Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाचूँकि रात का वक़्त था तो पता नहीं चला: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का एयर...

चूँकि रात का वक़्त था तो पता नहीं चला: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का एयर स्ट्राइक पर बयान

एक पाकिस्तानी पत्रकार ने रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से सवाल पूछ लिया, "बताइए हमारी एयर फोर्स ने कौन सी जवाबी कार्रवाई की है? यहाँ तक कि भारत के किसी भी जहाज को खरोंच तक नहीं आई? क्या यह मुमकिन नहीं था कि हम उन्हें मार के गिरा देते?"

भारतीय वायु सेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद द्वारा संचालित आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। यह बताया गया था कि वायुसेना के जेट विमानों ने बालाकोट (पाकिस्तान), मुजफ्फराबाद (पीओके) और चाकोटी (पीओके) में आतंकी शिविरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक से जब मीडिया ने सवाल किए तो उनका जवाब बहुत ही हास्यास्पद था, “ये जो अटैक हुआ है सुबह, ये तकरीबन 4-5 किलोमीटर अंदर आए और उन्होंने बम फेंक दिया। और हमारी एयर फ़ोर्स तैयार थी। चूँकि रात का वक़्त था तो पता नहीं चला कि कितना नुकसान हुआ है। इसलिए उन्होंने इंतज़ार किया और अब उन्हें सही निर्देश मिल चुके हैं।

सुबह से ही पाकिस्तान सरकार के मंत्री जवाबी कार्रवाई के दावे किये जा रहे थे। और पाकिस्तान सरकार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से सवाल पूछ लिया, “बताइए हमारी एयर फोर्स ने कौन सी जवाबी कार्रवाई की है? यहाँ तक कि भारत के किसी भी जहाज को खरोंच तक नहीं आई? क्या यह मुमकिन नहीं था कि हम उन्हें मार के गिरा देते?”

इसके जवाब में कुरैशी ने कहा कि यह पाकिस्तानी एयरफोर्स की काबिलियत पर सवाल करने का वक्त नहीं है। उन्होंने कहा, “आप पाकिस्तानी हैं और मैं आपका सम्मान करता हूँ।” कुरैशी ने दावा किया कि पाकिस्तान सरकार भारत की कार्रवाई जवाब देने में सक्षम है और वो यह करके रहेंगे।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य पत्रकार ने कुरैशी से सवाल पूछा, “क्या पाकिस्तान सेना को जवाब देने में देरी हुई क्योंकि भारतीय जवान काफी अंदर घुस आए थे?”

इसके जवाब में कहा गया कि ‘पाकिस्तान की एयर फोर्स पूरी तरह तैयार थी, अगर ऐसा नहीं होता तो हम भारतीय विमानों को कैसे वापस भेज पाते।’

पाकिस्तान पत्रकार ने पूछा, “भारत ने क्या हमारे डिफेंस सिस्टम को जैम कर दिया था, इसलिए हमें इस कार्रवाई के बारे में नहीं पता चल सका?”

इसके जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा, “कार्रवाई के बारे में हमें पता चल गया था, लेकिन शुरुआत में नुकसान की बारे में खबर नहीं थी।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अरुणाचल के सियांग डैम से लेकर मध्यप्रदेश के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट तक का विरोध क्यों? जानिए प्रदर्शन का विदेशी फंडिंग और पादरी कनेक्शन

देश में हर बड़े विकास प्रोजेक्ट के शुरू होने से पहले ही विरोध शुरू हो जाता है। मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर बांध सबका क्यों हो रहा विरोध?

कभी ईद पर तो कभी होली के बाद दंगे, मंदिरों पर पड़ा ताला और छीन लिए गए बिजनेस: जानें कैसे मुरादाबाद में विक्टिम मुस्लिम...

मुरादाबाद की जिस कहानी में मुस्लिमों को विक्टिम बताया जा रहा है असल में वहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान में हिंदू ही हैं। हिंदुओं को बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बनाया गया, उनके धंधे छीन लिए गए, उनके पुजारी मार दिए गए और उनके मंदिरों पर ताले जड़ दिए गए।
- विज्ञापन -