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बांद्रा में घर जाने की माँग के साथ जमा हुए हज़ारों मजदूर: महाराष्ट्र पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, उद्धव चुप

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 2455 मामले सामने आए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। अकेले मुंबई में 1540 कोरोना के मरीज मिले हैं, जितने किसी भी राज्य में नहीं हैं। ऐसे में बॉलीवुड की प्रशंसा के बावजूद उद्धव ठाकरे की नेतृत्व-क्षमता पर प्रश्नचिह्न तो लगा ही हुआ है। अब ,महाराष्ट्र पुलिस द्वारा मजदूरों की पिटाई होने के बाद उनकी आलोचना फिर से शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की घोषणा की है। अब ये 3 मई तक रहेगा। अतः, मेट्रो व ट्रेन्स से लेकर फ्लाइट्स तक भी 3 मई तक बंद ही रहेंगे। इसी बीच देश में कोरोना वायरस का बड़ा हॉटस्पॉट बने मुंबई से एक बड़ी ख़बर आई है।

वहाँ बांद्रा में हज़ारों की संख्या में प्रवासी मजदुर जुट गए,जो अपने घर जाने की माँग कर रहे थे। पुलिस ने उन मजदूरों को तितर-बितर करने के लिए लाठियाँ चटकाई हैं। ये मजदूर माँग कर रहे हैं कि इन्हें वापस इनके घर भेजा जाए, जो दूसरे राज्यों में है।

इस दौरान लोगों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना की, जो तीन दलों की संयुक्त सरकार चला रहे हैं। उद्धव के बारे में जिस तरह से सोशल मीडिया के सेलेब्रिटीज ने कसीदे पढ़े हैं, उसके बाद लोग उन्हें मजाक में ‘यूनेस्को सर्टिफाइड बेस्ट सीएम’ कहने लगे हैं। लोगों ने कहा कि शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा इस तरह से मजदूरों का उत्पीड़न करना सही नहीं है। शांति से समझा-बुझा कर उनके लिए व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 2455 मामले सामने आए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। अकेले मुंबई में 1540 कोरोना के मरीज मिले हैं, जितने किसी भी राज्य में नहीं हैं। ऐसे में बॉलीवुड की प्रशंसा के बावजूद उद्धव ठाकरे की नेतृत्व-क्षमता पर प्रश्नचिह्न तो लगा ही हुआ है। अब ,महाराष्ट्र पुलिस द्वारा मजदूरों की पिटाई होने के बाद उनकी आलोचना फिर से शुरू हो गई है। अभी तक महाराष्ट्र सरकार ने इस पर कुछ नहीं कहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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