Saturday, October 16, 2021
Homeदेश-समाजअब आकार पटेल ने अभिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर के लिए दिखाई घृणा

अब आकार पटेल ने अभिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर के लिए दिखाई घृणा

आकार पटेल ने अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के लिए नफ़रत फैलाना शुरू करते हुए उन्हें मध्यमवर्गीय अवसरवादी बताया। पटेल के मुताबिक़ यह 3 हस्तियाँ साबित करती हैं कि ‘पैसे से क्लास नहीं आता।’

खुद को धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी बताने वाला कैम्प की पहचान दिखावटी घमंड और मूर्खता है। मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल भी इसी समूह से आते हैं। अमिताभ बच्चन के कोरोना पॉजिटिव होने की ख़बर आने के बाद हर कोई चाहे वह उनका प्रशंसक हो या न हो, उनकी सलामती की दुआएँ कर रहा। लेकिन आकार पटेल जैसे लोग भी हैं, जिनकी न तो मानसिकता आम है और न ही तौर-तरीके।

आम इंसानों से ठीक विपरीत रवैया अपनाते हुए आकार पटेल ने खबर सुनते ही अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के लिए नफ़रत फैलाना शुरू कर दिया। पटेल के मुताबिक़ यह 3 हस्तियाँ साबित करती हैं कि ‘पैसे से क्लास नहीं आता।’ अपनी विकृत मानसिकता का प्रदर्शन करते हुए आकार ने तीनों को ‘मिडिल क्लास ऑपोरच्युनिस्ट’ (मध्यमवर्गीय अवसरवादी) भी कहा। 

अपनी बात के अगले हिस्से में आकार पटेल ने कहा इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि ‘तीनों लोग (अमिताभ, अक्षय, सचिन) कितने पैसे कमाते हैं। यह छोटे ही रहने वाले हैं, इनकी मानसिकता कुएँ के मेढक जैसी ही है।’ हकीक़त कुछ और ही है। तीनों का संघर्ष और परिश्रम दुनिया ने देखा है, पूरे देश और दुनिया में लोग इन्हें पसंद करते हैं। ऐसे में आकार पटेल जैसे व्यक्ति की बात का क्या ही अर्थ निकलता है। 

मेहनत करके अपना नाम कमाने वाले लोगों के लिए जिस तरह का नज़रिया पश्चिमी देशों के रईस रखते थे, ठीक उस तरह की मानसिकता आकार पटेल की भी है। आकार पटेल के पास भले अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और सचिन तेंदुलकर की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन फिर भी वह उन्हें अवसरवादी मानता है। आकार पटेल की मानें तो तीनों लोग जिन्होंने इतनी मशक्कत के बाद इतना सम्मान, पैसा और प्यार कमाया है, वह इसके हक़दार नहीं हैं। 

आकार पटेल की नज़रों में सब अवसरवादी हैं क्योंकि वह किसी रईस के सामने झुके नहीं। जबकि हम तीनों के जीवन पर ध्यान दें तो सभी ने बिलकुल शुरुआत से संघर्ष किया है। अमिताभ बच्चन के पिता स्व. हरिवंश राय बच्चन उस ज़माने के मशहूर कवि थे फिर भी उन्होंने अपने हिस्से का संघर्ष पूरा किया। सचिन तेंदुलकर और अक्षय कुमार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, दोनों ने ही अपने जीवन में हर तरह के हालातों का सामना किया है। आज की तारीख़ में देश का कोई भी नया क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर जैसा बनने का सपना रखता है। 

खैर आकार पटेल जैसे लोगों के लिए परिश्रम शब्द के मायने समझना ज़रा कठिन है। उन्हें वाकई इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि जीवन में जिस तरह हर बड़ा इंसान कुछ हासिल करता है, उसके लिए वह कितनी कीमत चुकाता है। आकार पटेल को इस बात से बहुत घृणा है कि सचिन तेंदुलकर जैसे लोग अपने जीवन में अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करते हैं। लेकिन आकार पटेल जैसे लोगों की दिक्कत किसी और बात से नहीं बल्कि इस बात से है कि सचिन ब्राह्मण जाति से आते हैं। उनके मुताबिक़ सचिन ने जीवन में संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपनी जाति की वजह से उन्होंने इतना कुछ हासिल किया है। 

वोक कैम्प और आकार पटेल जैसे लोग हर सफल ब्राह्मण से नफ़रत करते हैं। ठीक इसी तरह अक्षय कुमार ने भी करियर की शुरुआत बेहद निचले पायदान से की है और आज जहाँ हैं उसके लिए बहुत संघर्ष किया है। आज वह बॉलीवुड के सबसे हुनरमंद कलाकार के तौर पर पहचाने जाते हैं लेकिन अक्षय का कसूर यह है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना कर दी। इसके बाद वह संभ्रांत वामपंथी समूह के निशाने पर आ गए।

सिर्फ़ यही 3 लोग नहीं बल्कि वोक और आकार पटेल की निगाह में हर वह इंसान दोषी है जिसने अपने जीवन में मेहनत की है। आज का वामपंथ असल में केवल रईसों की नुमाइंदगी करता है, ऐसा वर्ग जिसके लिए संघर्ष शब्द का कोई ख़ास मतलब नहीं होता है। वह ऐसे परिवारों में पले होते हैं जहां उन्हें सब कुछ अपने आप मिलता है। उन्हें अपनी बुनियादी ज़रूरतों और अधिकारों के लिए लड़ना नहीं पड़ता है। इनकी मंशा केवल यहीं तक सीमित है कि शक्ति और धन केवल उच्च वर्ग के लोगों तक सीमित रहे। समाज की अंतिम पंक्ति से आने वाला व्यक्ति कभी समाज में अपना नाम न बना पाए। 

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दलित युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बचाव में कूदा India Today, ‘सोर्स’ के नाम पर नया ‘भ्रमजाल’

SKM के नेता प्रदर्शन स्थल पर हुए दलित युवक की हत्या से खुद को अलग कर रहे हैं। इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप अब उनके बचाव में सामने आया है। .

कुंडली बॉर्डर पर लखबीर की हत्या के मामले में निहंग सरबजीत को हरियाणा पुलिस ने किया गिरफ्तार, लगे ‘जो बोले सो निहाल’ के नारे

निहंग सिख सरबजीत की गिरफ्तारी की वीडियो सामने आई है। इसमें आसपास मौजूद लोग तेज तेज 'जो बोले सो निहाल' के नारे बुलंद कर रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
128,835FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe