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अवैध तरीके से लगाई गई आंबेडकर की मूर्ति हटाने पर बवाल: SDM को ज़िंदा जलाने की कोशिश, कई घरों को फूँक डाला, सरकार जमीन पर जमा लिया था कब्ज़ा

प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई मानने को तैयार ही नहीं हो रहे थे।

मध्य प्रदेश के भिंड जिले का लहार कस्बा चर्चा में है। चर्चा का कारण है डॉ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा। ये घटना लहार कसबके में स्थित एक दलित की बस्ती है। वहाँ पर सरकारी जमीन स्थित है, जहाँ रातों रात बाबा साहेब की मूर्ति किसी ने लगा दी। सुबह हुई तो किसी ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की। जब एसडीएम ने मूर्ति को हटवाने की कोशिश की तो लोगों ने उन्हें जिंदा जला डालने की कोशिश की।

गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की टीम पर पत्थर और गोबर फेंके। मामला यहीं नहीं रुकता, बल्कि बाबा साहेब की मूर्ति हटाने की कोशिश से ये लोग इतने अधिक आक्रोशित थे कि इन्होंने अपनी ही झोपड़ियों में आग लगा दी। लोगों ने जमकर नारेबाजी की। , हालाँकि एसडीएम विवेक केवी ने काफी देर तक लोगों को समझाने की कोशिश की तब जाकर लोगों को शांत किया जा सका।

एसडीएम ने लोगों को बताया कि प्रशासन बाबा साहेब की मूर्ति के खिलाफ नहीं है। दरअसल वो मूर्ति सरकारी जमीन पर लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कानूनी तरीके से मूर्ति को स्थापित किया जा सकता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अधिकारी लोगों को समझाने की कोशिशें कर रहे हैं और आसपास झोपड़ियाँ धू-धू कर जल रही हैं।

उल्लेखनीय है कि गलत तरीके से अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर लहार तहसील के वार्ड क्रमांक 14 के कृष्णा पत्नी स्व सीताराम राठौर ने एसडीएम प्रशिक्षु आइएएस विवेक केवी से शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगा दी है। मूर्ति हटाने की कहने पर लोग उससे मारपीट कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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