Homeराजनीतिबंगाल में अब BJP प्रत्याशी के देवर की हुई हत्या, ममता बनर्जी की पार्टी...

बंगाल में अब BJP प्रत्याशी के देवर की हुई हत्या, ममता बनर्जी की पार्टी पर लगा आरोप: TMC विधायक बोले- उसे मारने से कोई फायदा नहीं था

BJP उम्मीदवार के परिवार की हत्या पर TMC विधायक उदयन गुहा ने कहा, "संभू दास की हत्या के पीछे क्या मकसद हो सकता है? अगर किसी को मारने की जरूरत थी तो वह उसकी भाभी या उसका भाई हो सकता था। टीएमसी को बीजेपी प्रत्याशी के देवर की हत्या करने से कोई फायदा नहीं है।"

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के मतदान से पहले जारी हिंसा के बीच कूचबिहार में बीजेपी प्रत्याशी की देवर की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान संभू दास के रूप में हुई है। मृतक के परिवार का कहना है कि कुछ बदमाशों ने शनिवार (17 जून 2023) की रात उन्हें बुलाया और चाकू मारकर हत्या कर दी।

संभू दास की भाभी विशाखा दास पंचायत चुनाव में किस्मत दासग्राम से भाजपा की उम्मीदवार हैं। कूचबिहार के दिनहाटा में मृतक का शव नदी के किनारे से बरामद किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भाजपा ने हत्या का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर लगाया है।

पुलिस के अनुसार, “रविवार (18 जून 2023) की सुबह हमें सूचना मिली कि एक शव खेत के पास पड़ा हुआ है, जिस पर चाकुओं के घाव हैं। मृतक की पहचान 28 वर्षीय संभू दास के रूप में हुई। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और शव को बरामद किया। उसे एक अस्पताल में भेजा गया है, जहाँ जाँच चल रही है।”

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेता उदयन गुहा ने कहा, “बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि इस हत्या में टीएमसी कार्यकर्ता शामिल हैं। अगर बंगाल की सड़कों पर कुत्ते या लोमड़ी की भी लाश मिलती है तो बीजेपी टीएमसी को दोष देगी।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उदयन गुहा ने आगे कहा, “संभू दास की हत्या के पीछे क्या मकसद हो सकता है? अगर किसी को मारने की जरूरत थी तो वह उसकी भाभी या उसका भाई हो सकता था। टीएमसी को बीजेपी प्रत्याशी के देवर की हत्या करने से कोई फायदा नहीं है।”

गुहा ने आगे कहा, “संभू का राजनीति से कोई संबंध नहीं था। वह एक शिक्षक था। हमें पता चला है कि उसकी हत्या एक महिला से जुड़ी है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी माँ को हम जानते हैं।” वहीं, भाजपा ने कहा कि वह नामांकन में अपनी भाभी के प्रस्तावक थे, इसलिए उनकी हत्या की गई।

बता दें कि इसी दिनहाटा में शनिवार (17 जून 2023) को केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता निशीथ प्रमाणिक के काफिले पर हमला किया गया था। इस हमले में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए थे। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा था कि उदयन गुहा ने यह हमला करवाया है। उन्होंने काफिले पर बम फेंकने का आरोप लगाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -