Homeदेश-समाजचुनाव ड्यूटी के बीच से ही चुनाव अधिकारी गायब, पश्चिम बंगाल में हालात बद...

चुनाव ड्यूटी के बीच से ही चुनाव अधिकारी गायब, पश्चिम बंगाल में हालात बद से बदतर

लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में गड़बड़ी की ख़बरें लगातार सामने आ रही हैं। नादिया ज़िले के नोडल चुनाव अधिकारी अर्नब रॉय बिप्रदास चौधरी पॉलिटेक्निक कॉलेज से...

लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में गड़बड़ी की ख़बरें लगातार सामने आ रही हैं। ANI की ख़बर के अनुसार, नादिया क्षेत्र में चुनाव अधिकारी अपनी ड्यूटी के दौरान लापता हो गए।

ख़बर के अनुसार, नादिया ज़िले के नोडल चुनाव अधिकारी अर्नब रॉय चुनाव ड्यूटी के दौरान लापता हो गए। लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के दौरान गुरुवार (18 अप्रैल) को अर्नब रॉय की ड्यूटी बिप्रदास चौधरी पॉलिटेक्निक कॉलेज में थी।

अर्नब रॉय कल दोपहर के भोजन के बाद चुनाव ड्यूटी से गायब हो गए। वह ईवीएम और वीवीपैट के प्रभारी थे। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।

गुरुवार को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के शुरू होते ही, पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर लगातार राजनीतिक हिंसा और चुनावी हिंसा की ख़बरें सामने आ रही हैं। इस बीच, एक ख़बर सामने आई थी कि राज्य के रायगंज निर्वाचन क्षेत्र में एक मुस्लिम बहुल गाँव के हिन्दू निवासियों को मतदान करने से रोक दिया गया।

एक अन्य मामले में, दार्जिलिंग निर्वाचन क्षेत्र के चोपरा में व्यापक हिंसा देखी गई, जहाँ उपद्रवियों ने मतदाताओं को वोट डालने से रोकने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में बाहर आकर राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, और लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आँसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

एक अन्य घटना में, 22 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता शिशुपाल शाहिश की हत्या कर दी गई और उनके शव को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक पेड़ पर लटका दिया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बीच अल्पसंख्यक संस्थानों में आरक्षण पर बहस, AMU-JMI में भी कोटा सिस्टम लागू नहीं: समझें इस ‘दोहरी व्यवस्था’ पर क्यों...

बहस इस बात की है कि मुस्लिम जातियाँ अन्य संस्थानों में OBC आरक्षण का लाभ लेती हैं, लेकिन अपने संस्थानों में हिंदुओं को मौका क्यों नहीं देती?
- विज्ञापन -