Homeदेश-समाजसरकारी शिक्षिका का रेप कर वीडियो बनाने वाले आमिर को यूपी पुलिस ने दबोचा,...

सरकारी शिक्षिका का रेप कर वीडियो बनाने वाले आमिर को यूपी पुलिस ने दबोचा, बना रहा था इस्लाम कबूलने का दबाव

आमिर ने रेप का वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसके साथ ही उसके अम्मी-अब्बू, भाई और बहन समेत सभी लगातार उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगे।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहाँपुर में सरकारी महिला शिक्षक का रेप (Rape) और उसका वीडियो बनाकर उस पर धर्मान्तरण (Conversion) कर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाने के आरोपित आमिर को यूपी पुलिस ने दबोच लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपित वीडियो के बल पर ब्लैकमेल कर उससे निकाह करने के लिए दबाव बना रहा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शाहजहाँपुर के काँठ थाना क्षेत्र की है। यहीं 28 वर्षीय हिंदू युवती एक सरकारी स्कूल टीचर है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि 4 मई का दिन था जब वो स्कूल का काम खत्म करने के बाद अपने घर की तरफ जा रही थी। उसी दौरान उसे बरेंडा गाँव का रहने वाला आरोपित आमिर मिला। पीड़िता का स्कूल भी बरेंडा गाँव में ही था, जिस कारण से वो उसे जानती थी। ऐसे में जब आमिर ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा तो जान पहचान के नाते वो तैयार हो गई।

पीड़िता को आमिर के इरादों के बारे में भनक तक नहीं थी। जिले के एसपी संजय कुमार के मुताबिक, आरोपित जब पीड़िता को उसके घर छोड़ने के लिए लेकर जा रहा था तो रास्ते में मौका देखकर उसने उसे कुछ नशीला पदार्थ सुँघा दिया, जिससे वो बेहोश हो गई और मौका देखकर आरोपित उसे अपने घर ले गया। वहाँ ले जाने के बाद उसने उसके साथ रेप किया और इसका वीडियो भी बना लिया।

बना रहे धर्मान्तरण का दबाव

आमिर ने रेप का वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसके साथ ही उसके अम्मी-अब्बू, भाई और बहन समेत सभी लगातार उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में इसकी शिकायत की। इस मामले में पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी पाँचों के खिलाफ रेप औऱ विधि विरुद्ध धर्मान्तरण समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। बहरहाल सभी आरोपित फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया है। पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बोर्ड ऑफ पीस’ लाएगा गाजा में शांति? थर्ड पार्टी फोर्स से UN की विश्वसनीयता पर उठते सवाल

गाजा ही नहीं दुनिया के कई संवेदनशील जगहों में क्षेत्रीय संगठनों, विशेष गठबंधनों या इंटरनेशनल टास्क फोर्स ने संयुक्त राष्ट्र की जगह ले ली है।

Meta पर ₹5000 करोड़ का जुर्माना, जानें क्या है न्यू मेक्सिको में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का मामला: इससे बच्चों में बढ़ रहा...

न्यू मेक्सिको की कोर्ट ने मेटा पर करीब 5 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया। बच्चो के मानसिक स्वास्थ्य, AI चैटबॉट्स और ऑनलाइन शोषण को लेकर उठे सवाल।
- विज्ञापन -