Tuesday, May 18, 2021
Home देश-समाज हिंदुस्तान की पहली घटना! अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ही वाइस चांसलर को...

हिंदुस्तान की पहली घटना! अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ही वाइस चांसलर को किया ‘निष्कासित’

इसी से पता चलता है AMU के छात्रों का स्टैंडर्ड! जहाँ के छात्रों को अपनी यूनिवर्सिटी के नियम-कानून का अता-पता नहीं है, वो CAA-NRC को क्या खाक समझ पाएँगे!

रविवार (22 दिसंबर) को अलीगढ़ में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के तुरंत बाद, शिक्षकों, छात्रों और ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों ने अपने वाइस चांसलर को निष्कासित कर दिया। बाक़ायदा एक नोटिस जारी करते हुए, यह कहा गया कि उन्होंने अपने वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर तारिक मंसूर और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एस अब्दुल हामिद को निष्कासित कर दिया है। उन्होंने कहा कि वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार से अनुरोध है कि वे वीसी लॉज और रजिस्ट्रार के लॉज को खाली कर दें। नोटिस में घोषित किया गया है कि सभी लोग तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन का बहिष्कार करेंगे, जब तक यह दोनों अपना इस्तीफ़ा नहीं दे देते और कैंपस छोड़कर चले नहीं जाते।

AMU के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को निष्कासित किए जाने का नोटिस (साभार: रिपब्लिक टीवी)

इन सबके मद्देनज़र ध्यान देने वाली बात यह है कि नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में उतरे AMU छात्रों को यह तक नहीं मालूम कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और वाइस चांसलर को पद से हटाने की भी एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में भी राष्ट्रपति को ही निर्णय लेना होता है। लेकिन, AMU के छात्रों-शिक्षकों ने मिलकर (वैसे कितने शिक्षक इसमें शामिल हैं, इस पर संशय है क्योंकि जिस लेटर हेड पर यह सूचना आई है, वो छात्रों का है, न कि शिक्षक संघ का) अपनी मर्ज़ी से वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को निष्कासित कर दिया। इसी से पता चलता है AMU के छात्रों का स्टैंडर्ड! जहाँ के छात्रों को अपनी यूनिवर्सिटी के नियम-कानून का अता-पता नहीं है, वो CAA-NRC को क्या खाक समझ पाएँगे!

दरअसल, AMU के छात्र नेताओं ने रविवार (15 दिसंबर) को AMU में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों के ख़िलाफ़ “पुलिस अत्याचार” और “राज्य दमन” की कड़ी निंदा करते हुए AMU के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के इस्तीफ़े की माँग की थी।

ख़बर के अनुसार, छात्रों का आरोप था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने ही कैंपस में यूपी पुलिस को विरोध-प्रदर्शन के दौरान अंदर घुसने की अनुमति दी थी। उन्होंने हिंसा के बाद कहा था कि उग्र भीड़ से छात्रों की जान और विश्वविद्यालय सम्पत्ति को नुक़सान हो सकता था। इसके बाद स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले दागने पड़े थे।

बता दें कि नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के बाद, अलीगढ़ में इंटरनेट कनेक्शन बंद होने के सात दिन बाद, अधिकारियों ने रविवार को सेवा बहाल कर दी। बंद के बारे में सूचित करते हुए ज़िला मजिस्ट्रेट ने 15 दिसंबर को कहा था, “छात्रों द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन के बाद, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ असामाजिक तत्व भड़काऊ संदेशों को प्रसारित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कर लोगों के बीच हिंसा भड़का सकते हैं। सोशल मीडिया पर हिंसात्मक सामग्री की रोकथाम के लिए इंटरनेट सेवाएँ रात 10 बजे से अगली रात 10 बजे तक बंद रहेगी।” 

ग़ौरतलब है कि नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के नाम पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 15 दिसंबर 2019 को जमकर बवाल कटा था। छात्रों ने एडमिशन ब्लॉक के बाहर निकलकर पुलिस पर पथराव और हवाई फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर रबर बुलेट दागी। यूनिवर्सिटी में माहौल बिगड़ता देख 5 जनवरी 2020 तक कॉलेज को बंद कर दिया गया और देर रात ही सभी हॉस्टल खाली करा लिए गए थे।

‘जंग की मशाल उठाकर करो प्रदर्शन’ – AMU में भड़काऊ स्पीच देने पर डॉ कफील खान हिरासत में

AMU के छात्रों ने किया पथराव, हवाई फायरिंग: कैंपस में दाखिल हुई पुलिस, हॉस्टल खाली कराए

AMU में हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारों के साथ नागरिकता संशोधन बिल की जलाई कॉपियाँ, 720 पर FIR

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हरियाणा की सोनिया भोपाल में कॉन्ग्रेस MLA के बंगले में लटकी मिली: दावा- गर्लफ्रेंड थी, जल्द शादी करने वाले थे

कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रह चुके उमंग सिंघार और सोनिया की मुलाकात मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए हुई थी।

‘ये असाधारण परिस्थिति, भीड़तंत्र का राज़ नहीं चलेगा’: कलकत्ता HC ने चारों TMC नेताओं की जमानत रोकी, भेजे गए जेल

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक इन चारों आरोपित नेताओं को जुडिशल कस्टडी में रखा जाए।

क्यों पड़ा Cyclone का नाम Tauktae, क्यों तबाही मचाने आते हैं, जमीन पर क्यों नहीं बनते? जानिए चक्रवातों से जुड़ा सबकुछ

वर्तमान में अरब सागर से उठने वाले चक्रवाती तूफान Tauktae का नाम म्याँमार द्वारा दिया गया है। Tauktae, गेको छिपकली का बर्मीज नाम है। यह छिपकली बहुत तेज आवाज करती है।

क्या CM योगी आदित्यनाथ को ग्रामीणों ने गाँव में घुसने से रोका? कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथी पत्रकारों के फर्जी दावे का फैक्ट चेक

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “आपने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया है वह निराधार और भ्रामक है। यह फेक न्यूज फैलाने के दायरे में आता है।"

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

नारदा केस में विशेष CBI कोर्ट ने ममता बनर्जी के चारों मंत्रियों को दी जमानत, TMC कार्यकर्ताओं ने किया केंद्रीय बलों पर पथराव

नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार (17 मई 2021) की शाम को ममता बनर्जी के चारों नेताओं को जमानत दे दी।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

ईसाई धर्मांतरण की पोल खोलने वाले MP राजू का आर्मी हॉस्पिटल में होगा मेडिकल टेस्ट, AP सीआईडी ने किया था टॉर्चर: SC का आदेश

याचिकाकर्ता (राजू) की मेडिकल जाँच सिकंदराबाद स्थित सैन्य अस्पताल के प्रमुख द्वारा गठित तीन सदस्यीय डॉक्टरों का बोर्ड करेगा।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
95,681FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe