Thursday, July 18, 2024
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इस साल 1.62 करोड़ पर्यटक पहुँचे जम्मू कश्मीर, 75 सालों में ये सबसे बड़ा आँकड़ा: अनुच्छेद-370 हटने के बाद बदलाव, पहली बार ठंड में भी खुले रहेंगे कई स्थल

सरकार, 70 वर्षों में पहली बार, उन स्थानों (करनाह, सोनमर्ग और गुरेज) पर एडवेंचर खेल और अन्य गतिविधियों को शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो, बल्कि उनके अनुभव को भी बढ़ाया जा सके।

कश्मीर को यूँ ही नहीं भारत का स्‍वर्ग कहा जाता है। वहाँ की छटा ही इतनी निराली है क‍ि जो भी एकबार वहाँ जाता है, मंत्रमुग्‍ध हो जाता है। कश्‍मीर निःसंदेह आज भी भारत में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और लगभग सभी यात्रियों की यात्रा की विश लिस्‍ट में यह शामिल होता है। धारा 370 हटने के बाद यहाँ यात्रियों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वतंत्र भारत के 75 सालों के इतिहास में पहली बार (वर्ष 2022) में जम्मू-कश्मीर में 1.62 करोड़ पर्यटक आए हैं।

केंद्र शासित प्रदेश में इस बढ़े हुए पर्यटन ने विभिन्न क्षेत्रों में सबसे बड़ा रोजगार पैदा किया है। इस प्रकार एक रचनात्मक दृष्टिकोण, परिवर्तनकारी पहल और अपने लोगों, संस्कृति और समाज के लिए जम्मू-कश्मीर को सशक्त बनाने से यहाँ चौतरफा विकास हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन उद्योग को 786 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें पिछले कुछ महीनों में यह क्षेत्र अब तेजी से विकास कर रहा है।

हालाँकि, कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के कारण घाटी के अधिकांश हिस्से सर्दियों के दौरान बंद रहते हैं, जिससे यात्रा करना मुश्किल हो जाता है।कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थल जैसे करनाह, सोनमर्ग और गुरेज आमतौर पर कम दृश्यता और बर्फबारी के कारण पर्यटकों के लिए बंद रहते हैं। अब, 70 वर्षों के बाद, इलाके के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी तीन स्थान सर्दियों के महीनों में पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे।

‘टाइम्‍स ट्रेवल’ की र‍िपोर्ट के मुताबिक, कथ‍ित तौर पर, सरकार, 70 वर्षों में पहली बार, उन स्थानों (करनाह, सोनमर्ग और गुरेज) पर एडवेंचर खेल और अन्य गतिविधियों को शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो, बल्कि उनके अनुभव को भी बढ़ाया जा सके।

हाल ही में, इस मनोरम राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में, प्राधिकरण पर्यटकों के लिए नए वेंचर्स खोल रहे हैं। पिछले तीन वर्षों के दौरान, सरकार ने उत्तर में गुलमर्ग के प्रसिद्ध स्कीइंग गंतव्य से परे अन्य जगहों पर कश्‍मीर में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश की है। सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण दुर्गम रहने वाले बर्फीले क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

रिपोर्ट की मानें तो नए प्रस्तावित स्की ढलानों को अच्छी कनेक्टिविटी के साथ बर्फीले क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। हालाँकि, गुलमर्ग शहर सर्दियों के दौरान पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है, बाकी जगहों पर अपेक्षाकृत कम पर्यटक आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में दूधपथरी सूची में नवीनतम होगा और दोनों गंतव्यों तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।

इस बीच, यह भी बताया गया है कि कनेक्टिविटी में सुधार के लिए जम्मू-कश्मीर में बर्फीले इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाएँ शुरू की जाएँगी। पर्यटक ज्यादातर गर्मी के महीनों के दौरान इस जगह की यात्रा करना पसंद करते हैं, लेक‍िन नई पहल से पर्यटक अब पूरे वर्ष जम्मू और कश्मीर के शानदार नजारों का लुफ्त उठा सकेंगे।

शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय और पर्यटन पर निर्भर लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही कश्मीर को शीतकालीन पर्यटन स्थल के रूप नई पहचान म‍िलेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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