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CAA पर बवाल में जख्मी तारिक AMU में पढ़ाएगा: जिस VC को छात्रों ने ‘निष्कासित’ किया था उसकी मुहर

"मानवीय आधार पर वीसी ने मोहम्मद तारिक को एडहॉक पर केमेस्ट्री डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किया है। जिस दिना हिंसा हुई थी तारिक के हाथ में गंभीर चोटें आई थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए केमेस्ट्री फैकल्टी से सलाह-मशविरे के बाद उसकी नियुक्ति की गई है।"

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के नाम पर हुई हिंसा के दौरान जख्मी हुए लोगों को पुरस्कृत करने का काम शुरू हो गया है। पहले दिल्ली के जामिया हिंसा के दौरान घायल मिन्हाज को आप विधायक अमानतुल्लाह ने 5 लाख रुपए देते हुए वक्फ बोर्ड में नौकरी देने का ऐलान किया था। अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) ने अपने यहॉं हुए बवाल में जख्मी छात्र मोहम्मद तारिक को एडहॉक पर असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति केमेस्ट्री डिपार्टमेंट में की गई है।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने मानवीय आधार पर उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। एएमयू के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है, “मानवीय आधार पर वीसी ने मोहम्मद तारिक को एडहॉक पर केमेस्ट्री डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त किया है। तारिक के पास पीएचडी की डिग्री है और उसने NET और JRF भी क्वालिफाई कर रखा है। जिस दिना हिंसा हुई थी तारिक के हाथ में गंभीर चोटें आई थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए केमेस्ट्री फैकल्टी से सलाह-मशविरे के बाद उसकी नियुक्ति की गई है।”

बता दें कि जिस वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी है उन्हें रविवार (22 दिसंबर) को अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के तुरंत बाद, शिक्षकों, छात्रों और ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों ने निष्कासित कर दिया था। बाक़ायदा नोटिस जारी कर बताया गया था कि वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर तारिक मंसूर और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एस अब्दुल हामिद को निष्कासित कर दिया गया है। जब तक दोनों इस्तीफा नहीं देंगे और कैंपस छोड़कर नहीं जाएँगे तब तक सभी लोग विश्वविद्यालय प्रशासन का बहिष्कार करेंगे।

छात्रों का आरोप था कि वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने ही कैंपस में यूपी पुलिस को विरोध-प्रदर्शन के दौरान अंदर घुसने की अनुमति दी थी। ग़ौरतलब है कि नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के नाम पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 15 दिसंबर 2019 को जमकर बवाल कटा था। छात्रों ने एडमिशन ब्लॉक के बाहर निकलकर पुलिस पर पथराव और हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले दागने पड़े थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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