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भीतर फँसे थे 3000 लोग, बाहर से हो रही थी फा​यरिंग: नल्हड़ शिव मंदिर से हिंदुओं को बचाने वाली IPS ममता सिंह ने बताए उस दिन के हालात

"जब मैं मंदिर पहुँची तो स्थिति बहुत क्रिटिकल थी। ढाई-तीन हजार लोग फँसे थे। चारों तरफ से फायरिंग हो रही थी। हमारी फोर्स वहाँ मौजूद थी पर इतनी संख्या में नहीं थी कि इतने लार्ज स्केल पर जिस तरह से फायरिंग हो रही थी, उसमें घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित बाहर लेकर जा सके क्योंकि एग्जिट का एक ही तरफ से रास्ता था।"

हरियाणा के मेवात के नूहं जिले में 31 जुलाई 2023 को हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया था। इस दौरान नल्हड़ महादेव मंदिर में हिंदुओं के बंधक बनने की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) ममता सिंह खुद मौके पर पहुँची थीं। उनकी अगुवाई में पुलिस ने हिंदू श्रद्धालुओं को बचाया था। इसके लिए उन्हें काफी सराहना भी मिली थी।

अब इंडिया टीवी से बातचीत में उन्होंने उस समय के हालात और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताया है। आईपीएस अधिकारी ने उस दिन की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 35-36 साल के पुलिस करियर में ऐसे मौके कम ही आते हैं, जब आपका सामना इस तरह के हालात से होता है। हालात पर काबू पाना, लोगों को भरोसा दिलाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर ले जाने जैसी चु​नौतियों से एक साथ जूझना पड़ता है।

ममता सिंह ने कहा, “जब मैं मंदिर पहुँची तो स्थिति बहुत क्रिटिकल थी। ढाई-तीन हजार लोग फँसे थे। चारों तरफ से फायरिंग हो रही थी। हमारी फोर्स वहाँ मौजूद थी पर इतनी संख्या में नहीं थी कि इतने लार्ज स्केल पर जिस तरह से फायरिंग हो रही थी, उसमें घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित बाहर लेकर जा सके क्योंकि एग्जिट का एक ही तरफ से रास्ता था।”

आईपीएस अधिकारी ने बताया कि मंदिर में फँसे लोगों में महिलाएँ, छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। पहाड़ी से फायरिंग हो रही थी। वे जानबूझकर उस हिस्से में फायरिंग कर रहे थे जिधर भीड़ होती थी ताकि नुकसान ज्यादा हो। अंधेरा होने के बाद भी फायरिंग नहीं रुकी तो हमें लगा कि स्थिति अब और खराब हो सकती है। फिर हमने टुकड़ियों में लोगों को निकालने का फैसला किया। कवर फायर देते हुए लोगों को जब हम बाहर निकाल रहे थे तब भी फायरिंग हुई थी। किस्मत से वह फायर एक गाड़ी को लगी। फिर देर रात तक टुकड़ियों में लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला चलता रहा।

मंदिर के बाहर की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि गाड़ियों में आग लगाए जाने के कारण और सीएनजी सिलिंडर्स में ब्लास्ट के कारण मंदिर के बाहर वाली सड़क से लोगों को ले जाना आसान नहीं था। इसलिए खेतों के रास्ते लोगों को बाहर निकालकर ले जाया गया। नल्हड़ मंदिर समेत आसपास के इलाकों में दंगाइयों के इकट्ठा होने में सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर ममता सिंह ने कहा है कि कुछ पोस्ट हटाए जा चुके हैं। टेक्निकल टीम अब भी काम कर रही है। 

गौरतलब है कि नूहं हिंसा को लेकर सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वाले करीब 100 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अधिकारियों और मंत्रालयों ने कार्रवाई शुरू की है।

मेवात के नूहं में शोभा यात्रा पर हुए हमले को ऑपइंडिया बड़े पैमाने पर कवरेज कर रहा है। पूरा कवरेज देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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