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श्री लंका हमलावर और ज़ाकिर नायक का ‘फैन’ रियास केरल से गिरफ़्तार, आतंकी वारदात की कर रहा था तैयारी

एनआईए को सूचना मिली थी कि 4 लोगों का एक समूह अब्दुल राशिद, अशफ़ाक़ मज़ीद, और अब्दुल खयूम से संपर्क में था। ये तीनों अभी अफ़ग़ानिस्तान या सीरिया में भाग खड़े हुए हैं और वहीं रह रहे हैं। इस ख़बर की पुष्टि के बाद एनआईए ने तलाशी अभियान शुरू किया। ये तलाशी अभियान रविवार कासरगोड और पलक्कड़ में चलाए गए।

एनआईए ने केरल से एक आतंकी को गिरफ़्तार किया है जो श्री लंका बम धमाकों में शामिल आतंकवादी ज़हरान हाशिम का अन्यायी है और खूँखार आतंकी संगठन आईएसआईएस से सहानुभूति रखता है। केरल से दबोचे गए इस शख़्स का नाम रियास अबूबकर है और ये किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की साज़िश रच रहा था। वह केरल में आत्मघाती हमला करने की फ़िराक़ में था, ऐसा उसने एनआईए के सामने स्वीकार किया है। श्री लंका में हुए सीरियल ब्लास्ट में 360 से भी अधिक लोगों की जानें जा चुकी है और उसका साज़िशकर्ता हाशिम एक इस्लामी कट्टरपंथी मौलवी था, जिसके भड़काऊ भाषण तमिल में हुआ करते थे। अबूबकर उन्हीं भाषणों को लगातार सुन रहा था और उसके शैतानी दिमाग में भी कोई आतंकी वारदात को अंजाम देने की बात पनप रही थी।

29 वर्षीय अबूबकर एक अन्य इस्लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक के वीडियो भी देख रहा था। बता दें कि ज़ाकिर नाइक एक इस्लामिक ‘प्रवचनकर्ता’ है जो अपने वीडियो के माध्यम से जिहाद फैलाता है और आतंक को बढ़ावा देता है। भारतीय सरकार ने उसके एनजीओ पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का संस्थापक ज़ाकिर एक भगोड़ा है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को उसकी तलाश भी है। भारत में आईएस मॉड्यूल के ख़ुलासे के बाद से सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं और श्री लंका में हुए हमलों के बाद ख़ास सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में गिरफ़्तार आतंकी से एनआईए द्वारा लगातार पूछताछ की गई। रियास अबूबकर का नाम अबू दुजाना भी है।

अबूबकर लम्बे समय से एक अन्य भगोड़ा आतंकी अब्दुल राशिद अब्दुल्ला से भी संपर्क में था। इसके लिए उनसे ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग किया था। वह अब्दुल राशिद अब्दुल्ला के ऑडियो क्लिप्स सूना करता था और उसे वो वीडियो क्लिप ख़ास तौर पर पसंद था। जिसमें राशिद ने भारत में आतंकी हमले करने जैसी भड़काऊ बातें कही थीं। इस ऑडियो को उसने सोशल मीडिया पर भी वायरल किया था। इसके अलावा अबूबकर वालापट्टनम इस्लामिक स्टेट मामले में आरोपित अब्दुल खयूम से भी ऑनलाइन बातें कर रहा था। आतंकरोधी एजेंसियों का मानना है कि खयूम अभी सीरिया में है।

दरअसल, एनआईए को सूचना मिली थी कि 4 लोगों का एक समूह अब्दुल राशिद, अशफ़ाक़ मज़ीद, और अब्दुल खयूम से संपर्क में था। ये तीनों अभी अफ़ग़ानिस्तान या सीरिया में भाग खड़े हुए हैं और वहीं रह रहे हैं। इस ख़बर की पुष्टि के बाद एनआईए ने तलाशी अभियान शुरू किया। ये तलाशी अभियान रविवार (अप्रैल 28, 2019) कासरगोड और पलक्कड़ में चलाए गए। जुलाई 2016 में ख़बरें आई थीं कि कासरगोड के 15 युवा आतंकी संगठनों के झाँसे में आकर अफ़ग़ानिस्तान या सीरिया चले गए हैं। अबूबकर को गुरुवार को कोच्चि में एक एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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