दिल्ली में ‘जैश’ का आतंकी गिरफ्तार, शॉल बेचने का करता था ढोंग, स्लीपर सेल की थी तैयारी

सज्जाद का नाम एनआईए की मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया सज्जाद को मुदस्सिर द्वारा दिल्ली में एक स्लीपर सेल बनाने का काम सौंपा गया था।

पुलवामा हमले की जाँच में जुटे सुरक्षाकर्मियों के हाथ कल एक बड़ी सफलता लगी है। गुरुवार (मार्च 21, 2019) को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सज्जाद खान को गिरफ्तार किया है। बता दें कि सज्जाद पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर का करीबी सहयोगी था, जिसे इस महीने की शुरुआत में मार दिया गया था।

जानकारी के अनुसार, आतंकी, 27 वर्षीय सज्जाद खान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का ही रहने वाला था। दिल्ली पुलिस ने इसे गुरुवार को लाजपत नगर मार्केट के पास से गिरफ्तार किया है। सज्जाद का नाम एनआईए की मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया सज्जाद को मुदस्सिर द्वारा दिल्ली में एक स्लीपर सेल बनाने का काम सौंपा गया था।

यहाँ बता दें कि सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमले की साजिश रचने वाले आतंकी मुदस्सिर अहमद को 11 मार्च को त्राल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मार गिराया जा चुका है। मीडिया खबरों के अनुसार, सज्जाद दिल्ली में शॉल बेचने वाला बनकर छिपा हुआ था। एनआईए ने भी इसकी एक्टिविटी के बारे में इनपुट दिया था।

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जाँच में सामने आया है कि सज्जाद के 2 भाई भी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे, जिन्हें सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सज्जाद ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया है कि पाकिस्तानी आतंकी यासिर और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदस्सिर फर्जी नंबरों की मदद से उससे एक एप के जरिए बात किया करते थे।

खुफिया एजेंसियों को इसके इनपुट मिले थे कि जैश के आतंकी दिल्ली में बड़ा हमला करने की सोच रहे हैं। अब ऐसे में इस गिरफ्तारी से यह बात तो पक्की हो गई है कि वह वाकई दिल्ली में छिपकर किसी हमले की फिराक में थे।

बता दें कि जिस ‘मोहम्मद भाई’ का क़रीबी सज्जाद को बताया जा रहा है वह मुदस्सिर अक्सर परदे के पीछे से कार्य किया करता था और चर्चा में कम रहता था। 23 वर्षीय मुदस्सिर ने स्नातक पास किया था और इलेक्ट्रीशियन था। उसने आईटीआई का कोर्स कर रखा था। पुलवामा आतंकी हमले के दौरान उसने ही गाड़ी और विस्फोटक का इंतजाम किया था। आदिल अहमद डार नामक आत्मघाती आतंकी ने सीआरपीएफ की वैन को टक्कर मारी थी। मुदस्सिर लगातार उसके संपर्क में था। वह फ़रवरी 2018 में सुंजवाँ में हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। उस हमले में 6 सुरक्षा बल के जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे और एक नागरिक की भी मृत्यु हो गई थी।

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