Tuesday, April 23, 2024
Homeदेश-समाजदलितों पर कहीं पत्थर फेंकते कट्टरपंथी, कभी हत्या तो कभी रेप और धमकी: 'जय...

दलितों पर कहीं पत्थर फेंकते कट्टरपंथी, कभी हत्या तो कभी रेप और धमकी: ‘जय भीम-जय मीम’ की पोल खोलती 30+ घटनाएँ

हिंदुओं को नीचा दिखाने के लिए वामपंथियों द्वारा लगाया जाने वाला 'जय भीम-जय मीम' का नारा अक्सर कई मौकों पर सुनाई पड़ता है। कई बार ऐसी कोशिशें की जाती हैं कि ये संदेश फैलाया जाए कि दलितों के असली हितैषी मुस्लिम समुदाय के लोग ही हैं। लेकिन हकीकत क्या है ये खबरों से पता चलता है...

हिंदुओं को नीचा दिखाने के लिए वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा लगाया जाने वाला ‘जय भीम-जय मीम’ का नारा अक्सर कई मौकों पर सुनाई पड़ता है। कई बार ऐसी कोशिशें की जाती हैं कि ये संदेश फैलाया जाए कि दलितों के असली हितैषी केवल मुस्लिम समुदाय के लोग ही हैं। लेकिन जब खबरों से हम इस नारे की हकीकत को पता लगाने की कोशिश करते हैं तो पता चलता है कि किसी नूरपूर गाँव में दलित की बारात पर अंडे फेंकने की घटना को अंजाम दिया गया है तो किसी राजगढ़ में दलित दूल्हे पर पत्थरबाजी हुई। कहीं दलित राजू बेटियों को बचाने के चक्कर में मार दिया गया तो कहीं नागराजू को मुस्लिम लड़की से शादी की सजा जान देकर भुगतनी पड़ी।

दलित की बारात पर फेंके गए अंडे

सबसे ताजा घटना अलीगढ़ के नूरपूर की है। खबर है कि मुस्लिमों के त्योहार बकरीद के बीच जाटव समाज के धर्मवीर अपनी बेटी की शादी करवा रहे थे। लेकिन जब बारात गाँव में पहुँची तो स्थानीय मुस्लिमों ने बारात के ऊपर अंडे बरसाने शुरू कर दिए। विरोध हुआ तो बारातियों से गाली-गलौच की गई और उन्हें जातिसूचक शब्द भी कहे गए। घटना के संबंध में धर्मवीर ने अंसार, शाहरुख, अमजद और सउमा को नामजद करवाया है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

याद दिला दें कि इससे पहले भी नूरपूर गाँव में मुस्लिम समुदाय द्वारा हिंदुओं की बारात रोकने की हरकत सामने आई थी। हिंदू इतने त्रस्त हो गए थे कि उन्हें अपने घर पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ का पोस्टर तक लगाना पड़ा। इसी तरह बीते दिनों ऐसी कई घटनाएँ घटित हुईं जब मजहब विशेष के लोगों ने खुलेआम दलितों को अपना निशाना बनाया और किसी लिबरल गिरोह वाले ने उस घटना का विरोध तो दूर, निंदा तक नहीं की। आइए आज उन्हीं घटनाओं में से कुछ पर चर्चा करें।

दलित युवती से रेप और अश्लील वीडियो का खेल

राजस्थाम के टोंक में जुलाई 2022 में 6 साल से एक युवती के रेप का मामला प्रकाश में आया है। आरोपित का नाम मंसूर अली है। बताया गया है कि मंसूर ने पीड़िता के नाबालिग होने के समय ही उसे खेत में अपना निशाना बनाया था और अश्लील वीडियो बनाने के बाद उसे धमकी दे देकर लगातार 6 साल से उसका शोषण कर रहा था। अब जाकर उसके ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ है और उसे पुलिस की हिरासत में लिया गया है।

