को इस फिल्म में दर्शाए दृश्यों पर आपत्ति थी। हर कैरेक्टर में कमी दिखाई दे रही थी। इसी बीच मुंतशिर ने अपने इंटरव्यूज में हनुमान जी को भगवान मानने से इनकार कर दिया तो उसपर अलग से बवाल हुआ। मुंतशिर ने कहा था हनुमान जी भक्त थे, न कि भगवान। हमने उनको भगवान बना दिया।

याद रहे कि आदिपुरुष फिल्म को लेकर मनोज मुंतशिर शुरू से बचाव कर रहे थे। जब शुरू में फिल्म का ट्रेलर आया था तब भी लोगों ने रावण के लुक पर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में मुंतशिर ने लिखा था, “दूसरी बात कि हर युग की बुराई का अपना चेहरा होता है। रावण मेरे लिए बुराई का चेहरा है, अलाउद्दीन खिलजी इस दौर के बुराई का चेहरा है और अगर वो मिलता-जुलता भी है, हमने इंटेंशनली ऐसा नहीं किया है, लेकिन अगर मिल भी गया तो मुझे लगता नहीं कि कोई ऐतराज की बात है। अलाउद्दीन खिलजी तो कोई नायक ही नहीं है, वो बुरा है और अगर रावण का चेहरा उससे मिलता है और उससे इसलिए ज्यादा नफरत है, क्योंकि वो खिलजी जैसा दिखता है तो कोई बुराई नहीं है इसमें।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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