Saturday, July 13, 2024
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हथियार लहराती मुस्लिम भीड़ और दलित परिवार के बीच खड़ा हो गया ‘बजरंग दल’… पटौदी में गोलीबारी और पत्थरबाजी: बच्चे पर थूक देते हैं, पहले भी किए हमले

मामला पटौदी के मोहल्ला बाबरशाह का है। यहाँ दलित समुदाय के राकेश अपने परिवार के साथ रहते हैं। राकेश का आरोप है कि उसी मोहल्ले के मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग एक लम्बे समय से उन्हें और उनके परिवार को तंग कर रहे हैं।

गुरुग्राम के पटौदी में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ मुस्लिम भीड़ द्वारा एक दलित परिवार पर हमला किया गया है। इस दौरान घातक हथियार लहराने के साथ पत्थरबाजी और आगजनी की भी सूचना है। दलित परिवार की मदद के लिए आए ‘बजरंग दल’ सदस्यों को भी निशाना बनाया गया है। बताया जा रहा है कि मुस्लिम भीड़ के डर से दलित परिवार ने घर से भी निकलना बंद कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना सोमवार (6 फरवरी, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला पटौदी के मोहल्ला बाबरशाह का है। यहाँ दलित समुदाय के राकेश अपने परिवार के साथ रहते हैं। राकेश का आरोप है कि उसी मोहल्ले के मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग एक लम्बे समय से उन्हें और उनके परिवार को तंग कर रहे हैं। पीड़ित के मुताबिक, उन्हें घातक हथियार दिखा कर डराया जाता है। बताया जा रहा है कि इस डर से राकेश और उनके परिजनों ने घर से एक सप्ताह तक निकलना ही बंद कर दिया था। राकेश का दावा है कि आरोपितों द्वारा हथियार लहराने और धमकाने के वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं।

राकेश का कहना है कि उन्होंने अपनी प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से कई बार की। इस बाबत उन्होंने सबूत भी दिखाए लेकिन, पुलिस ने आरोपितों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस से निराश हो कर राकेश ने रेवाड़ी में रहने वाले कुछ परिचितों को फोन किया। वहाँ से दलित परिवार की प्रताड़ना की जानकारी बजरंग दल वालों को दी गई। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात लगभग 9 बजे बजरंग दल कार्यकर्ता रेवाड़ी और गुरुग्राम से जा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर के उनका हाल-चाल ले रहे थे।

आरोप है कि इसी दौरान लगभग 250 हमलावरों की भीड़ ने दलित परिवार को निशाना बना कर हमला कर दिया। हमले में राकेश के घर पर मौजूद बजरंग दल के सदस्यों को भी टारगेट किया गया। भीड़ के हाथों में हथियारो के साथ पत्थर भी बताए जा रहे हैं। हमलावर भीड़ ने पीड़ित राकेश के मकान में तोड़फोड़ की। इस दौरान कई राउंड गोलियाँ भी चलाए जाने की सूचना है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जिसके पेट में गोली लगी है। यह गोली हमलावर भीड़ द्वारा चलाने का आरोप है।

आरोप है कि पत्थरबाजी कर रही भीड़ ने राकेश के घर के आस-पास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। इस बीच मौके पर मौजूद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार की महिलाओं और बच्चो को बचा कर सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। हिन्दू संगठन के सदस्यों द्वारा ही पुलिस को सूचित किया गया। घटना की जानकारी होते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा। भीड़ को बल प्रयोग कर के तितर-बितर किया गया। आस-पास के डरे लोगों का कहना है कि अगर उस समय पीड़ित परिवार का कोई व्यक्ति हमलावर भीड़ के हत्थे चढ़ गया होता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

थूक देते हैं ऊपर

दलित परिवार की महिलाओं ने बताया कि मुस्लिमों द्वारा उनके बच्चे को लगातार जाति सूचक शब्द बोले जाते हैं। आरोप है कि घर से बाहर निकलने पर पीड़ित परिवार के बच्चे पर थूक भी दिया जाता है। राकेश के परिवार की महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार मुस्लिमों से जा कर अपने बच्चे को छोड़ देने की मिन्नत की लेकिन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। आरोप है कि दर्जनों लोगों ने कुछ दिन पहले घर में घुस पर पीड़ितों को मार डालने की धमकी दी थी। पीड़ित परिवार दूसरे के घरों में झाड़ू पोंछा कर के रोजी-रोटी कमाता है।

पहले भी हो चुके हैं हमले

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया में डाली गई किसी पोस्ट पर शुरुआत में दोनों पक्षों के बच्चों के बीच विवाद शुरू हुआ था। बाद में यही विवाद बढ़ कर बवाल का रूप ले लिया। मौके पर पहुँचे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं के मुताबिक मुस्लिम भीड़ इस से पहले भी राकेश के परिवार पर 3 से 4 बार हमला कर चुकी है। पिछली घटना 5 दिसंबर की बताते हुए हिन्दू संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि उस मामले में भी पुलिस ने कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है।

विवाद की वजह को हिन्दू संगठनों ने राकेश के घर के पड़ोसी मुस्लिमों द्वारा आए दिन शराब के नशे में बच्चों के साथ मारपीट और दंबगई दिखाना बताया है।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद मोनू मानेसर नाम के हिन्दू संगठन पदाधिकारी का कहना था कि हमलावर भीड़ के निशाने पर राकेश के घर की महिलाएँ और बच्चे थे। उन्होंने बताया कि वो खुद अपने साथियों के साथ राकेश के परिजनों को बचाते हुए हमलावर भीड़ से घिर गए थे। मोनू का कहना है कि अगर पुलिस मौके पर न पहुँचती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस दौरान उन्होंने हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ के साथ कुछ सदस्यों के घायल होने की भी जानकारी दी। फ़िलहाल मामले की शिकायत पुलिस में कर दी गई है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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