दलित लड़की का रेप, धर्मांतरण का दबाव, माता-पिता को गाली

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक दलित लड़की के साथ अपहरण की घटना का खुलासा इसी महीने 1 जुलाई को हुआ था। खबर थी कि एक दलित लड़की का अपहरण कर जावेद उसे मुंबई ले गया और वहाँ उसका गैंगरेप कराया। इसके बाद अपने दोस्तों के साथ मिल उसने लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, जब लड़की नहीं मानी तो उसे पीटा गया और बाद में वापस करनैलगंज स्टेशन छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता को जब इस बारे में पता चला तो उन्हें भी जावेद ने धमकी दी कि अगर उन्होंने शिकायत दी तो उन लोगों के साथ ठीक नहीं होगा।

बेटियों को बचाने गए राजू को कट्टरपंथियों ने मारा

पीलीभीत में भी जून 2022 में ऐसा ही एक घटना घटी। वहाँ मुस्लिम युवकों द्वारा एक दलित की हत्या की घटना प्रकाश में आई। जब पड़ताल हुई तो पता चला कि कुछ मुस्लिम युवक उस व्यक्ति की बेटियों को छेड़ते थे। जब पिता ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उन्हें घर में घुस मार डाला। एससी-एसएसटी एक्ट के तहत ये केस फैजान, शोहिल और मोहम्मद सलमान पर दर्ज हुआ। इन्हीं सब ने मिल कर दलित राजू को बुरी तरह पीटा जिसके बाद 18 जून को उनकी मृत्यु हो गई।

मुस्लिम लड़की से प्रेम करने पर दलित कांबले को मिली मौत

कर्नाटक के कुलबुर्गी में मई 2022 में दलित विजय कांबले नाम के युवक की हत्या हुई थी। विजय की गलती बस इतनी थी कि उसने मुस्लिम लड़की से प्रेम कर लिया, जिसके बाद लड़की के भाई शहाबुद्दीन और नवाज ने उसे ईंट-पत्थरों से मार-मार कर मौत के घाट उतार दिया। रिपोर्ट में सामने आया था कि कांबले के गर्दन पर कई वार किए गए थे और उसकी सिर पर भी चोट के निशान थे।

दलित दूल्हे की बारात पर पत्थरबाजी

दलित दूल्हे की बारात पर पत्थरबाजी की घटना मध्यप्रदेश के राजगढ़ से भी सामने आई थी। मई 2022 में वहाँ एक दलित दूल्हा अपनी बारात लेकर आ रहा था कि तभी मस्जिद के सामने डीजे बजाने पर पूरे बारात का विरोध हुआ और जब बारात ने मस्जिद से आगे जाकर मंदिर के पास ढोल बजाया तो उन पर पत्थरबाजी शुरू हो गई।

दलित नागराजू की हत्या

हैदराबाद के सुरूरनगर में हुई नागराजू नामक दलित की हत्या शायद ही कोई भुला पाए। नागराजू ने मुस्लिम लड़की अशरीन से प्रेम किया और उसके लिए वो इस्लाम कबूलने को भी तैयार था। लेकिन अशरीन के घरवालों को ये बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने नागराजू को मौत के घाट उतार दिया। जब खबर मीडिया में आई तो कट्टरपंथियों ने इसका जश्न मनाया और हिंदू लड़कों को चेतावनी दी कि वो मुस्लिम लड़कियों से दूर रहें।

मुरादाबाद में समुदाय विशेष ने दलितों का बाल काटने से इनकार किया

यूपी के मुरादाबाद का पीपलसाना एक समुदाय विशेष बहुल इलाक़ा है। वहाँ मजहब विशेष के हजामों ने दलितों का बाल काटने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अगर वो अपने सैलूनों में दलितों की हजामत करेंगे तो उनके तौलिए गंदे हो जाएँगे। नौशाद नामक एक हजाम ने बताया कि अगर दलित यहाँ बाल कटवाएँगे तो उसके सामुदाय के लोग आना बंद कर देंगे।

समुदाय विशेष ने दलितों के कारण सैलून जाना बंद किया

ये घटना उसी इलाक़े की है। भेदभाव की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और कहा कि दलितों को रोकना सही नहीं है। इसके बाद लोगों ने अपने ही कौम के हजामों के पास बाल कटवाने के लिए जाना छोड़ दिया क्योंकि वो प्रशासन के कहने पर दलितों के भी बाल काट रहे थे।

दलित लड़की से यौन दुर्व्यवहार, उसके भाई की पिटाई

2019 जून की घटना। एक दलित की सिर्फ़ इसीलिए पिटाई की गई क्योंकि उसने अपनी बहन के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का विरोध किया था। इस मामले में एससी-एसटी लगाने के बाद आरोपितों की गिरफ़्तारी संभव हो सकी।

समुदाय विशेष के हमले, घर बेचने का दबाव

बेगूसराय में मजहब विशेष ने एक दलित परिवार पर हमला किया। ये घटना बिहार के बेगूसराय स्थित नूरपुर की है। मजहबी भीड़ ने हिन्दू परिवार के घर में घुस कर हमला किया और परिवार की दो महिलाओं के साथ बदतमीजी की। एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास। परिवार को घर बेच कर भागने की धमकी दी गई।

कन्वर्ट नहीं होने पर दलित की हत्या

अगस्त 2018 की घटना। दिल्ली में संजय कुमार का मृत शरीर कई दिनों बाद मिला। इस मामले में आरोपित का नाम सलीम है, जिसने संजय की हत्या इसीलिए कर दी क्योंकि एक दूसरे समुदाय की लड़की से शादी के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया। उनके गुदाद्वार से कोई चीज घुसा कर उनका मलाशय बाहर निकाल लिया गया था। हत्या बेरहमी पूर्वक की गई थी।

दलित महिला का गैंग रेप

मेरठ की लव जिहाद की घटना। जनवरी 2018 में एक दलित युवती ने आरोप लगाया कि एक दूसरे समुदाय का व्यक्ति उससे जबरन निकाह करने और इस्लाम अपनाने की जिद कर रहा है। मना करने पर उसने अपने दोस्तों के साथ मिल कर लड़की का अपहरण किया और 1 सप्ताह तक उसके साथ गैंगरेप करता रहा। अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया गया।

मुदाय विशेष वालों ने दलितों के वैवाहिक समारोह में हमला बोल दिया

जून 2019 की घटना। मध्य प्रदेश के देवास जिले में दूसरे मजहब के लोगों ने एक दलित परिवार के वैवाहिक समारोह पर हमला बोल दिया। रात के 9 बजे बरात जैसे ही पीपलवाड़ा मस्जिद के पास से गुजरी, उस पर हमला कर दिया गया। एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। कई घायल हुए। समुदाय विशेष के स्थानीय लोगों ने हमले से पहले लाउडस्पीकर की आवाज़ कम करने की धमकी दी थी।

दलित लड़की का यौन शोषण, विरोध करने पर हमला

अप्रैल 2019 में देवरिया के गौरी बाजार में दलितों पर इस्लामी भीड़ ने हमला बोल दिया। रहमत अली ने एक दलित लड़की के साथ छेड़खानी की थी, जिसका दलित विरोध कर रहे थे। रहमत खिड़की से लड़की के कमरे में घुस कर उससे बदतमीजी कर रहा था। विरोध के बावजूद वह अगले रात फिर पहुँचा। हमले के दौरान समुदाय विशेष ने बस्ती में स्थित बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर डाला।

आगरा में दलितों पर हमला

मंटोला क्षेत्र के टीला नंदग्राम में प्रमोद नाम का दलित लड़का नजदीकी आरओ प्लांट में पानी लेने गया था। लौटते वक़्त शाहरुख़ और सलमान ने उसे पानी सहित गिरा दिया। जब उसके माता-पिता विरोध करने आए तो अकरम और युसूफ के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हिंसक हो उठे और दलितों के घरों को तोड़ा जाने लगा। शीशे के बोतल फेंके गए। गोलीबारी की गई।

दलितों पर जातिवादी टिप्पणी की, फिर हमला बोला

सुनील नामक एक दलित युवक पर पीलीभीत में एक अंडे की दुकान पर कमील रज़ा और उसके दोस्तों ने जातिवादी टिप्पणी की। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई। दोनों पक्षों के दुकानों को क्षति पहुँची।

यूपी में दलित महिलाओं का यौन शोषण

मई 2018 में मिजाज, टप्पू, इजहार, नासिर, अरशद, अल्ताफ और फिरोज ने एक शादी समारोह में घुस कर दलित महिलाओं के साथ छेड़खानी की, उन्हें प्रताड़ित किया। जब उन्होंने विरोध किया तो महिलाओं पर हमला बोल दिया गया। महिलाओं को बचाने अन्य लोग सामने आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

राजस्थान में दलित की मॉब लिंचिंग

22 साल के खेताराम भील की मोब लिंचिंग कर दी गई। उनका ‘गुनाह’ सिर्फ इतना था कि उनका एक दूसरे मजहब की लड़की के साथ प्रेम सम्बन्ध था। उनके हाथ-पाँव बाँध कर इस्लामी भीड़ ने इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई। वो खून से लथपथ होकर भाग रहे थे लेकिन कोई बचाने नहीं आया।

मजहब विशेष ने दलितों के अंतिम संस्कार का विरोध किया

तमिलनाडु के थेनि जिले में मजहब विशेष के लोगों ने अपने बहुलता वाले इलाक़े से एक दलित व्यक्ति की शवयात्रा के गुजरने पर विरोध जताया। हालाँकि, वो शवयात्रा का नियमित रूट ही था, दलितों ने जानबूझ कर वहाँ से गुजरने की योजना नहीं बनाई थी। मजहब विशेष वालों के विरोध के बाद दोनों समुदायों के बीच हिंसा हुई।

उत्तर प्रदेश में दलितों और समुदाय विशेष के बीच सांप्रदायिक झड़प

सरधना के दुरवेशपुर गाँव में मजहब विशेष और दलितों के बीच हुई एक छोटी सी झड़प एक बड़े सांप्रदायिक हिंसा की वारदात में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। फ़रवरी 2018 में हुई इस घटना में दोनों ही पक्षों के कई लोग घायल हो गए।

कटिहार में दलित परिवार को जलाया

बिहार के कटिहार में एक दलित परिवार को जलाने के मामले में अब्दुल और उसकी बीवी को गिरफ्तार किया गया। जून 2018 में आज़मगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस घटना में दलित बज्जन दास और उनकी पत्नी का घर इसीलिए जला डाला गया क्योंकि मुसलामानों के कहने पर उन्होंने वहाँ से छोड़ कर जाने का फैसला नहीं लिया। जलाने के समय दोनों अन्दर ही सो रहे थे, इसीलिए बुरी तरह झुलस गए।

तीन दलितों को गोली मारी, एक की मौत

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में लोकसभा चुनाव से पहले एक झड़प के बाद आसिफ, रकीब और रिहान ने मिल कर बुलाकी सिंह व उनके दो अन्य दोस्तों को गोली मार दी। तीनों ने गिरफ़्तारी के बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया।

दलित से काम करवाया, पैसे माँगने पर पीटा

ये घटना मेरठ के भगत सिंह बाजार की है’। जनवरी 2019 में दलित सफाईकर्मी अंकुश से शाहरुख़ ने अपनी चाय की दुकान साफ़ कराई लेकिन जब उसने रुपए माँगे तो उसकी पिटाई कर दी। शाहरुख़ ने कई दिनों से उसके रुपए मार रखे थे। वहीं बाजार के बाकी दुकानदार समय पर पेमेंट कर देते थे।

मंदिर में भजन बजाने पर दलितों पर हमला

मेरठ के घसौली की घटना। जून 2019 में जब कुछ दलित मंदिर के अन्दर स्पीकर बजा कर भजन कर रहे थे तो समुदाय विशेष के स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए उन पर हमला बोल दिया। मंदिर के अन्दर 6 लोगों की पिटाई की गई। दूसरे समुदाय के लोगों ने चेताया कि मस्जिद के पास ही मंदिर है, इसीलिए लाउडस्पीकर मत बजाओ। अकरम, करीम, सद्दाम, जुल्फिकार, अब्दुल और आरिफ गिरफ्तार।

गौतम नगर का नाम इस्लाम नगर रखने की कोशिश

फ़रवरी 2018 में समुदाय विशेष के प्रभाव वाले अमरोहा में एक जगह का नाम बदल कर गौतम नगर से इस्लाम नगर करने की कोशिश की गई। आज़ादी से पहले से उसे गौतम नगर के नाम पर ही जाना जाता रहा है। वहाँ 1500 दलित रहते हैं और कईयों की दुकानें भी हैं। उन सभी को डरा-धमका कर रखा जाता है।

मस्जिद से दलित युवक की लाश मिली

एक दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई, जिसकी लाश एक मस्जिद से बरामद की गई। जनवरी 2018 में यूपी के हाथरस में ये घटना हुई। मृतक अमित कुमार गौतम के परिवार ने आलम, सद्दाम, खालिद, सुकैल और आसू पर मामला दर्ज कराया। अमित किसी कागजी काम से निकला थे लेकिन उसे मार डाला गया।

धर्मान्तरण से किया इनकार तो दलित परिवार की पिटाई

हरियाणा के मेवात स्थित नगीना खंड में जनवरी 2018 में एक दलित परिवार पर मजहबी भीड़ ने इसीलिए हमला बोल दिया क्योंकि उसने इस्लाम में कन्वर्ट होने से इनकार कर दिया था। परिवार पर जातिवादी टिप्पणी भी की गई। 3000 लोगों के उस गाँव में मात्र 7 दलित परिवार हैं और बाकी समुदाय विशेष से हैं, जिससे उन्हें काफ़ी डर कर रहना पड़ता है। हाल ही में एक ख़बर आई थी कि मेवात दलितों का कब्रगाह बनता जा रहा है।

शाहनवाज ने 9 साल की बच्ची का बलात्कार किया

उत्तर प्रदेश की घटना। शाहनवाज नामक व्यक्ति एक 9 साल की दलित बच्ची का बलात्कार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। उसने कपड़े देने के लालच से लड़की को बुलाया और उसे कमरे में ले जाकर बलात्कार किया। उसने घर आकर रोते हुए अपने माँ-बाप को इसके बारे में बताया, जिसके बाद उसी तुरंत दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

नाबालिग दलित बच्ची का गैंगरेप, फिर धमकी

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 5 लोगों ने मिल कर एक नाबालिग बच्ची का बलात्कार किया। साथ ही पूरी वारदात को कैमरे में शूट कर के लड़की को धमकाया कि अगर उसने किसी को कुछ भी बताया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। फ़रवरी 2019 में हुई इस घटना में सबुर, फरीद, दानिश और माज को गिरफ्तार किया गया।

दलित महिला और नाबालिग के बलात्कार की कोशिश, कुल्हाड़ी से हमला

फ़रवरी 2018 की घटना। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक दलित महिला और एक नाबालिग लड़की के बलात्कार की कोशिश की गई। समुदाय विशेष के लोग एक दलित परिवार के घर में घुस कर ऐसा कर रहे थे। जब वो कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने कुल्हाड़ी से दोनों पर हमला बोल दिया। शकील, शहीद और मुहम्मद को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। महिला का काफी दिनों तक इलाज चला। पीडिता की स्थिति गंभीर थी।

युवक ने दलित महिला के साथ बदतमीजी की

आगरा की घटना। जून 2017 में एक दलित महिला दवा खरीदने जा रही थी, तभी समुदाय विशेष के कुछ दबंगों लोगों ने उसका दुपट्टा छीन लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। महिला ने किसी तरह तेजी से भाग कर अपनी जान बचाई। कुछ लोगों ने महिला को बचाना चाहा तो उनकी भी जम कर पिटाई की गई।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेस सरकार में हनुमान चालीसा अपराध, दुश्मन काट कर ले जाते थे हमारे जवानों के सिर’: राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में बोले PM मोदी...

पीएम मोदी ने कहा कि आरक्षण का जो हक बाबासाहेब ने दलित, पिछड़ों और जनजातीय समाज को दिया, कॉन्ग्रेस और I.N.D.I. अलायंस वाले उसे मजहब के आधार पर मुस्लिमों को देना चाहते थे।

‘गोवा पर जबरन थोपा गया भारत का संविधान’ : कॉन्ग्रेस प्रत्याशी फर्नांडिस की वीडियो वायरल, BJP ने कहा- भारत तोड़ने की हो रही कोशिश

कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन विरिआटो फर्नांडिस ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि गोवा वासियों पर भारत का संविधान जबरदस्ती लादा गया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe