Homeदेश-समाज'गौ तस्करों ने मेरे भाई की जान ले ली, प्रतिबंधित पशुओं को बचाने के...

‘गौ तस्करों ने मेरे भाई की जान ले ली, प्रतिबंधित पशुओं को बचाने के लिए वो अकेला ही लड़ गया कसाइयों से’

सोनू पियानो की प्रैक्टिस कर रहा था। रात में अचानक उसे एक आहट सुनाई पड़ी। उसने उठकर देखा कि एक पिकअप गाड़ी में कुछ अज्ञात लोग प्रतिबंधित पशुओं को लाद रहे थे। उसने जब ललकारा तो सोनू को अकेला पाकर कसाइयों ने...

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी का विरोध करना 23 वर्षीय सोनू के लिए जानलेवा बन गया। कसाइयों ने उसे गोली मार दी और भाग गए। न सिर्फ सोनू बल्कि उसके बचाव में आए परिवार वालों को भी कसाइयों ने मारा-पीटा।

ख़बर के अनुसार, सोनू जागरण ऑर्केस्ट्रा पार्टी में पियानो बजाने का काम करता था। इसके अलावा उसने एक शॉर्ट फिल्म में भी काम किया था। सोनू खाना खाने के बाद रोज पियानो की प्रैक्टिस किया करता था। बुधवार को भी वो खाना खाने के बाद प्रैक्टिस कर रहा था। रात में अचानक उसे एक आहट सुनाई पड़ी। उसने उठकर देखा कि एक पिकअप गाड़ी में कुछ अज्ञात लोग प्रतिबंधित पशुओं को सड़क पर लाद रहे थे। सोनू ने इसका विरोध किया और उन्हें ललकारा। लेकिन सोनू को अकेला पाकर कसाइयों ने उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।

कसाइयों और सोनू के बीच मार-पीट के कारण उसके परिजन भी नींद से जागकर बाहर आ गए। इसके बाद परिजनों और कसाईयों के बीच भी मारपीट हुई। लेकिन जब समाज के और भी लोग जाग गए तो अपना पलड़ा हल्का होते देख कसाईयों ने हवा में फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक गोली सोनू को लग गई, तभी मौक़ा देख कसाई अपनी गाड़ी लेकर वहाँ से फ़रार हो गए।

गंभीर हालत में घायल सोनू को पहले बिलसंडा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत को देखते हुए उसे ज़िला संयुक्त चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। यहाँ भी उसकी हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद सोनू को बरेली के अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। लेकिन, रास्ते में ही सोनू ने दम तोड़ दिया

मृतक सोनू की बहन रामगीता का कहना है कि गौ तस्करों ने उसके भाई की जान ली है। उधर, पुलिस अधीक्षक मनोज सोनकर, अपर पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्र, एसडीएम सौरभ दुबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण मलिक, थाना प्रभारी निरीक्षक एसके सिंह आदि फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुँचे। एसपी ने सोनू के परिजनों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली।

पुलिस द्वारा FIR में कसाइयों का ज़िक्र न किए जाने से लोगों में आक्रोश पनप गया। इस पर हिन्दू युवा वाहिनी समेत कई संगठनों ने पुलिस अधिकारियों से शिक़ायत की। उन्होंने इस घटना के ख़ुलासे के लिए पुलिस प्रशासन को 48 घंटे की मोहलत दी है। साथ ही मृतक के परिजनों के लिए मुआवज़े के तौर पर 25 लाख रुपए की माँग भी की। एसपी ने घटना के ख़ुलासे के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया है और अनहोनी घटना की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस को मोहनपुर गाँव में तैनात कर दिया।


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -