Homeदेश-समाजममता के मंत्री मलय घटक के 6 ठिकानों पर CBI ने मारी रेड, अलमारी...

ममता के मंत्री मलय घटक के 6 ठिकानों पर CBI ने मारी रेड, अलमारी के ताले तोड़कर तलाशी ली: TMC समर्थकों ने हंगामा मचाया

राज्य में चल रही सीबीआई रेड में जाँच एजेंसी की 8 टीमें लगी हुई हैं। मलय घटक के घर छापेमारी कर यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि कहीं उनका भी हाथ कोयला घोटाले में तो नहीं।

कोयला तस्करी मामले की छानबीन के दौरान सीबीआई ने आज (7 सितंबर 2022) पश्चिम बंगाल में आसनसोल और कोलकाता समेत 6 जगहों पर छापेमारी की। ये सारी छापेमारी बंगाल के कानून व श्रम मंत्री मलय घटक (Moloy Ghatak) के ठिकानों पर की गई। इसमें एक जगह मलय घटक के भाई अभिजीत घटक से जुड़ी है और दूसरा बेटे-बहू का घर है।

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की 8 टीमें समूहों में विभाजित होकर बुधवार की सुबह अपने सुरक्षा दस्ते के साथ कानून मंत्री से जुड़े ठिकानों पर पहुँचीं और छापेमारी शुरू हुई। इसी बीच टीएमसी समर्थक भी उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने वहाँ ‘मलय घटक जिंदाबाद’, ‘सीबीआई दूर हटो’ के नारे लगाए।

लेक गार्ड का घर जहाँ मंत्री का बेटा और बहू रहते हैं वहाँ पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में सीबीआई अधिकारियों ने ताला खुलवाकर अंदर एंट्री की और अलमारी का लॉक तोड़कर लॉकर की तलाशी ली गई।

कथिततौर पर, मलय के घर छापेमारी कर यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि कहीं उनका भी हाथ कोयला घोटाले में तो नहीं। इससे पहले कोयला तस्करी केस में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ हो चुकी है। वहीं खुद मलय से सीबीआई से पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी पूछताछ की।

कोयला तस्करी मामला

उल्लेखनीय है कि कोयला तस्करी से जुड़ा मामला साल 2020 में दर्ज किया गया था। आरोप था कि हजारों करोड़ रुपए के अवैध रूप से खनन किए गए कोयले को बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में रैकेट द्वारा बेचा गया। इसके अलावा शिकायत में ये भी बताया गया कि तस्करी से आए पैसों को नेताओं तक पहुँचाया गया।

अब जाँच एजेंसियाँ इसी आधार पर टीएमसी नेताओं से पूछताछ कर रही हैं। इस मामले में पिछले साल ईडी ने विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी। आरोपितों में विनय मिश्रा, विकास और अशोक मिश्रा को आरोपित बनाया था। इसके अलावा केस में 8 आईपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ हुई थी।

घोटालों में TMC नेताओं का नाम

बता दें कि बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई नेता इन दिनों अलग-अलग घोटाले मामले में जाँच एजेंसियों की रडार पर हैं। इनमें अभिषेक बनर्जी, मलय घटक का नाम जहाँ कोयला तस्करी मामले में है। वहीं पार्थ चटर्जी से एसएससी स्कैम में और अनुब्रत मंडल से पशु तस्करी मामले में है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -