Homeदेश-समाजसीनियर एडवोकेट अब्दुल रहमान ने दिनदहाड़े महिला वकील के मुँह पर मारा हँसिया: 20...

सीनियर एडवोकेट अब्दुल रहमान ने दिनदहाड़े महिला वकील के मुँह पर मारा हँसिया: 20 साल की लॉ छात्रा के पीछे पड़ा था, जेल भिजवाए जाने से भड़का

हमान ने धारदार हथियार का वार माँ-बेटी के गले, चेहरे और हाथों पर किया। हमले के बाद वो फरार हो गया। पीड़िता माँ और बेटी को अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ दोनों का इलाज चल रहा है।

तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में एक महिला वकील पर कोर्ट परिसर में हमला होने की खबर सामने आई है। इस हमले में महिला वकील के साथ उनकी 20 साल की बेटी भी घायल हो गई है। आरोपित का नाम अब्दुल रहमान है जो खुद भी पेशे से वकील है।

आरोप है कि रहमान लम्बे समय से महिला वकील जमीला बानू की बेटी के पीछे पड़ा था। लेकिन जब उसकी शिकायत पुलिस में हुई और उसे गिरफ्तार किया गया तो वह भड़क गया। जेल से छूटने के बाद उसने रविवार (18 सितम्बर 2022) जमीला पर हमला कर दिया। हमले के बाद रहमान फरार है। अब पुलिस केस दर्ज करके उसे तलाश रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला वकील के साथ घायल हुई उनकी बेटी का नाम अमीर निशा है। अमीर निशा की उम्र 20 साल है। सालेम शहर में सीनियर एडवोकेट के तौर पर काम करने वाला अब्दुल रहमान काफी समय से अमीर निशा का पीछा कर रहा था। अमीर निशा सालेम शहर के ही लॉ कॉलेज में पढ़ाई करती थी।

अब्दुल रहमान की शिकायत अमीर निशा ने 22 अगस्त 2022 को सालेम पुलिस में की थी जिसके बाद वह गिरफ्तार हुआ था। बाद में रहमान को कोर्ट ने हर 16 दिन में पुलिस थाने में हाजिरी लगाने की शर्त पर जमानत दी।। लेकिन उसने सुधरने की बजाय माँ-बेटी पर हमला करने का मन बनाया।

वह रविवार को दोपहर में लगभग 2 बज कर 20 मिनट पर हँसिया (धारदार हथियार) लेकर तिरुप्पुर कोर्ट पहुँचा। वहाँ पर अमीर निशा अपनी माँ एडवोकेट जमीला के साथ कुछ मामलों की स्टडी कर रहीं थीं। इस दौरान आरोपित अब्दुल रहमान ने दोनों पर हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि रहमान ने धारदार हथियार का वार माँ-बेटी के गले, चेहरे और हाथों पर किया। हमले के बाद वो फरार हो गया। पीड़िता माँ और बेटी को अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ दोनों का इलाज चल रहा है।

पीड़िता जमीला बानू कुमारन सलाई महिला कोर्ट में सरकारी वकील हैं। पुलिस ने रहमान के खिलाफ IPC की धारा 307, 294 (B) और 447 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपित अब्दुल रहमान की तलाश कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सपा कार्यकर्ताओं को राम मंदिर-पौधरोपण का मुद्दा देकर खुद विदेश घूमने निकले अखिलेश जी: क्या UP चुनाव के लिए यही है आपकी राजनीति?

एक तरफ अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सत्ता हथियाने का ख्वाब बुन रहे हैं, दूसरी तरफ हर जरूरी मौकों पर विदेश यात्राएँ पर घूमने निकल पड़ते हैं।

पहले बनी मस्जिद, फिर बढ़ी मुस्लिम आबादी और उसके बाद बदल गया हिंदू बहुल इलाके का नाम: पाटन में ‘झापटपरा’ हो गया ‘इस्लामपुरा’, पढ़ें...

गुजरात के पाटन में हिंदू बहुल इलाके का नाम 'झापटपरा' से बदलकर अवैध तरीके से 'इस्लामपुरा' करने पर हिंदू नाराज हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट
- विज्ञापन -