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‘पूरी दुनिया में लागू होगा इस्लामी कानून’: काबुल में सहमे अफगानियों ने तालिबान का किया स्वागत, गोपनीय दस्तावेज जलाकर निकलने को तैयार अमेरिका

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक ट्वीट कर काबुल पर हमला नहीं किए जाने का दावा किया और कहा कि वो देश की सुरक्षा और रक्षा बल शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत कर रहे हैं।

अफगानिस्तान में तालिबान ने अब वहाँ के आखिरी गढ़ काबुल को भेद दिया है औऱ तालिबानी कट्टरपंथी इस्लामी काबुल में प्रवेश कर गए हैं। इस बीच रायटर्स को नाटो के एक अधिकारी ने बताया है कि यूरोपीय यूनियन के कई कर्मचारियों को काबुल में ही एक अज्ञात स्थान पर सुरक्षित ले जाया गया है। इसी कड़ी में काबुल में अमेरिकी दूतावास में अहम गोपनीय दस्तावेजों को जलाना शुरू कर दिया है। दूतावास की छत से धुएँ का गुबार उठता देखा गया है।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी राजनयिक कागजातों को जला रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हालातों में 50 से भी कम अमेरिकी दूतावास के अधिकारी अब अफगानिस्तान में रुकेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि तालिबान ने अपने लड़ाकों को काबुल में किसी भी तरह की हिंसा नहीं करने को कहा है। वह शांतिपूर्ण तरीके से काबुल पर कब्जा करना चाहता है। तालिबान के अधिकारियों का दावा है कि वो अगले दो घंटे में काबुल पर कब्जा कर लेंगे।

हालाँकि, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने काबुल में छिटपुट गोलाबारी का दावा किया है। उन्होंने एक ट्वीट कर काबुल पर हमला नहीं किए जाने का दावा किया और कहा कि वो देश की सुरक्षा और रक्षा बल शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। हालात नियंत्रण में हैं। वहीं, खबर आ रही है कि बिना खून-खराबे से सत्ता हस्तांतरण के लिए बातचीत की प्रक्रिया चल रही है।

सैयद वासिफ अली द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक, तालिबानी आतंकियों के काबुल में घुसने के खबर के बाद काबुल के लोग काबुल गेट पर उनके स्वागत के लिए आ गए हैं।

एक अन्य वीडियो में यूजर ने दावा किया है कि हेरात में जिन हेलीकॉप्टर को तालिबान ने कब्जाया था उसने उन्हें संचालित करना शुरू कर दिया है।

सीएनएन को तालिबान एक कमांडर ने बताया, “यह हमारा विश्वास है कि एक दिन मुजाहिदीन की जीत होगी, और इस्लामी कानून न केवल अफगानिस्तान, बल्कि पूरी दुनिया में आएगा। हम जल्दी में नहीं हैं। हमें विश्वास है कि यह एक दिन आएगा। हम अंतिम दिन तक जिहाद करेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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