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कोलकाता में 5 बार नमाज पढ़ती थीं आगरा की 2 हिन्दू बहनें, इस्लाम से जन्नत नसीब होने की करती थीं बात: पिता ने बताया- रेस्क्यू ना होता तो निकाह करवा देता धर्मांतरण गैंग

दोनों बहनें पूरे दिन में 5 बार नमाज भी पढ़ती थीं। कमरे में रहकर इस्लाम की किताबें रट रहीं थी। पुलिस ने उनके पास से 'आतंकवाद और इस्लाम', 'आपकी अमानत आपकी सेवा में', 'धर्म परिवर्तन' जैसी कई किताबें भी बरामद की हैं।

कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से बचाई गई आगरा की दो सगी हिंदू बहनों के माता-पिता परेशान हैं। उन्हें बेटियों के भागने से पहले ही उनके ब्रेनवॉश होने का पता लग गया था। बेटियाँ इस्लामी धर्मांतरण गैंग के इस कदर प्रभाव में थीं कि वह उन्हें ही पूजा से रोकती थीं। यहाँ तक कि वह बचाए जाने के बाद भी घर लौटना नहीं चाहती थीं।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेटियों की माँ बताती हैं धर्मांतरण गैंग के प्रभाव में आने के बाद दोनों बहनें एक ही कमरें में पूरा दिन बिताने लगीं थी। उनके अनुसार, पहले बड़ी बेटी ब्रेनवॉश हुई, उसके बाद छोटी बेटी को भी उसने धर्मांतरण के लिए भड़काया था। फिर दोनों बहनों ने घर से भागने का प्लान बनाया और मार्च में अचानक गायब हो गईं।

पीड़िता के पिता ने बताया है कि उनकी शिकायत पर 4 मई 2025 को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। जाँच के बाद बच्चियों को कोलकाता से बचाकर ले आई। पिता ने दैनिक भास्कर को बताया, “पुलिस को सही वक्त पर बच्चियों को पता लग गया, ऐसा न होता तो मेरी कुँवारी बेटियों का अब तक निकाह करवा चुके होते।”

मदरसे वालों ने भेजा कोलकाता

आगरा की दोनों बहनें घर से भागने का प्लान पहले ही बना चुकी थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को जब परिजन घर से बाहर गए हुए थे, तभी दोनों बहने घर से ₹25 हजार रुपए और गहने लेकर भाग गईं और दिल्ली पहुँची। यहाँ एक कार्यालय में धर्म परवर्तन करवाने पहुँची, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। फिर एक मस्जिद गईं, यहाँ से उन्हें मदरसा भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मदरसे में उनकी मुलाकात जोया नाम की मुस्लिम युवती से हुई। जोया ने बहनों को ₹10 हजार रुपए दिए। तीन दिन यहाँ रहने के बाद बहनें बिहार होते हुए कोलकाता चली गईं। यहाँ उन्हें मोहम्मद इब्राहिम उर्फ रीत बनिक से मिलवाया गया।

इब्राहिम ने ही कोलकाता की मुस्लिम बस्ती में दोनों बहनों को कमरा दिलवाया। घर से साथ लाईं नगदी और गहनों से रोजाना का खर्चा निकालने लगीं।

कोलकाता के कमरे में इस्लाम रटती थीं दोनों लड़कियाँ

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों बहनें पूरे दिन में 5 बार नमाज भी पढ़ती थीं। कमरे में रहकर इस्लाम की किताबें रट रहीं थी। पुलिस ने उनके पास से ‘आतंकवाद और इस्लाम’, ‘आपकी अमानत आपकी सेवा में’, ‘धर्म परिवर्तन’ जैसी कई किताबें भी बरामद की हैं। पुलिस को शक है कि दोनों बहनें भी गैंग की सदस्य आयशा जैसा बनना चाहती थीं।

दोनों बहनें विदेश में मुस्लिम युवतियों के मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने तक की बातें भी करती थीं। पुलिस ने यह भी बताया था कि जब कोलकाता की मुस्लिम बस्ती में बहनों को लेने पहुँची थी, जब उन्होंने वापस आने से इनकार कर दिया था। बहनें इस्लाम से जन्नत नसीब होने की बातें करती थीं। तब बहनों की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षित आगरा वापस लाया गया था।

आगरा आकर भी जब घर जाने की बात कही, तो बड़ी बहन ने शर्त रख दी। लड़की का कहना था कि सभी पकड़े गए 10 आरोपितों को छोड़े जाने के बाद ही वह घर लौटेंगी। उसका कहना था कि ये लोग अच्छा काम करते हैं और अगर ये सभी जेल चले गए तो इन्हें जन्नत भी नसीब नहीं होगी।

क्या था मामला?

हाल ही में आगरा से जुड़े धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस गिरोह के तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इन्हें कनाडा, UAE और अमेरिका से फंडिंग मिलती थी। यह मामला आगरा की दो लापता बहनों की जाँच से सामने आया, जिन्हें कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से रेसक्यु किया गया।

मामले में पुलिस ने 10 आरोपितों को अलग-अलग राज्य से गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के बाद गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से ही धर्मांतरण गैंग से जुड़े नए-नए खुलासे हो रहे हैं। म बस्ती से बहनों को रेस्क्यू किया गया। यहाँ से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कई ऐसी

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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