Homeदेश-समाजमुंबई में मजूदरी करता था जफर, इधर ताबीज-दुआ बाँटते-बाँटते उसकी बीवी से मौलाना ने...

मुंबई में मजूदरी करता था जफर, इधर ताबीज-दुआ बाँटते-बाँटते उसकी बीवी से मौलाना ने बना लिए संबंध: फिर हत्या कर लाश फेंक दी

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में जफर अली की हत्या में पुलिस ने अशफाक नाम के मौलाना सहित तीन को गिरफ्तार किया है। मौलाना और जफर की बीवी नजमा के बीच अवैध संबंध बताए जा रहे हैं। कत्ल में नजमा ने भी उसका साथ दिया था। तीसरे गिरफ्तारी की पहखन सलीम के तौर पर हुई है। जफर की हत्या 25 जनवरी 2023 को हुई थी।

बलरामपुर पुलिस के मुताबिक मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र का रहने वाला जफर मुंबई में मजदूरी करता था। उसका अब्बा भी मजदूर था और अम्मी की मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी बीवी नाजमा खातून और 3 छोटे बच्चे थे। कुछ समय पहले जफर के घर के बगल में बलरामपुर के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के गाँव गदाखौवा मजरे नैकिनिया का रहने वाला मौलाना अशफाक आ कर रहने लगा। यहाँ वह लोगों को दुआ और ताबीज बाँटता था।

पुलिस ने बताया कि जफर की बीवी नाजमा भी मौलाना अशफाक से दुआ और ताबीज ले रही थी। इस दौरान दोनों के बीच संबंध बन गए। इस बीच जफर ने मुंबई से लौटकर अपने जिले में ही काम-धंधे का प्लान बनाया। इसकी जानकारी मिलने के बाद जाफर की बीवी और मौलाना परेशान हो उठे। दोनों ने मिलकर जफर को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।

प्लान के मुताबिक मौलाना ने फोन पर जफर से दोस्ती की। 24 जनवरी को जफर ने मुंबई से ट्रेन पकड़ी। 25 जनवरी को रास्ते में दवा के बहाने जफर ने तुलसीपुर रेलवे स्टेशन पर उसे ट्रेन से उतार लिया। यहाँ से वह जफर को अपने साथ ले गया और सलीम के साथ मिल गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। लाश उसी रात सरयू नहर में फेंक दी। 4 दिनों बाद जफर की लाश 29 जनवरी को सोनपुर धुतकहवा गाँव के पास बरामद हुई थी।

इस मामले की जाँच करते हुए पुलिस ने जफर सहित उसकी बीवी की कॉल डिटेल खँगाली। यहीं से मौलाना अशफाक का नंबर प्रकाश में आया। पुलिस ने पहले नजमा को 31 जनवरी 2023 को गिरफ्तार किया। नाजमा ने पूछताछ में पूरी पोल खोल दी और और रविवार (5 जनवरी 2023) को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए मौलाना अशफाक के साथ उसके साथी सलीम को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से कत्ल में प्रयोग हुई बाइक, जफर का बैग और कपड़े, बेहोश करने में प्रयोग हुई नशीली दवा बरामद की गई है। सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हर कब्र-दरगाह वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं: मद्रास हाई कोर्ट, कहा- सिर्फ इस्लाम से जुड़े होने के कारण बोर्ड नहीं कर सकता कब्जा; जानिए क्या...

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिनलाडु वक्फ बोर्ड के 240 साल पुराने दरगाह को वक्फ संपत्ति बताने के दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने दरगाह की भूमि पर पारिवारिक दावा माना।

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।
- विज्ञापन -